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महिलाएं सशक्त, सशक्तिकरण की नहीं जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Wed, 09 Mar 2016 12:40 AM IST
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हिला सम्मेलन का दीप जलाकर शुभारंभ करते अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कई स्थानों पर कार्यक्रम हुए। गायत्री परिवार के महिला मंडल ने गांधी भवन में महिलाओं के सशक्त होकर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा किए जाने पर गोष्ठी की। वहीं, कांग्रेस कार्यालय में भी समाज को नई दिशा दिखाने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कायाकल्प केंद्र पर भी महिलाओं को सम्मानित किया गया और जनपद में अन्य कई स्थानों पर संस्थाओं ने महिला दिवस पर गोष्ठियां की गईं।
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गायत्री परिवार के महिला मंडल के तत्वावधान में गांधी भवन में गोष्ठी का शुभारंभ शांतिकुंज हरिद्वार से आईं डा. गायत्री शर्मा और बाल विद्या भवन स्कूल प्रबंधक कीर्ति सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि डा. गायत्री शर्मा ने कहा कि महिलाएं अब सशक्त हो गई हैं। उनके जागृत हो जाने से समाज व युग स्वयं बदल जाएगा।
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मनुष्य के षोडश संस्कार होते हैं और उनमें सबसे महत्वपूर्ण गर्भस्थ संस्कार होता है। गर्भस्थ शिशु 80 फीसदी सीखता है। उन्होंने गर्भोेत्सव के बारे में पीपीटी के माध्यम से सचित्र समझाया। कार्यक्रम अध्यक्ष व प्रबंधिका कीर्ति सिंह ने विचार दिए। जीजीआईसी प्रधानाचार्या आशा कनौजिया व सर्वोदय आश्रम संचालिका उर्मिला श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाएं परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखती हैं, लेकिन स्वयं का नहीं। संयोजिका रेखा त्रिपाठी ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन अलका शर्मा ने किया। इस मौके पर अनिल श्रीवास्तव, अमरनाथ दुबे, केके श्रीवास्तव, आयुषी, शिमला पांडेय आदि मौजूद रहीं।
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