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हफ्ते भर में चलेंगी जिले की दोनों चीनी मिलें
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पेराई सत्र शुभारंभ की तैयारी में जुटे कर्मचारी।
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। जिले की दोनों चीनी मिलों में पेराई सप्ताह भर में शुरू हो जाएगी। गन्ना विभाग ने 22 नवंबर से केएम शुगर मिल्स लिमिटेड मोतीनगर मसौधा एवं 24 नवंबर से रौजागांव चीनी मिल में पेराई शुरू कराने का ऐलान किया है।
विभाग इन दिनों प्री-कलेंडर आदि का वितरण करके तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। वहीं, मसौधा चीनी मिल द्वारा गन्ने का मांगपत्र भी प्रेषित किया गया है। विभाग के इस ऐलान से गन्ना किसानों में खुशी का माहौल है।
जिले के 1935 गांवों में करीब 93 हजार गन्ना किसान हैं। हालांकि इस वर्ष समय से गन्ना मूल्य भुगतान न होने सहित अन्य कारणों से जनपद में गन्ना रकबा में करीब छह प्रतिशत की कमी आई है।
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फिर भी मौजूदा सत्र में 44337 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों ने गन्ना उत्पादन किया है। इसमें पौधा का क्षेत्रफल 22097 हेक्टेयर व पेड़ी का 22240 हेक्टेयर शामिल है। इस वर्ष 6055 किसानों ने समितियों में नई सदस्यता ली है। गन्ने की फसल लगभग तैयार है, जिसे समय से बेचने के लिए किसान चिंतित हैं।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए गन्ना विभाग के दबाव में जिले की चीनी मिलों ने पेराई सत्र शुभारंभ की घोषणा की है। सबसे पहले केएम शुगर मिल्स लिमिटेड मोतीनगर मसौधा में 22 नवंबर को पेराई शुरू होगी। जबकि दो दिन विलंब से रौजागांव चीनी मिल में 24 नवंबर से पेराई शुरू होगी।
इन दिनों चीनी मिल व विभाग की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। चीनी मिल की ओर से विभाग द्वारा आवंटित क्रय केंद्रों को स्थापित करने की कवायद जारी है। मिल संचालन के एक दिन पूर्व ही इन केंद्रों में गन्ना खरीद प्रारंभ की जाएगी।
मसौधा चीनी मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक गन्ना डॉ. एके त्रिपाठी ने बताया कि सभी बाह्य क्रय केंद्रों पर इस बार इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे स्थापित किये गए हैं। 21 नवंबर से क्रय केंद्रों पर खरीद प्रारंभ हो जाएगी।
गन्ना आपूर्ति के लिए समितियों को इंडेंट प्रेषित किया जा चुका है। इस बार यार्ड की क्षमता बढ़ाई गई है, जिससे अधिक संख्या में किसानों का प्रवेश एकसाथ कराया जा सके। वहीं, तौल के समय वजन की शिकायतों को लेकर एक बड़ी स्क्रीन भी यार्ड में लगाई जा रही है ताकि किसान तौल प्रक्रिया सीधे देख सकें। साथ ही वजन के उपरांत पुष्टि के लिए ग्रॉस स्लिप भी किसानों को दी जाएगी।
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विभाग इन दिनों प्री-कलेंडर आदि का वितरण करके तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। वहीं, मसौधा चीनी मिल द्वारा गन्ने का मांगपत्र भी प्रेषित किया गया है। विभाग के इस ऐलान से गन्ना किसानों में खुशी का माहौल है।
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जिले के 1935 गांवों में करीब 93 हजार गन्ना किसान हैं। हालांकि इस वर्ष समय से गन्ना मूल्य भुगतान न होने सहित अन्य कारणों से जनपद में गन्ना रकबा में करीब छह प्रतिशत की कमी आई है।
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फिर भी मौजूदा सत्र में 44337 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों ने गन्ना उत्पादन किया है। इसमें पौधा का क्षेत्रफल 22097 हेक्टेयर व पेड़ी का 22240 हेक्टेयर शामिल है। इस वर्ष 6055 किसानों ने समितियों में नई सदस्यता ली है। गन्ने की फसल लगभग तैयार है, जिसे समय से बेचने के लिए किसान चिंतित हैं।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए गन्ना विभाग के दबाव में जिले की चीनी मिलों ने पेराई सत्र शुभारंभ की घोषणा की है। सबसे पहले केएम शुगर मिल्स लिमिटेड मोतीनगर मसौधा में 22 नवंबर को पेराई शुरू होगी। जबकि दो दिन विलंब से रौजागांव चीनी मिल में 24 नवंबर से पेराई शुरू होगी।
इन दिनों चीनी मिल व विभाग की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। चीनी मिल की ओर से विभाग द्वारा आवंटित क्रय केंद्रों को स्थापित करने की कवायद जारी है। मिल संचालन के एक दिन पूर्व ही इन केंद्रों में गन्ना खरीद प्रारंभ की जाएगी।
मसौधा चीनी मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक गन्ना डॉ. एके त्रिपाठी ने बताया कि सभी बाह्य क्रय केंद्रों पर इस बार इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे स्थापित किये गए हैं। 21 नवंबर से क्रय केंद्रों पर खरीद प्रारंभ हो जाएगी।
गन्ना आपूर्ति के लिए समितियों को इंडेंट प्रेषित किया जा चुका है। इस बार यार्ड की क्षमता बढ़ाई गई है, जिससे अधिक संख्या में किसानों का प्रवेश एकसाथ कराया जा सके। वहीं, तौल के समय वजन की शिकायतों को लेकर एक बड़ी स्क्रीन भी यार्ड में लगाई जा रही है ताकि किसान तौल प्रक्रिया सीधे देख सकें। साथ ही वजन के उपरांत पुष्टि के लिए ग्रॉस स्लिप भी किसानों को दी जाएगी।