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बिना माफी मांगे राज ठाकरे को अयोध्या नहीं आने देंगे

Fri, 13 May 2022 12:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2022 12:06 AM IST
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Will not allow Raj Thackeray to come to Ayodhya without apologizing
अयोध्या। मनसे प्रमुख राज ठाकरे को लेकर सियासत तेज हो गई है। कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गुरुवार को रामनगरी के कई संत-धर्माचार्यों से मुलाकात कर उनका समर्थन हासिल करने की कोशिश की।
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इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि बिना माफी मांगे अयोध्या तो दूर उत्तरप्रदेश की धरती पर राज ठाकरे को कदम नहीं रखने देंगे।
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कहा कि यदि उन्हें उत्तर भारतीयों से माफी मांगने में शर्म आ रही है तो वे देश के संतों से ही माफी मांग लें, हम विरोध बंद कर देंगे। बृजभूषण ने कहा कि राज ठाकरे अहंकार के साथ आना चाहते हैं तो नहीं आने देंगे।
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उन्होंने राम के वंशंजों को पीटने का काम किया है। दो शब्द क्षमा के बोलने के बजाय जख्म पर नमक छिड़कने आ रहे हैं। उन्हें घुसने नहीं दिया जाएगा। कहा कि बिना माफी मांगे वह नहीं पाएंगे।
बोले कि ये अवसर है राज ठाकरे के लिए, अपने गुनाहों के लिए माफी मांग लें, यहां से चूक गए तो उत्तरप्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, बिहार जीवन में कभी नहीं जा पाएंगे। यह आंदोलन उनके लिए अवसर बनकर आया है।
कहा कि यदि वे संतों से ही माफी मांग लेते हैं तो हम आंदोलन छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि आज रामनगरी के संत-धर्माचार्यों से मुलाकात की है। अयोध्या हमारी है। हम उत्तर दिशा में बैठे यहां के रक्षक हैं।
जल्द ही सभी संतों से सामूहिक आशीर्वाद लेंगे। यह कहकर उन्होंने अयोध्या में आंदोलन के समर्थन में एक बड़ी सभा करने का भी संकेत दिया। इससे पूर्व बृजभूषण ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से उनके आश्रम पर जाकर मुलाकात की।
पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का भी आशीर्वाद लिया। रामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास के आश्रम गए। सत्येंद्र दास ने तो उनका विजय तिलक भी किया।
इसके बाद जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, महंत रामभूषण दास कृपालु, महंत जगदीश दास से भी मुलाकात कर आंदोलन की सफलता का आशीर्वाद मांगा। बृजभूषण जगद्गुरु परमहंसाचार्य से भी मिले और राष्ट्रहित में किए गए उनके आंदोलनों की सराहना भी की।
परमहंसाचार्य ने भी उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि आपकी मांग जायज है। मनसे प्रमुख माफी मांग लें इसी में उनकी भलाई है, नहीं तो अयोध्या में घुसने नहीं दिया जाएगा।
सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उत्तर भारतीयों का अपमान करने वाले राज ठाकरे विरोध में उन्हें हर वर्ग का समर्थन मिल रहा है। कहा कि मुस्लिम समाज के एक लाख लोग आ रहे हैं।
मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। उन्होंने ट्वीट कर पांच लाख उत्तर भारतीयों से अयोध्या पहुंचने का भी आह्वान किया है। कहा कि यह आंदोलन किसी दल का नहीं है आज तक सत्ता पाने व सत्ता हटाने के लिए आंदोलन हुआ है।
यह पहला आंदोलन है जो अत्याचार व स्वाभिमान के लिए हो रहा है। दो जून तक 50 हजार लोग आ जाएंगे।
भाषा, क्षेत्र के नाम पर अलगाववाद ठीक नहीं है। राज ठाकरे ने उत्तर भारतीयों का बहुत उत्पीड़न किया है। उत्तर भारतीयों को ट्रेनों से उतार कर मारा गया। रिक्शा, टैक्सी चालकों को मारा गया। अयोध्या आ रहे हैं कोई बुराई नहीं, लेकिन पहले अपने अत्याचारों के लिए माफी मांगें। उसके बाद अयोध्या में उनका स्वागत है। -डॉ.रामविलास दास वेदांती
यह उत्तर भारतीयों की अस्मिता की रक्षा का आंदोलन है। आज तक किसी ने उत्तर भारतीयों की पीड़ा को नहीं समझा अब जब पहली बार इसको लेकर कोई मुहिम शुरू हुई तो समर्थन करना ही चाहिए। राज ठाकरे को उत्तर भारतीयों से माफी मांगना ही चाहिए, माफी मांगे अयोध्या आकर दर्शन-पूजन करें।-जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य
बृजभूषण शरण सिंह की मांग जायज है। उन्हें दर्शन करने से कौन रोक रहा है, पहले उत्तर भारतीयों से माफी मांगे लें राजठाकरे फिर आकर अयोध्या में दर्शन-पूजन करें। कहा कि किसी ने पहली बार उत्तर भारतीयों की पीड़ा को उठाया है।- आचार्य सत्येंद्र दास
राज ठाकरे को लेकर भाजपा के दो सांसद आमने-सामने हैं। राज ठाकरे के विरोध में आंदोलन के लिए गुरुवार को संतों से समर्थन मांगने पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने सांसद लल्लू सिंह के बयान पर चुटकी ली तो लल्लू सिंह भी जवाब देने में पीछे नहीं रहे।
लल्लू सिंह द्वारा राज ठाकरे के अयोध्या आने का स्वागत किया गया था। पत्रकारों द्वारा लल्लू सिंह के इस बयान पर जब बृजभूषण से सवाल किया गया तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि पान खाए रहें होंगे, इसलिए बोल दिए।
इस पर अयोध्या सांसद लल्लू सिंह का कहना है कि मैं कोई गैर जिम्मेदार नहीं, इसलिए मेरा बयान भी गैर जिम्मेदाराना नहीं होगा। कहा कि प्रभु श्रीराम की शरण में आने वाले के विरोध का क्या मतलब है।
सुंदरकांड में भगवान श्रीराम ने स्वयं कहा है कि सरनागत कहुं जे तजहिं, निज अनहित अनुमानि। ते नर पावर पापमय, तिन्हहि बिलोकत हानि..जो मनुष्य अपने अहित का अनुमान करके शरण में आए हुए का त्याग कर देते हैं वे पामर (क्षुद्र) हैं। पापमय हैं।
उन्हें देखने में भी हानि है। इसी तरह उन्होंने कहा है कि जो सभीत आवा सरनाई। रखिहौ ताहि प्रान की नाई..यदि कोई भयभीत होकर मेरी शरण में आया है तो मैं उसको अपने प्राण के समान रखूंगा।
ऐसे में जो रामलला की शरण में आ रहा है उसके विरोध का कोई मतलब नहीं बनता। हनुमान जी ने सद्बुद्धि दी होगी तभी राज ठाकरे रामलला की शरण में आ रहे हैं। अयोध्या प्रभु श्रीराम की नगरी है श्रीराम का दर्शन करने जो भी आए उसका स्वागत है।

कहा कि बृजभूषण का विरोध निजी होगा, उससे हमें लेना देना नहीं। बृजभूषण द्वारा संतों से मुलाकात पर बोले कि हमें पूरा विश्वास है कि संत प्रभु श्रीराम की शरण में आने वाले को आशीर्वाद ही देंगे।
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