{"_id":"5707f8d14f1c1b6d71c81176","slug":"the-first-day-of-navratri-temples-gunje-jaykare","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिरों में गूंजे माता के जयकारे, दर्शन काे तांता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिरों में गूंजे माता के जयकारे, दर्शन काे तांता
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sat, 09 Apr 2016 12:00 AM IST
विज्ञापन
मंदिरों में हुआ माता का श्रंगार।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंदिरों में शंख और घंटा-घड़ियालों की ध्वनियों के बीच वासंतिक नवरात्र शुक्रवार से आरंभ हो गया। भोर से ही रामनगरी समेत फैजाबाद नगर व कस्बों के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना और वैदिक मंत्रों व अनुष्ठानों के बीच भगवती दुर्गा की पूजा शुरू हुई।
पहले दिन घरों व मंदिरों में शैलपुत्री की पूजा की गई। जिले की सिद्धपीठों पर श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन कर घर, परिवार और समाज की समृद्घि व कुशलता के लिए मन्नतें मांगी। नगर के ऐतिहासिक मंदिरों और सिद्धपीठों में सुबह से ही श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन शुरू कर दिया। हालांकि घरों में कलश स्थापना के लिए सुबह 11:25 बजे से शुरू हुए अभिजीत मुहूर्त का श्रद्घालुओं को इंतजार करना पड़ा।
कलश स्थापना के वाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घर से लेकर मंदिर तक अनुष्ठान शुरू हुआ। वासंतिक नवरात्र के पर्व पर समूचा शहर देवी-भक्ति के रंग में रंग गया है। या देवी सर्व भूतेषु.... के मंत्रोच्चार मंदिरों पर गूंजते रहे।
विज्ञापन
प्रसिद्ध बड़ी देवकाली मंदिर, अयोध्या की छोटी देवकाली मंदिर, मुबारकगंज शक्तिपीठ, मकबरा के शीतला माता मंदिर, चौक के हट्ठी महारानी मंदिर, कैंट के पाटेश्वरी मंदिर, गुप्तार घाट के मरीमाता मंदिर और जालपा देवी मंदिरों में श्रद्घालु पूजन के लिए आते-जाते रहे।
भक्तों ने पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। कहा जाता है कि जो मनुष्य वासंतिक नवरात्र में मां की पूजा करता है, वह सभी कष्टों व बाधाओं से पार पाकर धन-धान्य, पुत्रादि प्राप्त करता है।
रुदौली तहसील के कामाख्या भवानी मंदिर में भी मां का जयकारा गूंजता रहा। युगचेतना विस्तार केंद्र लालबाग में नवरात्र पर गायत्री मंत्र का अनुष्ठान शुरू हुआ। विस्तार केंद्र की संयोजिका मधु सिंह के नेतृत्व में पर्व पूजन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ।
विज्ञापन
पहले दिन घरों व मंदिरों में शैलपुत्री की पूजा की गई। जिले की सिद्धपीठों पर श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन कर घर, परिवार और समाज की समृद्घि व कुशलता के लिए मन्नतें मांगी। नगर के ऐतिहासिक मंदिरों और सिद्धपीठों में सुबह से ही श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन शुरू कर दिया। हालांकि घरों में कलश स्थापना के लिए सुबह 11:25 बजे से शुरू हुए अभिजीत मुहूर्त का श्रद्घालुओं को इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन
कलश स्थापना के वाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घर से लेकर मंदिर तक अनुष्ठान शुरू हुआ। वासंतिक नवरात्र के पर्व पर समूचा शहर देवी-भक्ति के रंग में रंग गया है। या देवी सर्व भूतेषु.... के मंत्रोच्चार मंदिरों पर गूंजते रहे।
विज्ञापन
प्रसिद्ध बड़ी देवकाली मंदिर, अयोध्या की छोटी देवकाली मंदिर, मुबारकगंज शक्तिपीठ, मकबरा के शीतला माता मंदिर, चौक के हट्ठी महारानी मंदिर, कैंट के पाटेश्वरी मंदिर, गुप्तार घाट के मरीमाता मंदिर और जालपा देवी मंदिरों में श्रद्घालु पूजन के लिए आते-जाते रहे।
भक्तों ने पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। कहा जाता है कि जो मनुष्य वासंतिक नवरात्र में मां की पूजा करता है, वह सभी कष्टों व बाधाओं से पार पाकर धन-धान्य, पुत्रादि प्राप्त करता है।
रुदौली तहसील के कामाख्या भवानी मंदिर में भी मां का जयकारा गूंजता रहा। युगचेतना विस्तार केंद्र लालबाग में नवरात्र पर गायत्री मंत्र का अनुष्ठान शुरू हुआ। विस्तार केंद्र की संयोजिका मधु सिंह के नेतृत्व में पर्व पूजन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ।