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Ayodhya News: रामपथ के चौड़ीकरण का गतिरोध दूर, व्यापारी माने
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अयोध्या-व्यापारियों से उनकी दुकान पर जाकर वार्ता करते जिलाधिकारी नितीश कुमार।-संवाद
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। रामपथ के चौड़ीकरण को लेकर चल रहा गतिरोध मंगलवार को डीएम के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया है। डीएम ने रामपथ के एक-एक दुकानदार/भवन स्वामी के दरवाजे-दरवाजे जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और शंकाओं का समाधान किया। सभी की एक-एक समस्याएं उन्होंने नोट कराईं और विभागीय अधिकारियों को समस्या के तत्काल निस्तारण का निर्देश दिया।
समस्या निस्तारण की पहल करते हुए कलेक्ट्रेट में काउंटर की भी स्थापना की जाएगी, जहां व्यापारी अपनी शंका-समस्या का समाधान करा सकते हैं। इसके अलावा दस टीमें बनाई गई हैं, जो भौतिक सत्यापन कर समस्या निस्तारित करेंगी। बताते चले कि रामपथ के चौड़ीकरण के विरोध में व्यापारियों ने दो दिनों तक दुकानें बंद रख विरोध प्रदर्शन किया।
पहले दिन 27 नवंबर को जब व्यापारियों ने बंदी की, उस दिन सीएम योगी आदित्यनाथ भी अयोध्या के दौरे पर रहे। उन्होंने दोपहर में समीक्षा बैठक में इसको लेकर नाराजगी भी जाहिर की थी। व्यापारियों के विरोध व सीएम के सख्त रुख के बाद प्रशासन दबाव में आया और मंगलवार को डीएम नितीश कुमार ने स्वयं मोर्चा संभाला।
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रामपथ सहादतगंज-नयाघाट मार्ग के एक-एक दुकानदारों से उन्होंने बात की। उनकी समस्याएं सुनीं, उनकी शंकाओं का समाधान किया। डीएम ने बताया कि रामपथ के चौड़ीकरण से प्रभावित दुकानदारों की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण कराने के लिए 10 टीमें बनाईं गयी हैं। इसमें जेई, कानूनगो व लेखपाल होंगे, जो सभी दुकानदारों से बात करेंगे।
बताया कि पर्यटकों व श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या देखते हुए आधारभूत संरचना मजबूत और बेहतर करने के लिए मार्ग का चौड़ीकरण बहुत ही आवश्यक है। इसके लिये व्यापारी भी सहमत हैं, दुकानदारों ने आश्वस्त किया है कि 15 दिसंबर तक सब अपनी दुकानों को हटा लेंगे। इस दौरान एडीएम प्रशासन अमित सिंह, आरएम अयोध्या संदीप श्रीवास्तव सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
भक्तिपथ पर बार-बार बदली जा रही डिजाइन
डीएम से भक्तिपथ के दुकानदार भी मिले। चौड़ीकरण का विरोध कर रहे रामगुलेला के 16 व्यापारियों ने भी डीएम से मुलाकात की। व्यापारियों ने उन्हें बताया कि भक्ति पथ की बार-बार डिजाइन बदल जा रही है, जिससे फसाड आदि को तोड़कर नया डिजाइन बनवाना पड़ रहा है। डीएम ने एडीएम प्रशासन को समस्या निस्तारण का निर्देश दिया। फसाड/डिजाइन आदि में एकरूपता का आश्वासन दिया गया है।
व्यापारी बोले- प्रशासन के रुख का स्वागत
व्यापारी नेेता नंद कुमार गुप्ता नंदू के कहा कि रामपथ निर्माण को लेकर डीएम ने दरवाजे-दरवाजे जाकर समस्याएं सुनीं। तमाम गतिरोध दूर हो गए हैं, कुछ समस्याएं बाकी हैं, जिनका जल्द ही निस्तारण होने की उम्मीद है। पंकज गुप्ता ने कहा प्रशासन के सकारात्मक पहल का स्वागत है। नंद लाल गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, बृजकिशोर पांडेय आदि व्यापारियों ने प्रशासन को सहयोग की बात कही।
भौतिक सत्यापन के बाद बढ़ेगा मुआवजा
डीएम ने बताया कि यदि किसी दुकानदार ने अपनी पुरानी दुकान में अनुरक्षण/मेंटीनेंस का कार्य किया है तो गठित टीमें उसका भौतिक सत्यापन कर मूल्यांकन करेंगी। इसके बाद नियमानुसार उसका मुआवजा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि प्रभावित दुकानों को जीविकोपार्जन के लिए अनुग्रह राशि भी प्रदान की जा रही है।
