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बिसुही नदी के उद्धार को करनी होगा 67 किमी खोदाई

Thu, 27 Feb 2020 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2020 11:42 PM IST
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river
अयोध्या। रामायण में वर्णित बिसुही नदी के उद्धार की तैयारी है। इसे जलप्रवाह लायक बनाए जाने का प्रयास होगा। पौराणिक बिसुही नदी जिले के तीन ब्लाकों के 33 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरती है। इसे सदानीरा बनाए जाने के लिए 67 किलोमीटर खुदाई करनी होगी। इसके लिए मनरेगा के तहत एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है।
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अयोध्या नगरी से वनवास के लिए निकले श्रीराम ने जिन बड़ी नदियों को पार किया था उनमें तमसा के साथ बिसुही भी है। तिलोदकी गंगा तो अयोध्या नगरी से सटकर ही सरयू से संगम करती है।
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अयोध्या से बहने वाली इन प्रमुख नदियों को उद्धार पर काम पिछले साल तमसा की खुदाई के साथ ही शुरू हो गया है। जिले में लगभग 151 किमी की खुदाई करके करके तमसा को सदानीरा बनाने की कोशिश की गई। बारिश में कई स्थानों पर इसका विहंगम नजारा देखने को मिला।
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अब इसके बाद बिसुही और तिलोदकी गंगा पर प्रशासन की निगाह है। तिलोदकी गंगा का रूट तैयार करने के लिए सीडीओ प्रथमेश कुमार ने सोहावल व सदर के एसडीएम के साथ ही संबंधित क्षेत्र के बीडीओ को पत्र भेजा है। हालांकि एसडीएम के स्तर से संबंधित गांवों की रिपोर्ट अभी नहीं आई है लेकिन बिसुही का रूटचार्ट तैयार हो गया है।
पौराणिक बिसुही नदी जिले के तीन ब्लाकों हैरिंग्गटनगंज, बीकापुर और तारून से होकर निकलती है। यह इन ब्लाकों के 33 ग्राम पंचायतों से होकर जाती है। इसका उद्गम स्थल पड़ोसी जनपद सुल्तानपुर की ऐंजल झील है जो जिले के हैरिंग्टनगंज ब्लाक की ग्राम पंचायत सिंधौरा से बिसुही नदी के रूप में अभ्युदय होती है। अयोध्या में जिले में यह नदी लगभग 67.68 किमी चलकर तारून ब्लाक की ग्राम पंचायत सिसा नियाजपुर होते हुए पड़ोसी जिले अंबेडकरनगर में प्रवेश करती है। इसके जीर्णोद्धार के एक्शन प्लान पर काम शुरू हो गया है।
प्रशासन का मानना है कि इसके जीर्णोद्धार से पोराणिक नदी अपने स्वरूप को प्राप्त कर सकेगी। परियोजना से जिले के श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध होगा। स्थायी परिसंपत्ति का सृजन होगा। सिचंन क्षमता मे वृद्धि होगी। फसलों से उत्पादन बढ़ेगी। जल संचयन और जल पुनर्भरण होगा। इसके किनारे वृक्षारोपण से परिस्थिकीय संतुलन बना रहेगा। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

बिसुही और तिलोदकी के जीर्णोद्धार की कोशिश है। बिसुही की रूट चार्ट तैयार हो गया है। तिलोदकी का शीघ्र मिलेगा। बिसुदी जिले में 67 किमी बहती है। इसकी खुदाई के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। एसडीएम, बीडीओ के स्तर से तिलोदकी गंगा का रुट चार्ट मिलने के बाद इसका प्लान तैयार किया जाएगा।
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