फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   court decision

बंदूक की पेशी न हो पाने से रुका फैसला 

Thu, 10 Mar 2016 10:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Thu, 10 Mar 2016 10:26 PM IST
विज्ञापन
court decision
कोर्ट
हत्या में इस्तेमाल बंदूक को कोर्ट में पेश न हो पाने के कारण मुकदमे का फैसला रुका है। घटना उरुवां क्षेत्र की है। मालखाने का चार्ज जिस दीवान के पास है उसका स्थानांतरण बस्ती हो गया है। कोर्ट के निर्देश पर एसएसपी ने बस्ती के एसपी को पत्र लिखकर दीवान को गोरखपुर भेजने के लिए कहा है।
विज्ञापन


उरुवां क्षेत्र में वर्ष 2008 में हुई हत्या के अभियुक्त विद्यासागर जेल में है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद सुनवाई के दौरान सभी गवाहों की गवाही हो चुकी है। हत्या में इस्तेमाल बंदूक को उरुवां पुलिस ने अंबेडकरनगर के टांडा से बरामद किया था। कार्रवाई के बाद बंदूक थाने के मालखाने में रख दी गई। इसका चार्ज थाने में तैनात दीवान अरविंद यादव के पास था, जिनका तबादला बस्ती हो चुका है।
विज्ञापन


अरविंद तो बस्ती चले गए, लेकिन उन्होंने किसी को मालखाने का चार्ज नहीं दिया। मालखाना प्रभारी को थाने आकर बंदूक निकालकर कोर्ट में प्रस्तुत कराने के लिए कोर्ट से तीन बार नोटिस जारी हुआ लेकिन एक साल बीतने के बावजूद वे हाजिर नहीं हुए। कोर्ट में बंदूक पेश न होने से मुकदमे का फैसला रुका है। डीआईजी के साथ ही एसएसपी ने एसपी बस्ती को पत्र लिखकर अरविंद को गोरखपुर भेजने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि इसी मामले में क्रास एफआईआर सरकार बनाम पवन दुबे भी हुई थी, जिसमें भी फैसला लंबित है। ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी जेपी पांडेय ने कहा कि मालखाने में रखी गई हत्या में इस्तेमाल बंदूक को विवेचक को कोर्ट में प्रस्तुत करना है। विवेचक मिथिलेश मिश्रा एक साल से तारीख पर कचहरी आते हैं, लेकिन अब तक थाने के मालखाने से बंदूक नहीं आ पाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed