{"_id":"148-48668","slug":"Kasganj-48668-148","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षक-कर्मचारी सरकार से लड़ने को तैयार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षक-कर्मचारी सरकार से लड़ने को तैयार
Kasganj
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
एटा। शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन ने कहा कि शिक्षक और कर्मचारियों के प्रति अड़ियल रुख अपना रही प्रदेश सरकार के विरुद्ध अब आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। आश्वासन देकर विश्वास तोड़ने वाली सरकार से लड़ने के लिए शिक्षक-कर्मचारी अब तैयारी कर चुके हैं। 21 नवंबर को प्रदेश के हजारों शिक्षक कर्मचारी लखनऊ की सड़कों पर उतर कर सरकार के विरुद्ध बिगुल फूंकेंगे। इस दिन विशाल धरना प्रदर्शन, जुलूस के साथ ही विधान भवन का घिराव भी किया जाएगा।
शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन ने गुरुवार को यहां पहुंच कर आंदोलन की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी यदि सरकार नहीं चेती तो संगठन प्रदेश व्यापी आंदेालन कर सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराएगा। शिक्षक विधायक ने कहा कि 2007 में शिक्षक समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन देने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव एवं वर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नौ जून के आश्वासन के बाद भी शिक्षक कर्मचारी हितों की अनदेखी गंभीर मामला है। इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संगठन की प्रमुख मांगों में तीन दशक से लंबित तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण, आवासीय भत्तों की असमानता, सीटी ग्रेट सेवाओं को जोड़कर चयन-प्रोन्नत वेतनमान, स्ववित्त पोषित शिक्षकों को पूर्ण कालिक शिक्षक क दर्जा एवं सुविधाएं आदि शामिल हैं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष डा.दिनेश वशिष्ठ ने कहा कि जनपद से सैकड़ों शिक्षक कर्मचारी लखनऊ आंदोलन में पहुंचेंगे। उपस्थित लोगों में मंडलीय मंत्री देवेंद्र यादव, जिलामंत्री लज्जाराम यादव, रामलाल कुशवाहा, कमलेश मिश्र, मनोज तिवारी आदि प्रमुख थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन ने गुरुवार को यहां पहुंच कर आंदोलन की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी यदि सरकार नहीं चेती तो संगठन प्रदेश व्यापी आंदेालन कर सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराएगा। शिक्षक विधायक ने कहा कि 2007 में शिक्षक समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन देने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव एवं वर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नौ जून के आश्वासन के बाद भी शिक्षक कर्मचारी हितों की अनदेखी गंभीर मामला है। इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
संगठन की प्रमुख मांगों में तीन दशक से लंबित तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण, आवासीय भत्तों की असमानता, सीटी ग्रेट सेवाओं को जोड़कर चयन-प्रोन्नत वेतनमान, स्ववित्त पोषित शिक्षकों को पूर्ण कालिक शिक्षक क दर्जा एवं सुविधाएं आदि शामिल हैं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष डा.दिनेश वशिष्ठ ने कहा कि जनपद से सैकड़ों शिक्षक कर्मचारी लखनऊ आंदोलन में पहुंचेंगे। उपस्थित लोगों में मंडलीय मंत्री देवेंद्र यादव, जिलामंत्री लज्जाराम यादव, रामलाल कुशवाहा, कमलेश मिश्र, मनोज तिवारी आदि प्रमुख थे।
विज्ञापन