{"_id":"570bf0544f1c1b74494a6be4","slug":"teachers-students-pulled-peace-march","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षकों-छात्रों ने निकाला शांति मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षकों-छात्रों ने निकाला शांति मार्च
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Tue, 12 Apr 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
शांति मार्च निकालते शिक्षक और छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनुसूचित जाति-जनजाति एव अन्य पिछड़ा वर्ग के शिक्षकों, छात्रों और विभिन्न संगठनों ने सोमवार को गुलाबबाड़ी से कलेक्ट्रेट तक शांति मार्च निकाला। जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर शासन के उच्च शिक्षा अनुभाग-एक से इन वर्गो के हितों के विरुद्ध जारी शासनादेशों को वापस लेने की पुरजोर मांग की।
गुलाबबाड़ी से निकाले गए मार्च का नेतृत्व डॉ. शैलेंद्र, डॉ. अनिल यादव, डॉ. कर्दम, डॉ. आदेश, डॉ. मुकेश आनंद, वंदना रंजन, आरके यादव समेत छात्रों व राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना मंच, स्वाभिमान मोर्चा आदि संगठनों ने किया।
मार्च के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि उच्च शिक्षा अनुभाग एक से 30 नवंबर 2015 और 19 फरवरी 2016 को शासनादेश जारी किया गया है, जो प्रदेश के अनुसूचित जाति जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के खिलाफ हैं।
विज्ञापन
सभी संगठनों ने अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों के खिलाफ जारी शासनादेशों को अविलंब वापस कराने के लिए राज्यपाल व सीएम से मांग की है।
विज्ञापन
गुलाबबाड़ी से निकाले गए मार्च का नेतृत्व डॉ. शैलेंद्र, डॉ. अनिल यादव, डॉ. कर्दम, डॉ. आदेश, डॉ. मुकेश आनंद, वंदना रंजन, आरके यादव समेत छात्रों व राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना मंच, स्वाभिमान मोर्चा आदि संगठनों ने किया।
विज्ञापन
मार्च के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि उच्च शिक्षा अनुभाग एक से 30 नवंबर 2015 और 19 फरवरी 2016 को शासनादेश जारी किया गया है, जो प्रदेश के अनुसूचित जाति जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के खिलाफ हैं।
विज्ञापन
सभी संगठनों ने अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों के खिलाफ जारी शासनादेशों को अविलंब वापस कराने के लिए राज्यपाल व सीएम से मांग की है।