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राम मंदिर का प्रबंधन हिंदुत्व की भावना के अनुरूप होना चाहिए : अंबरीश
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पत्रकारों से वार्ता करते अम्बरीश जी व शरद शर्मा।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। विहिप के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी अंबरीश जी ने कहा कि 500 साल पुराने विवाद का समाधान हो गया है। राममंदिर मुद्दे का समाधान राष्ट्र व राम के स्वाभिमान की पुन:प्रतिष्ठा का महायज्ञ है।
इससे बड़ी खुशी हमारे लिए और क्या हो सकती थी। जो मंदिर बने वह हिंदुत्व की भावना का प्रतिनिधित्व करने वाला हो। ट्रस्ट बनाने का काम सरकार करेगी, बाकी चीजें सरकार तय करेगी, लेकिन मंदिर का प्रबंधन हिंदुत्व की भावना के अनुरूप होना चाहिए। सरकार इस दिशा में कामकर रही है।
कहा कि हमें सरकार पर भरोसा है, जो भी करेगी अच्छा करेगी। किसी को ऐसा नहीं लगेगा कि गलत हुआ। यह कुछ लोगों का मंदिर नहीं होगा बल्कि हिंदु समाज का मंदिर होगा। हम सबको ऐसी ही उम्मीद है। वह मंगलवार को कारसेवकपुरम में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि जब फैसला आने वाला था तो कहीं कोई दिक्कत न हो इसलिए संघ, विहिप ने अपनी सभी बैठकें स्थगित कर दी थीं। सबको फैसले का इंतजार था तो देश की शांति व्यवस्था की भी चिंता थी।
इतना अच्छा फैसला आया है कि कोर्ट ने विवाद की कोई गुंजाइश ही नहीं छोड़ी है। कोर्ट ने सभी को संतुष्ट किया। मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन दी। निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में शामिल करने का भी आदेश दिया।
मंदिर बनने के बाद सेवा-पूजा पुजारी व संत ही करेगा। निर्मोही अखाड़े को कोर्ट ने जो अधिकार दिया है वह ठीक है, निर्मोही अखाड़ा में संत समाज ही हैं। और पूजा पाठ तो संत ही करते हैं।
कहा कि यह जीत संपूर्ण हिंदू समाज की है। प्रांत, भाषा, पंथ भेद से ऊपर उठकर संपूर्ण हिंदू समाज ने राममंदिर की लड़ाई लड़ी थी। मंदिर के लिए शिलापूजन हर वर्ग के लोगों ने किया था। जैन, बौद्ध, सिख धर्मों के लोगों ने भी मंदिर के लिए शिलापूजन किया था।
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इससे बड़ी खुशी हमारे लिए और क्या हो सकती थी। जो मंदिर बने वह हिंदुत्व की भावना का प्रतिनिधित्व करने वाला हो। ट्रस्ट बनाने का काम सरकार करेगी, बाकी चीजें सरकार तय करेगी, लेकिन मंदिर का प्रबंधन हिंदुत्व की भावना के अनुरूप होना चाहिए। सरकार इस दिशा में कामकर रही है।
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कहा कि हमें सरकार पर भरोसा है, जो भी करेगी अच्छा करेगी। किसी को ऐसा नहीं लगेगा कि गलत हुआ। यह कुछ लोगों का मंदिर नहीं होगा बल्कि हिंदु समाज का मंदिर होगा। हम सबको ऐसी ही उम्मीद है। वह मंगलवार को कारसेवकपुरम में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि जब फैसला आने वाला था तो कहीं कोई दिक्कत न हो इसलिए संघ, विहिप ने अपनी सभी बैठकें स्थगित कर दी थीं। सबको फैसले का इंतजार था तो देश की शांति व्यवस्था की भी चिंता थी।
इतना अच्छा फैसला आया है कि कोर्ट ने विवाद की कोई गुंजाइश ही नहीं छोड़ी है। कोर्ट ने सभी को संतुष्ट किया। मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन दी। निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में शामिल करने का भी आदेश दिया।
मंदिर बनने के बाद सेवा-पूजा पुजारी व संत ही करेगा। निर्मोही अखाड़े को कोर्ट ने जो अधिकार दिया है वह ठीक है, निर्मोही अखाड़ा में संत समाज ही हैं। और पूजा पाठ तो संत ही करते हैं।
कहा कि यह जीत संपूर्ण हिंदू समाज की है। प्रांत, भाषा, पंथ भेद से ऊपर उठकर संपूर्ण हिंदू समाज ने राममंदिर की लड़ाई लड़ी थी। मंदिर के लिए शिलापूजन हर वर्ग के लोगों ने किया था। जैन, बौद्ध, सिख धर्मों के लोगों ने भी मंदिर के लिए शिलापूजन किया था।