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विवि के भड़के छात्र धरने पर बैठे, किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Thu, 08 Sep 2016 12:03 AM IST
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एनडी विवि में धरने पर बैठे छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
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नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के छात्रों का विश्वविद्यालय की कार्यशैली के खिलाफ बुधवार को एक बार फिर गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासनिक भवन के गेट के पास सैकड़ों छात्र एकत्र होकर धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन किया।
धरने पर बैठे छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय के कुलपति उन लोगों को पठन-पाठन के लिए बेहतर व्यवस्था मुहैया न कराकर रिपोर्ट दर्ज कराकर फंसाने की साजिश रच रहे हैं।
छात्रों ने कहा है कि जब तक कुलपति उन लोगों पर से झूठे केस वापस लेकर बिजली-पानी व छात्रावास में नियमित साफ -सफाई मुहैया नहीं कराते, तब तक वे धरने पर बैठे रहेंगे।
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यदि समस्या का निस्तारण नहीं किया गया तो जल्दी यह धरना प्रदर्शन आमरण अनशन में तब्दील हो जाएगा। बीती 29 अगस्त को छात्रों ने बिजली-पानी की समय से आपूर्ति न होने व छात्रावास में साफ -सफाई की चौपट व्यवस्था होने के खिलाफ कुलपति आवास के गेट के सामने धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की थी।
इसके 14 घंटे बाद कुलपति के आश्वासन पर कि एक माह के भीतर सभी व्यवस्थाएं ठीक करा दी जाएंगी। प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारी छात्र शांत हो गए थे।
आरोप है कि कुलपति की ओर से अपने वादे से पलटते हुए 13 नामजद व करीब 300 अज्ञात छात्रों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आपराधिक मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया, जिससे आहत होकर छात्र एक बार फिर आंदोलन की राह पर चल पड़े हैं।
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धरने पर बैठे छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय के कुलपति उन लोगों को पठन-पाठन के लिए बेहतर व्यवस्था मुहैया न कराकर रिपोर्ट दर्ज कराकर फंसाने की साजिश रच रहे हैं।
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छात्रों ने कहा है कि जब तक कुलपति उन लोगों पर से झूठे केस वापस लेकर बिजली-पानी व छात्रावास में नियमित साफ -सफाई मुहैया नहीं कराते, तब तक वे धरने पर बैठे रहेंगे।
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यदि समस्या का निस्तारण नहीं किया गया तो जल्दी यह धरना प्रदर्शन आमरण अनशन में तब्दील हो जाएगा। बीती 29 अगस्त को छात्रों ने बिजली-पानी की समय से आपूर्ति न होने व छात्रावास में साफ -सफाई की चौपट व्यवस्था होने के खिलाफ कुलपति आवास के गेट के सामने धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की थी।
इसके 14 घंटे बाद कुलपति के आश्वासन पर कि एक माह के भीतर सभी व्यवस्थाएं ठीक करा दी जाएंगी। प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारी छात्र शांत हो गए थे।
आरोप है कि कुलपति की ओर से अपने वादे से पलटते हुए 13 नामजद व करीब 300 अज्ञात छात्रों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आपराधिक मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया, जिससे आहत होकर छात्र एक बार फिर आंदोलन की राह पर चल पड़े हैं।