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मकान में आग से युवती की मौत, तीन भर्ती
फैजाबाद
Updated Sat, 24 Dec 2016 11:08 PM IST
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भीखापुर में रामगुलाम का पुरवा में आग लगने के बाद घर के बाहर जमा भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर के सटे गांव भीखापुर के मजरे राम गुलाम का पुरवा में देर रात संदिग्ध हालात में लगी आग में एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से झुलस गये। गंभीर झुलसी युवती ने उपचार के दौरान जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया।
गनीमत रही कि आग की भनक पड़ोसी को लग गई, नहीं तो मकान ही पूरे परिवार की चिता बन जाता। स्थानीय लोगों ने हल्ला-गोहार पर आग पर काबू पाया। एंबुलेंस की मदद से गंभीर रूप से झुलसे लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लखनऊ-गोरखपुर हाइवे से सटे गांव भीखापुर के मजरे राम गुलाम का पुरवा में 25 वर्षीय अजय का मकान है। वह इलेक्ट्रीशियन का धंधा करता है। शुक्रवार की शाम परिवार के लोग खा-पीकर सोये थे।
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रात लगभग 11 बजे पड़ोस में रहने वाले शख्स को अजय के मकान से आग की लपटें दिखाई दीं तो उसने हल्ला-गोहार लगाई और स्थानीय लोगों में से किसी ने डायल 100 को फोन किया और आग पर काबू पाने की मशक्कत में जुटे। एक-एक कर घर से पहले अजय के बच्चों सात वर्षीय पुत्री कशिश व पांच वर्षीय रिमझिम तथा तीन माह के लड़के को बाहर निकाला।
डायल 100 के न पहुंचने पर फोन अयोध्या कोतवाल को किया गया तो वह फायर दस्ते को साथ लेकर मौके पर पहुंच गये। जलते मकान से 25 वर्षीय अजय, उसकी बुजुर्ग मां सावित्री, पत्नी 20 वर्षीय किरन तथा बहन 23 वर्षीय ममता को बाहर निकाला और गंभीर हाल में एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भिजवाया।
फायर दस्ते की मदद से स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पा लिया। शनिवार को उपचार के दौरान दूसरी पहर साढ़े चार बजे ममता ने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल प्रशासन ने बताया कि गंभीर झुलसी बुजुर्ग महिला सावित्री की हालत ज्यादा गंभीर है। विवाहिता किरन भी ज्यादा झुलस गई है। अजय अपेक्षाकृत कम झुलसा है। सभी का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल कोई बच्चा नहीं लाया गया था।
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गनीमत रही कि आग की भनक पड़ोसी को लग गई, नहीं तो मकान ही पूरे परिवार की चिता बन जाता। स्थानीय लोगों ने हल्ला-गोहार पर आग पर काबू पाया। एंबुलेंस की मदद से गंभीर रूप से झुलसे लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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लखनऊ-गोरखपुर हाइवे से सटे गांव भीखापुर के मजरे राम गुलाम का पुरवा में 25 वर्षीय अजय का मकान है। वह इलेक्ट्रीशियन का धंधा करता है। शुक्रवार की शाम परिवार के लोग खा-पीकर सोये थे।
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रात लगभग 11 बजे पड़ोस में रहने वाले शख्स को अजय के मकान से आग की लपटें दिखाई दीं तो उसने हल्ला-गोहार लगाई और स्थानीय लोगों में से किसी ने डायल 100 को फोन किया और आग पर काबू पाने की मशक्कत में जुटे। एक-एक कर घर से पहले अजय के बच्चों सात वर्षीय पुत्री कशिश व पांच वर्षीय रिमझिम तथा तीन माह के लड़के को बाहर निकाला।
डायल 100 के न पहुंचने पर फोन अयोध्या कोतवाल को किया गया तो वह फायर दस्ते को साथ लेकर मौके पर पहुंच गये। जलते मकान से 25 वर्षीय अजय, उसकी बुजुर्ग मां सावित्री, पत्नी 20 वर्षीय किरन तथा बहन 23 वर्षीय ममता को बाहर निकाला और गंभीर हाल में एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भिजवाया।
फायर दस्ते की मदद से स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पा लिया। शनिवार को उपचार के दौरान दूसरी पहर साढ़े चार बजे ममता ने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल प्रशासन ने बताया कि गंभीर झुलसी बुजुर्ग महिला सावित्री की हालत ज्यादा गंभीर है। विवाहिता किरन भी ज्यादा झुलस गई है। अजय अपेक्षाकृत कम झुलसा है। सभी का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल कोई बच्चा नहीं लाया गया था।