कैश न मिलने से बिफरे ग्रामीणों का हंगामा

अमर उजाला ब्यूरो / फैजाबाद Updated Wed, 30 Nov 2016 11:32 PM IST
villagers rucks for not getting cash from bank
ग्रामीण इलाकों में कैश न मिलने से भीड़ बेकाबू - फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी से बुधवार को भी शहर से लेकर देहात तक बैंकों व एटीएम पर करेंसी सकंट से हालात नहीं सुधरे। शाखाओं पर लंबी कतारें लगी रहीं तो आधे से अधिक एटीएम बंद रहे। ग्रामीण इलाकों में कई शाखाओं पर विड्राल न होने से भीड़ बेकाबू होती रही। कई जगह फोर्स लगाकर भीड़ व बैंक कर्मियों के बीच टकराव टाला गया। सैकड़ों किसानों ने सुबह आस्तीकन की पीएनबी शाखा को घेर लिया। गुस्साए लोगों ने प्रबंधक और कर्मियों को घंटों बैंक में घुसने तक नहीं दिया। बाद में फोर्स ने पहुंचकर लोगों को शांत कराया। 
नोटबंदी के 22वें दिन शहर से लेकर देहात इलाकों में लगातार करेंसी संकट से लोगों में खासा आक्रोश दिखा। शहर में जिला महिला अस्पताल के पास ग्रामीण बैंक की मुख्य शाखा में कैश का सूखा रहा। यहां प्रबंधन मजबूरी गिनाता दिखा कि आखिर क्या करें, जब पांच दिन से चेस्ट ने कोई रकम नहीं दी, जबकि जमा हजार व पांच सौ में हो रही है। पीएनबी विकास भवन, बीओबी पुस्पराज शाखा में भी कैश दोपहर में समाप्त हो गया। मुख्य डाकघर में कैश नहीं आने रिटायर कर्मी पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि उनकी पेंशन बुधवार को नहीं निकल पाई। 

हैरिंग्टनगंज प्रतिनिधि के अनुसार ग्रामीण इलाकों के बैंकों में करेंसी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। धीरे-धीरे करके अब बैंक ग्राहकों का सब्र जवाब देने लगा है। बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक की आस्तीकन शाखा में कैश न होने पर ग्राहकों ने जमकर हंगामा काटा। गुस्साये ग्राहकों ने बैंक को घेरकर बैंक कर्मियों को अंदर घुसने से मना कर दिया। ग्राहक शाखा प्रबंधक से बैंक में कैश उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे थे। घंटों की जद्दोजहत के बाद इनायतनगर पुलिस बैंक पहुंची और सख्ती से पेश आते हुए लोगों को लाईन में लगवाया।

इसके पूर्व शाखा प्रबंधक पीके अग्निहोत्री ने बैंक अधिकारियों को फोन करके शाखा की स्थिति से अवगत कराया था। जिसके बाद दोपहर करीब एक बजे कैश की गाड़ी शाखा पर पहुंची। हालांकि मांग के अनुरूप पर्याप्त कैश नहीं था। वहीं हैरिंग्टनगंज बाजार में स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा पलियालोहानी में कई दिनों से धनाभाव के कारण भुगतान संभव नहीं का बोर्ड लगा है।

यहां के शाखा प्रबंधक विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मैं प्रतिदिन दस लाख रुपये की मांग करता हूं लेकिन सप्ताह में बमुश्किल तीन लाख रुपये मिलता है। उनका कहना है कि किसी तरीके से ग्राहकों को समझा बुझाकर बैंक से वापस किया जाता है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक शाखा आस्तीकन के प्रबंधक ने बताया कि प्रतिदिन बीस लाख रुपये के सापेक्ष दस लाख ही मिल पाता है।

वह भी पिछले पांच दिन से नहीं मिला है। वहीं ग्राहकों का कहना है कि घरों में शादी है, खेती-किसानी के लिए खाद-बीज की आवश्यकता है और बैंक से सब्जी के भी पैसे नहीं मिल रहे है। ऐसे में जीवन यापन कैसे होगा। महबूबगंज प्रतिनिधि के अनुसार विकासखंड मया के महबूबगंज क्षेत्र की जनता में हाहाकार मचा हुआ है।