इन बिंदुओं पर बनी सहमति
- न्यूनतम पांच लाख, अधिकतम 20 लाख मुआवजा दिलाने का दिया भरोसा
- एक सिरे से बुलडोजर से दुकानें तोड़नेे के बजाए व्यापारियों को दी गई मोहलत
- विवाद निपटाने के लिए मकान मालिकों/किरायेदार व प्रशासन की कमेटी बनेगी
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समस्या निस्तारण की पहल करते हुए कलेक्ट्रेट में काउंटर की भी स्थापना की जाएगी, जहां व्यापारी अपनी शंका-समस्या का समाधान करा सकते हैं। इसके अलावा दस टीमें बनाई गई हैं, जो भौतिक सत्यापन कर समस्या निस्तारित करेंगी। बताते चले कि रामपथ के चौड़ीकरण के विरोध में व्यापारियों ने दो दिनों तक दुकानें बंद रख विरोध प्रदर्शन किया।
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पहले दिन 27 नवंबर को जब व्यापारियों ने बंदी की, उस दिन सीएम योगी आदित्यनाथ भी अयोध्या के दौरे पर रहे। उन्होंने दोपहर में समीक्षा बैठक में इसको लेकर नाराजगी भी जाहिर की थी। व्यापारियों के विरोध व सीएम के सख्त रुख के बाद प्रशासन दबाव में आया और मंगलवार को डीएम नितीश कुमार ने स्वयं मोर्चा संभाला।
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रामपथ सहादतगंज-नयाघाट मार्ग के एक-एक दुकानदारों से उन्होंने बात की। उनकी समस्याएं सुनीं, उनकी शंकाओं का समाधान किया। डीएम ने बताया कि रामपथ के चौड़ीकरण से प्रभावित दुकानदारों की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण कराने के लिए 10 टीमें बनाईं गयी हैं। इसमें जेई, कानूनगो व लेखपाल होंगे, जो सभी दुकानदारों से बात करेंगे।
बताया कि पर्यटकों व श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या देखते हुए आधारभूत संरचना मजबूत और बेहतर करने के लिए मार्ग का चौड़ीकरण बहुत ही आवश्यक है। इसके लिये व्यापारी भी सहमत हैं, दुकानदारों ने आश्वस्त किया है कि 15 दिसंबर तक सब अपनी दुकानों को हटा लेंगे। इस दौरान एडीएम प्रशासन अमित सिंह, आरएम अयोध्या संदीप श्रीवास्तव सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
भक्तिपथ पर बार-बार बदली जा रही डिजाइन
डीएम से भक्तिपथ के दुकानदार भी मिले। चौड़ीकरण का विरोध कर रहे रामगुलेला के 16 व्यापारियों ने भी डीएम से मुलाकात की। व्यापारियों ने उन्हें बताया कि भक्ति पथ की बार-बार डिजाइन बदल जा रही है, जिससे फसाड आदि को तोड़कर नया डिजाइन बनवाना पड़ रहा है। डीएम ने एडीएम प्रशासन को समस्या निस्तारण का निर्देश दिया। फसाड/डिजाइन आदि में एकरूपता का आश्वासन दिया गया है।
व्यापारी बोले- प्रशासन के रुख का स्वागत
व्यापारी नेेता नंद कुमार गुप्ता नंदू के कहा कि रामपथ निर्माण को लेकर डीएम ने दरवाजे-दरवाजे जाकर समस्याएं सुनीं। तमाम गतिरोध दूर हो गए हैं, कुछ समस्याएं बाकी हैं, जिनका जल्द ही निस्तारण होने की उम्मीद है। पंकज गुप्ता ने कहा प्रशासन के सकारात्मक पहल का स्वागत है। नंद लाल गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, बृजकिशोर पांडेय आदि व्यापारियों ने प्रशासन को सहयोग की बात कही।
भौतिक सत्यापन के बाद बढ़ेगा मुआवजा
डीएम ने बताया कि यदि किसी दुकानदार ने अपनी पुरानी दुकान में अनुरक्षण/मेंटीनेंस का कार्य किया है तो गठित टीमें उसका भौतिक सत्यापन कर मूल्यांकन करेंगी। इसके बाद नियमानुसार उसका मुआवजा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि प्रभावित दुकानों को जीविकोपार्जन के लिए अनुग्रह राशि भी प्रदान की जा रही है।
इन बिंदुओं पर बनी सहमति
- न्यूनतम पांच लाख, अधिकतम 20 लाख मुआवजा दिलाने का दिया भरोसा
- एक सिरे से बुलडोजर से दुकानें तोड़नेे के बजाए व्यापारियों को दी गई मोहलत
- विवाद निपटाने के लिए मकान मालिकों/किरायेदार व प्रशासन की कमेटी बनेगी