भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने यूपी के कानपुर शहर में रविवार को लालबंगले स्थित रोवर्स मैदान में कोच कपिल पांडेय और अपने साथी खिलाड़ियों के साथ गेंदबाजी का अभ्यास किया। सोमवार को सुबह वह राजकोट के लिए रवाना होंगे।
अमर उजाला से बातचीत में कुलदीप ने बताया कि अब गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी भी करना अति आवश्यक हो गया है। इसका कारण है कि अंतिम क्षणों में रनों की आवश्यकता पड़ने पर खेलना पड़ता है, ऐसे में आप अब बल्लेबाजी करने से बच नहीं सकते है। उसके लिए आवश्यक है कि गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी का भी अभ्यास, तभी अंतिम ओवरों में चौका या छक्का मार सकते हैं।
इस बार एशिया कप में कई मौकों पर गेंदबाजों ने भी रन बनाए थे, तब जाकर टीम को जीत हासिल हो सकी थी। उन्होंने बताया कि इस बार एशिया कप में काफी कुछ सीखने को मिला है। छोटी टीमों से मुकाबला रोमांचक रहा था जबकि बड़ी टीमों के साथ मैच एकतरफा रहा था।
विपक्षी टीम को कमजोर समझना बड़ी गलती
एशिया कप में बेहतरीन गेंदबाजी करने वाले कुलदीप यादव का चयन वेस्टइंडीज सीरीज के लिए हुआ है। अपने प्रदर्शन से खुश कुलदीप ने बताया कि क्रिकेट में विपक्षी टीम को कमजोर समझना बड़ी गलती होती है।
इसका सबसे बड़ा उदाहरण एशिया कप का फाइनल मुकाबला था। भारतीय टीम बड़ी मुश्किल से बांग्लादेश टीम से मैच जीत सकी थी जबकि वर्तमान में बांग्लादेश को कमजोर टीम समझा जाता है लेकिन एशिया कप में उनका प्रदर्शन काबिले तारीफ था।