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राममंदिर निर्माण में तीन तरह के पत्थरों का होगा प्रयोग

Fri, 11 Jun 2021 12:01 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jun 2021 12:01 AM IST
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Three types of stones will be used in the construction of Ram temple
अयोध्या। राममंदिर निर्माण के लिए श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नींव भराई का काम तेजी से चल रहा है। नींव के लिए खोदे गए करीब 50 फीट गहरे गड्ढे को भरने के लिए लेयर डाली जा रही है। कुल 44 लेयर में नींव भरी जानी है।
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अब तक छह लेयर का निर्माण पूरा हो चुका है। नींव गहराई से करीब 70 इंच ऊपर आ चुकी है। नींव भराई के बाद प्लिंथ का निर्माण होगा। प्लिंथ, गर्भगृह व परकोटा निर्माण के लिए ट्रस्ट ने अलग-अलग क्वालिटी के पत्थरों का प्रयोग करने का निर्णय लिया है।
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2024 तक मंदिर निर्माण का लक्ष्य है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ‘अमर उजाला’ से बात करते हुए कहा कि राममंदिर निर्माण में अलग-अलग पत्थरों का प्रयोग किया जाएगा।
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प्लिंथ का निर्माण मिर्जापुर के पत्थरों से होगा। गर्भगृह में वंशीपहाड़प़ुर के लाल पत्थर का उपयोग किया जाएगा। परकोटा निर्माण में हम अलग तरह के पत्थर लगाना चाहते हैं।
कहा कि देश में पत्थरों की कई खदानें हैं। जहां विभिन्न प्रकार के क्वालिटी वाले पत्थर हैं। ऐसी खदानों से संपर्क किया जा रहा है। मंदिर परिसर के पांच एकड़ में परकोटा का निर्माण होना है।
परकोटा निर्माण में विशेष पत्थर लगाए जाएंगे। जो मंदिर परिसर की भव्यता बढ़ाएंगे। अभी नींव भराई के लिए लेयर का काम हो रहा है। अब तक छह लेयर डाली जा चुकी है। बीच-बीच में हो रही बारिश से काम बाधित हो रहा है।
कहा कि 2024 तक मंदिर निर्माण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि बहुत सारे भक्तों ने उनसे श्रमदान की इच्छा जताई है, लेकिन यह सुरक्षा के लिहाज से भी ठीक नहीं है।
राममंदिर निर्माण का 70 प्रतिशत काम बड़ी-बड़ी मशीनों के जरिए हो रहा है। ऐसे में राममंदिर निर्माण में श्रमदान की जरूरत ही नहीं है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि भक्त मंदिर में श्रमदान के बजाय अपने-अपने क्षेत्र में अच्छा काम करें, यही उनका श्रमदान होगा।
श्री रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक अयोध्या में होने जा रही है। 13 व 14 जून को समिति की बैठक अपराह्न 3 बजे से सर्किट हाउस फैजाबाद में होगी।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र 12 जून की देर शाम तक अयोध्या पहुंच जाएंगे। वे दो दिनों तक अयोध्या में रहकर मंदिर निर्माण की प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ भावी योजनाओं पर मंथन करेंगे।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि हर दो माह पर ट्रस्ट व समिति की संयुक्त बैठक होती है। बैठक में शामिल होने के लिए ट्रस्ट के सदस्यों को सूचित कर दिया गया है।

जो सदस्य बैठक में किन्हीं कारणों से नही आ सकते हैं वे वीडियो के माध्यम से अपने स्थान से ही बैठक में सहभाग कर सकते हैं। वीडियो से जुड़ने के लिए लिंक उनको समय से पहले ही प्रेषित कर दिया जाएगा।
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