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नयनाभिराम दृश्यों से सजेगी श्रीराम जन्मभूमि, रामायण-काल में खो जाएंगे अतिथि
Thu, 30 Jul 2020 02:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा
धीरेंद्र सिंह, अयोध्या
धीरेंद्र सिंह, अयोध्या
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 30 Jul 2020 02:09 AM IST
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दर्शन मार्ग पर साज-सज्जा...
- फोटो : अमर उजाला
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स्वागतं ते महाबाहो कौसल्यानन्दवर्धन, इति प्रांजलय: सर्वे नागरा राममब्रुवन। अर्थात माता कौशल्या का आनंद बढ़ाने वाले महाबाहु श्रीराम आपका स्वागत है... वाल्मीकि रामायण का यह श्लोक एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आने पर साकार होता दिखेगा। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन में कोरोना के कारण अयोध्यावासियों की तमाम मुरादें अब अवध विश्वविद्यालय की 80 बेटियां पूरी करेंगी।
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परिसर के प्रवेश द्वार से लेकर गर्भगृह तक 45 अलग-अलग ब्लॉक तय करके इन बेटियों को प्रभु राम और संतों से जुड़ेे प्रतीकों को फूलों और रंगों से सजाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन ब्लॉकों को भए प्रकट कृपाला..., जा पर कृपा राम कै होई..., प्रबिसि नगर कीजै सब काजा.., मंगल भवन अमंगल हारी... जैसे नाम दिए गए हैं।
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यह पहला अवसर होगा जब सदियों तक संघर्ष और उपेक्षा की गवाह रही श्रीराम जन्मभूमि पर हमारे अपने घरों की बेटियों के कदम पड़ेंगे। इसे लेकर परिवारों में खासा उत्साह है। कहा जा रहा है कि यह थीम भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुझाई हुई है। शासन और प्रशासन के निर्देश के बाद अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित की अध्यक्षता में रामायण कालीन श्रीराम जन्मभूमि को सजीव रूप देने की बुधवार को कार्ययोजना तय हुई।
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इसके मुताबिक विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट की विभागाध्यक्ष डॉ. सरिता द्विवेदी के नेतृत्व में विभाग की 70 छात्राओं के साथ 10 विभागों की छात्राओं का चयन करके श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर गर्भगृह तक ऐसा दृश्य उकेरने की योजना है, जैसा लंका पर विजय करके लौटे प्रभु राम के स्वागत में अयोध्यावासियों ने सजाए थे।
मोदी समेत अतिथियों पर पुष्पवर्षा करेंगी छात्राएं
श्रीराम जन्मभूमि परिसर में प्रवेश करते समय अवध विश्वविद्यालय की छात्राएं रोली चंदन का तिलक लगाकर गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षां कर स्वागत करेंगी। यहां न ट्रस्ट के जिम्मेदार लोग होंगे न सरकार और शासन के प्रतिनिधि। स्वागत का पूरा जिम्मा विश्वविद्यालय की छात्राओं पर ही होगा।
राममय बनाने को 25 जगह मानस पाठ
कोरोना काल में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन में प्रधानमंत्री के जाने को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं लेकिन अयोध्या में खास 25 स्थानों पर 24 घंटे मानस पाठ और भजन का कार्यक्रम भी होगा। यह कार्यक्रम संस्कृति विभाग के सौजन्य से होगा। इन 25 स्थलों में अयोध्या-फैजाबाद के सभी बड़े धार्मिक स्थल समाहित हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने रामनगरी के मुख्य मार्ग पर स्थित 25 स्थानों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के मद्देनजर दो दिन चार व पांच अगस्त को दीपोत्सव को हरी झंडी दी है।