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धूमधाम से मना रामलला का छट्ठी महोत्सव
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अयोध्या। प्रभु श्रीराम का छट्ठी का उत्सव रामनगरी के दर्जनों मंदिरों में धूमधाम से मनाया गया। कई मंदिरों में भगवान को छप्पन भोग लगा, बधाई गान की महफिल सजी तो कहीं रामार्चा पूजन व अन्य अनुष्ठान हुए। बधइया बाजे आंगने में, बधईया बाजे आंगने में... जैसे आचार्य प्रणीत पदों के गायन से उत्सव श्रद्धा का केंद्र बना रहा।
सरयू तट स्थित रसिकपीठ लक्ष्मण किला में छट्ठी महोत्सव का उल्लास चरम पर दिखा। देर रात तक मंदिर में गीत-संगीत की महफिल सजी। सदा शुभ होवे जन्म की घड़ी, हे रानी जुग-जुग जीवे तेरा ललना... बधाई गान के जरिए कलाकारों ने राजा दशरथ को रामजन्म की बधाई देते हुए उनके लिए शुभकामनाएं दीं। इसी तरह हनुमत निवास में तीन रामार्चा महायज्ञ हुआ।
मंदिर के महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने बताया कि दोपहर में बधाई व छठी गान का सिलसिला शुरू हुआ तो आधी रात तक चलता रहा। इस अवसर पर मौजूद महंत मैथिलीरमण शरण, ज.गु. श्रीरामदिनेशाचार्य, महंत रामभूषण दास कृपालु, महंत अंजनी शरण, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह टिल्लू, अवधेश पांडेय बादल सहित अन्य भक्त भक्तिभाव में लीन दिखे।
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श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास के निर्देशन में श्रीरामवल्लभाकुंज में छट्ठी उत्सव भव्यता का केंद्र रहा। यहां देर रात भगवान रामलला को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। शास्त्रीय संगीतज्ञों ने बधाई गान की प्रस्तुति दी। बड़ी संख्या में भक्त-श्रद्धालु मौजूद रहे।
जानकी महल ट्रस्ट में भी छट्ठी महोत्सव पर विविध अनुष्ठान हुए। यहां विराजमान भगवान को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। यहां भी बधाई गान का सिलसिला देर रात तक चला। जानकी महल के ट्रस्टी आदित्य सुलतानिया, प्रबंधक नरेश पोद्दार, रामकुमार शर्मा ने संत-धर्माचार्यों सहित विशिष्टजनों का अभिनंदन किया। इसी तरह रंगमहल, सियारामकिला, रसमोद कुंज सहित अन्य कई मंदिरों में छठी महोत्सव का उल्लास छलकता दिखा।
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सरयू तट स्थित रसिकपीठ लक्ष्मण किला में छट्ठी महोत्सव का उल्लास चरम पर दिखा। देर रात तक मंदिर में गीत-संगीत की महफिल सजी। सदा शुभ होवे जन्म की घड़ी, हे रानी जुग-जुग जीवे तेरा ललना... बधाई गान के जरिए कलाकारों ने राजा दशरथ को रामजन्म की बधाई देते हुए उनके लिए शुभकामनाएं दीं। इसी तरह हनुमत निवास में तीन रामार्चा महायज्ञ हुआ।
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मंदिर के महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने बताया कि दोपहर में बधाई व छठी गान का सिलसिला शुरू हुआ तो आधी रात तक चलता रहा। इस अवसर पर मौजूद महंत मैथिलीरमण शरण, ज.गु. श्रीरामदिनेशाचार्य, महंत रामभूषण दास कृपालु, महंत अंजनी शरण, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह टिल्लू, अवधेश पांडेय बादल सहित अन्य भक्त भक्तिभाव में लीन दिखे।
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श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास के निर्देशन में श्रीरामवल्लभाकुंज में छट्ठी उत्सव भव्यता का केंद्र रहा। यहां देर रात भगवान रामलला को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। शास्त्रीय संगीतज्ञों ने बधाई गान की प्रस्तुति दी। बड़ी संख्या में भक्त-श्रद्धालु मौजूद रहे।
जानकी महल ट्रस्ट में भी छट्ठी महोत्सव पर विविध अनुष्ठान हुए। यहां विराजमान भगवान को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। यहां भी बधाई गान का सिलसिला देर रात तक चला। जानकी महल के ट्रस्टी आदित्य सुलतानिया, प्रबंधक नरेश पोद्दार, रामकुमार शर्मा ने संत-धर्माचार्यों सहित विशिष्टजनों का अभिनंदन किया। इसी तरह रंगमहल, सियारामकिला, रसमोद कुंज सहित अन्य कई मंदिरों में छठी महोत्सव का उल्लास छलकता दिखा।