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में 25 नवंबर से आज तक कोई भुगतान ही नहीं किया गया। शाखा प्रबंधक परवेज खान के अनुसार 25 नवंबर से पैसा ही नहीं आया। चेस्ट से 20 लाख की डिमांड करते हैं तो मुश्किल से दो से तीन लाख की ही नगदी आती है । 70 वर्षीय रामनरेश तिवारी हरदी निवासी को दवा के लिए पैसे नहीं मिल पा रहे हैं ।उनका और उनकी पत्नी का इलाज चल रहा है । 5 दिन से बैंक में आते हैं, शाम को वापस चले जाते हैं ।                             

शुजागंज प्रतिनिधि के अनुसार बैंक ऑफ  बड़ौदा की शाखा शुजागंज बाजार मे कैश नहीं होने से बैंक गेट पर लिख कर चिपका दिया गया कि रुपया नहीं है। जबकि ग्राहकों ने सुबह आठ बजे से लाइन लगा ली थी कि जब बैंक खुले तो हम पहले ही बैंक के अंदर हो जाएगे लेकिन बैंक खुलने बाद मालूम हुआ कि आज तो रुपया ही नहीं है। ग्रामीण बैंक आर्या वार्ता बैंक शाखा शुजागंज में तीन दिन से आ रहे किसान राकेश ने बताया कि हमें खाद के लिए रुपया चाहिए था, मगर बैंक का चक्कर लगा रहे है।

किसान श्याम लाल भी तीन दिन से बैंक आ रहे उनको भी खाद बीज लेने के लिए रुपया नहीं मिला। कहा कि खेती करनी मुश्किल हो गई है। हरिश्चंद को भी नगदी नहीं मिली। फगौली कुर्मियान की शाखा पर आए बघेड़ी के राम अचल की पुत्री की शादी दो दिसंबर को है। वे बैंक मे जमा रुपये के निकालने के लिए आए थे।

जिन्हें बिना पैसे लिए वापस जाना पडा। बैंक मैनेजर ने उन्हें अगले दिन आने की बात कही। इसी तरह कोंडरा के रफीक की पुत्री की शादी 15 दिसंबर को है पैसे के लिए वे बैंक गये थे उन्होंने बताया कि उन्हें एक लाख रुपये चाहिए परंतु शाखा प्रबंधक ने कहा कि जरूरी कागजात दे जाओ हेड आफिस से मांग करेंगे तब बताएंगे। 

तारुन प्रतिनिधि के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों का लेन देन ढर्रे पर नहीं आ रहा है। बुधवार को तारून सेंट्रल बैंक की शाखा में नकदी न होने के कारण लाइन में लगे ग्राहकों को बिना भुगतान लिये वापस लौटना पड़ा। शाखा प्रबंधक जयवीर सिंह ने बताया कि मंगलवार को 30 लाख रुपये भुगतान के लिए जिले से उपलब्ध करायी गयी थी जिसे ग्राहकों को भुगतान कर दिया गया। मेरे पास कोई कैश नहीं बचा है। कमोवेश यही हाल बीकापुर, रुदौली, सोहावल, मवई, मिल्कीपुर आदि इलाकों में रहा। कई जगह बेहाबू भीड़ को पुलिस की मदद से संभालना पड़ा है। 

ग्रामीण इलाकों में बुधवार को भी हालत बहुत खराब रही। चेस्ट से हो रही डिमांड का 25 फीसदी भी कैश बड़ी मुश्किल से मिल रहा है। लोगों को कुछ-कुछ कैश देकर हालात संभालनी पड़ रही है। इस हालात से आरबीआई को अवगत कराते हुए डिमांड की जा रही है।-ओपी शुक्ला, लीड बैंक मैनेजर 

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Bulandshahar

दसवीं पास आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनेंगी मुख्य सेविका

दसवीं पास आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनेंगी मुख्य सेविका

22 फरवरी 2018

Related Videos

जब रात में CM योगी के आवास के बाहर किसानों ने फेंके आलू

लखनऊ में आलू किसानों को जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। अपना विरोध जताते हुए किसानों ने लाखों टन आलू मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर फेंक दिया। देखिए आखिर क्यों भड़क उठा आलू किसानों का गुस्सा।

6 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen