{"_id":"5dd967ca8ebc3e55061a9782","slug":"ram-mandir-faizabad-news-lko4938552107","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज युगों की साधना सफल हुई: साध्वी ऋतंभरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज युगों की साधना सफल हुई: साध्वी ऋतंभरा
विज्ञापन
रामलला का दर्शन कर बाहर आतीं साध्वी ऋतंभरा।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। अधिवक्ताओं के सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए राम मंदिर आंदोलन की अग्रिम पंक्ति की नेता साध्वी ऋतंभरा शनिवार को अयोध्या पहुंचीं।
इस दौरान उन्होंने रामलला के दर्शन किए व श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष व मणिरामदासजी की छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज युगों की साधना सफल हुई। कहा, साधना कभी व्यर्थ नहीं होती, जब चलते हैं अनवरत चलते हैं, गिरते हैं, संभलते हैं लेकिन अंत में मंजिल जरूर मिलती है।
साध्वी ने कहा कि अब मंजिल है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के साथ अयोध्या में एक ऐसे सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना हो जिससे सारा समाज मानवता, सहजता, संबंधों के महत्व, त्याग व परीक्षा का संदेश पूरे विश्व को दें।
कहा कि भारत का जीवन पद्धति व चिंतन क्या है, हम कैसे अपनों के लिए जीवन जीते हैं, इसे लोग अयोध्या से जानेंगे। इसको सोचकर ही जीवन रोमांचित हो जाता है।
अयोध्या में शहीद हुए कारसेवकों के बारे में कहा कि जिन्होंने अपना जीवन रामलला के लिए समर्पित किया है, इसकी प्रेरणा आगे आने वाली संतानों को मिले इसके लिए उनके चरणों में पुष्प अर्पित कर प्रार्थना करती हूं कि लोग उनसे प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
विज्ञापन
ट्रस्ट में जो भी होंगे या नहीं होंगे सभी होंगे जिम्मेदार
रामलला के दर्शन के उपरांत पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब सारे शुभ कार्य शुभता व सौमनस्यता के साथ होंगे। सब अच्छा ही होगा। ट्रस्ट को लेकर कहा कि ये तो बड़े लोग तय करें, हम तो गिलहरी की तरह सेवा करते हैं। मंदिर निर्माण के लिए लोगों ने समर्पण व त्याग किया है। सबने अपनी-अपनी तरह से योगदान दिया है। ट्रस्ट में जो भी होंगे वो भी जिम्मेदार होंगे जो नहीं होंगे वो भी जिम्मेदार होंगे। अयोध्या धाम पूरे विश्व में एक बड़ा सांस्कृतिक तीरथ बनने जा रहा है। इस युग में जब संबंध टूट रहे हैं ऐसे में ये आपसी संबंधों को एक नया आयाम प्रदान करेगा।
विज्ञापन
इस दौरान उन्होंने रामलला के दर्शन किए व श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष व मणिरामदासजी की छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज युगों की साधना सफल हुई। कहा, साधना कभी व्यर्थ नहीं होती, जब चलते हैं अनवरत चलते हैं, गिरते हैं, संभलते हैं लेकिन अंत में मंजिल जरूर मिलती है।
साध्वी ने कहा कि अब मंजिल है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के साथ अयोध्या में एक ऐसे सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना हो जिससे सारा समाज मानवता, सहजता, संबंधों के महत्व, त्याग व परीक्षा का संदेश पूरे विश्व को दें।
विज्ञापन
कहा कि भारत का जीवन पद्धति व चिंतन क्या है, हम कैसे अपनों के लिए जीवन जीते हैं, इसे लोग अयोध्या से जानेंगे। इसको सोचकर ही जीवन रोमांचित हो जाता है।
अयोध्या में शहीद हुए कारसेवकों के बारे में कहा कि जिन्होंने अपना जीवन रामलला के लिए समर्पित किया है, इसकी प्रेरणा आगे आने वाली संतानों को मिले इसके लिए उनके चरणों में पुष्प अर्पित कर प्रार्थना करती हूं कि लोग उनसे प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
विज्ञापन
ट्रस्ट में जो भी होंगे या नहीं होंगे सभी होंगे जिम्मेदार
रामलला के दर्शन के उपरांत पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब सारे शुभ कार्य शुभता व सौमनस्यता के साथ होंगे। सब अच्छा ही होगा। ट्रस्ट को लेकर कहा कि ये तो बड़े लोग तय करें, हम तो गिलहरी की तरह सेवा करते हैं। मंदिर निर्माण के लिए लोगों ने समर्पण व त्याग किया है। सबने अपनी-अपनी तरह से योगदान दिया है। ट्रस्ट में जो भी होंगे वो भी जिम्मेदार होंगे जो नहीं होंगे वो भी जिम्मेदार होंगे। अयोध्या धाम पूरे विश्व में एक बड़ा सांस्कृतिक तीरथ बनने जा रहा है। इस युग में जब संबंध टूट रहे हैं ऐसे में ये आपसी संबंधों को एक नया आयाम प्रदान करेगा।