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सिजरे पर आधारित होगा रामनगरी का नया मास्टर प्लान
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अयोध्या। रामनगरी का मास्टर प्लान 2031 सिजरे पर आधारित होगा। कोई भी व्यक्ति अपने भूमि का उपयोग राजस्व विभाग के गाटा नंबर से जान सकेगा। इसके लिए घर-घर का सर्वे किया जा रहा है। इसमें पहले चरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। अनलॉक वन में दूसरे चरण का सर्वे कार्य एस्टेलाइट कंपनी की ओर से शुरू किया जा चुका है।
राममंदिर पर फैसला आने के बाद अमृत योजना के तहत जियोलॉजिकल बेस पर रामनगरी का मास्टर प्लान बन रहा है। इसमें अयोध्या विकास प्राधिकरण के विकास क्षेत्र को बढ़ाने की कवायद चल रही। इसमें गोंडा और बस्ती जनपद के कुछ इलाकों को अयोध्या के विकास क्षेत्र में शामिल किया जाना है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में पास प्रस्ताव के अनुसार अयोध्या नगर निगम, अयोध्या जनपद की भदरसा नगर पालिका, अयोध्या जनपद के 155 गांव, गोंडा जनपद की नवाबगंज नगर पालिका, गोंडा जनपद के 60 गांव व बस्ती जनपद के 90 गांव शामिल होने हैं। इसका प्रस्ताव अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से शासन को भेजा जा चुका है। दूसरी ओर निर्धारित कंपनी की ओर से सर्वे कार्य किया जा रहा है। अब तक पहले चरण का कार्य पूर्व हो चुका है। दरअसल लॉकडाउन के चलते सर्वे कार्य बाधित हो गया था।
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अब अनलॉक-वन में मिली छूट के बाद सर्वे कार्य ने फिर से तेजी पकड़ी है। टीमें घर घर पहुंच कर सर्वे का काम कर रही हैं। साथ ही नए मास्टर प्लान में विभागों से भी उनकी नई व भावी विकास योजनाओं की डिटेल व डेटा मांगे गए हैं, जिससे उसको नए मास्टर प्लान में शामिल किया जा सके। समस्त विभागीय सूचनाएं मिलने व सर्वे कंपनी की फाइनल रिपोर्ट तैयार हो जाने पर नगर व ग्रामीण नियोजन विभाग राजस्व विभाग के सिजरे आधारित मास्टर प्लान 2031 तैयार करेगा। इसमें कोई भी भूमि मालिक अपनी भूमि के गाटे की संख्या से अपने भूमि प्रयोग की स्थिति जान सकेगा कि उसकी भूमि कृषि, व्यावसायिक, आवासीय या किसी अन्य प्रकार की है।
अयोध्या का नया मास्टर प्लान 2031 सिजरे पर आधारित होगा। इसमें विकास क्षेत्र के लोग अपने गाटे की संख्या से अपनी भूमि का उपयोग जान सकेंगे। मौजूदा समय में इसका सर्वे चल रहा है। मास्टर प्लान को सही दिशा देने के लिए समस्त सरकारी विभागों को भी शामिल किया गया है। सभी से आगामी व मौजूदा योजनाओं के डेटा लिए जा रहे हैं।
- नीलेश सिंह कटिहार
सह आयुक्त नियोजक, नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग, अयोध्या मंडल
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राममंदिर पर फैसला आने के बाद अमृत योजना के तहत जियोलॉजिकल बेस पर रामनगरी का मास्टर प्लान बन रहा है। इसमें अयोध्या विकास प्राधिकरण के विकास क्षेत्र को बढ़ाने की कवायद चल रही। इसमें गोंडा और बस्ती जनपद के कुछ इलाकों को अयोध्या के विकास क्षेत्र में शामिल किया जाना है।
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अयोध्या विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में पास प्रस्ताव के अनुसार अयोध्या नगर निगम, अयोध्या जनपद की भदरसा नगर पालिका, अयोध्या जनपद के 155 गांव, गोंडा जनपद की नवाबगंज नगर पालिका, गोंडा जनपद के 60 गांव व बस्ती जनपद के 90 गांव शामिल होने हैं। इसका प्रस्ताव अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से शासन को भेजा जा चुका है। दूसरी ओर निर्धारित कंपनी की ओर से सर्वे कार्य किया जा रहा है। अब तक पहले चरण का कार्य पूर्व हो चुका है। दरअसल लॉकडाउन के चलते सर्वे कार्य बाधित हो गया था।
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अब अनलॉक-वन में मिली छूट के बाद सर्वे कार्य ने फिर से तेजी पकड़ी है। टीमें घर घर पहुंच कर सर्वे का काम कर रही हैं। साथ ही नए मास्टर प्लान में विभागों से भी उनकी नई व भावी विकास योजनाओं की डिटेल व डेटा मांगे गए हैं, जिससे उसको नए मास्टर प्लान में शामिल किया जा सके। समस्त विभागीय सूचनाएं मिलने व सर्वे कंपनी की फाइनल रिपोर्ट तैयार हो जाने पर नगर व ग्रामीण नियोजन विभाग राजस्व विभाग के सिजरे आधारित मास्टर प्लान 2031 तैयार करेगा। इसमें कोई भी भूमि मालिक अपनी भूमि के गाटे की संख्या से अपने भूमि प्रयोग की स्थिति जान सकेगा कि उसकी भूमि कृषि, व्यावसायिक, आवासीय या किसी अन्य प्रकार की है।
अयोध्या का नया मास्टर प्लान 2031 सिजरे पर आधारित होगा। इसमें विकास क्षेत्र के लोग अपने गाटे की संख्या से अपनी भूमि का उपयोग जान सकेंगे। मौजूदा समय में इसका सर्वे चल रहा है। मास्टर प्लान को सही दिशा देने के लिए समस्त सरकारी विभागों को भी शामिल किया गया है। सभी से आगामी व मौजूदा योजनाओं के डेटा लिए जा रहे हैं।
- नीलेश सिंह कटिहार
सह आयुक्त नियोजक, नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग, अयोध्या मंडल