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धूमधाम से जनकपुर रवाना हुई राम बारात, थिरके संत व श्रद्धालु
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बरात में रथ पर मौजूद भगवान के स्वरूप व शामिल श्रद्धालु।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। गाजे-बाजे के साथ गुरुवार सुबह कारसेवकपुरम से धूमधाम के साथ श्रीराम बरात नेपाल के जनकपुर के लिए रवाना हुई। विहिप व धर्मयात्रा महासंघ के बैनर तले निकली इस राम बरात में शामिल संत, श्रद्धालुओं में खूब उत्साह दिखा। लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते दिखे।
बरात में दो रथ पर विग्रह के रूप में श्रीराम अपने चारों भाइयों व महाराज दशरथ व गुरु वशिष्ठ सवार थे। यात्रा का नेतृत्व विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष कन्हैयादास रामायणी समेत अन्य कर रहे थे।
पहले पड़ाव पर श्रीराजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल ने मणिरामदास छावनी के सामने भगवान राम समेत चारों भाइयों की आरती उतारी। इसके बाद बरात आगे की ओर रवाना हुई। बरात में करीब 200 लोग शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निकली राम बरात ने लोगों का उत्साह दोगुना कर दिया।
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गुरुवार सुबह करीब 9 बजे कारसेवकपुरम में मंगल गीत सिय रधुबीर विवाहु जे, सप्रेम गावही सुनही, तिन्ह कहुं सदा उछाहु मंगलायतन राम जस..., चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया, आज लोढ़ा से सेकाई इनके गाल सखिया... आदि मंगल गीत के साथ श्रीराम बरात को विदा करने के लिए पूजन शुरू हुआ।
आचार्य इंद्रदेव मिश्र के नेतृत्व में पं. दुर्गा प्रसाद पांडेय, नारद भट्टाराई व पवन शुक्ल समेत अन्य वैदिक विद्वानों व वेद पाठी छात्रों ने वेद मंत्रोच्चारण कर बरात को विदा कराया।
दो रथों पर विग्रह के रूप में सवार महाराज दशरथ, गुरु वशिष्ठ, गुरु विश्वामित्र समेत भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न की आरती विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, पुरुषोत्तम नारायन सिंह, दिनेश चंद्र, अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष कन्हैयादास रामायणी, सिया किशोरी शरण समेत अन्य ने उतारी।
बरात करीब 10 बजे रवाना हुई जो बिहार के रास्ते होते हुए 28 को नेपाल के जनकपुर पहुंचेगी। इस बरात में दो रथ समेत दर्जनों चार पहिया वाहन समेत करीब दो सौ लोग शामिल रहे।
महाराज दशरथ, गुरु वशिष्ठ व विश्वामित्र चारों भाइयों को लेकर जनकपुर रवाना
श्रीराम बरात यात्रा में दो रथ शामिल रहे। इनमें से एक श्रीराम मंदिर मॉडल नुमा रथ रहा। इस पर श्रीराम अपने तीनों भाइयों के साथ तो दूसरे रथ पर महराजा दशरथ, गुरु वशिष्ठ व गुरु विश्वामित्र सवार रहे। राजा दशरथ की भूमिका में अयोध्या महंत कन्हैयादास रामायणी, गुरु वशिष्ठ की भूमिका में दिगंबर अनी के मंत्री महंत वैष्णवदास व गुरु विश्वामित्र की भूमिका में हरिद्वार के सिद्ध पीठ हनुमान मंदिर के महंत रामेश्वरदास शामिल रहे।
श्रीराम बरात का यहां होगा पड़ाव
बरात 21 नवंबर की रात आजमगढ़ में विश्राम करने के बाद आगे रवाना होगी। 22 को बिहार के बक्सर, 23 को पाटलिपुत्र, 24 को सीतामढ़ी, 25 को दरभंगा, 26 को बांसोपट्टी, 27 को मतिहानी नेपाल में विश्राम के बाद 28 को जनकपुर पहुंचेगी।
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बरात में दो रथ पर विग्रह के रूप में श्रीराम अपने चारों भाइयों व महाराज दशरथ व गुरु वशिष्ठ सवार थे। यात्रा का नेतृत्व विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष कन्हैयादास रामायणी समेत अन्य कर रहे थे।
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पहले पड़ाव पर श्रीराजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल ने मणिरामदास छावनी के सामने भगवान राम समेत चारों भाइयों की आरती उतारी। इसके बाद बरात आगे की ओर रवाना हुई। बरात में करीब 200 लोग शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निकली राम बरात ने लोगों का उत्साह दोगुना कर दिया।
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गुरुवार सुबह करीब 9 बजे कारसेवकपुरम में मंगल गीत सिय रधुबीर विवाहु जे, सप्रेम गावही सुनही, तिन्ह कहुं सदा उछाहु मंगलायतन राम जस..., चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया, आज लोढ़ा से सेकाई इनके गाल सखिया... आदि मंगल गीत के साथ श्रीराम बरात को विदा करने के लिए पूजन शुरू हुआ।
आचार्य इंद्रदेव मिश्र के नेतृत्व में पं. दुर्गा प्रसाद पांडेय, नारद भट्टाराई व पवन शुक्ल समेत अन्य वैदिक विद्वानों व वेद पाठी छात्रों ने वेद मंत्रोच्चारण कर बरात को विदा कराया।
दो रथों पर विग्रह के रूप में सवार महाराज दशरथ, गुरु वशिष्ठ, गुरु विश्वामित्र समेत भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न की आरती विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, पुरुषोत्तम नारायन सिंह, दिनेश चंद्र, अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष कन्हैयादास रामायणी, सिया किशोरी शरण समेत अन्य ने उतारी।
बरात करीब 10 बजे रवाना हुई जो बिहार के रास्ते होते हुए 28 को नेपाल के जनकपुर पहुंचेगी। इस बरात में दो रथ समेत दर्जनों चार पहिया वाहन समेत करीब दो सौ लोग शामिल रहे।
महाराज दशरथ, गुरु वशिष्ठ व विश्वामित्र चारों भाइयों को लेकर जनकपुर रवाना
श्रीराम बरात यात्रा में दो रथ शामिल रहे। इनमें से एक श्रीराम मंदिर मॉडल नुमा रथ रहा। इस पर श्रीराम अपने तीनों भाइयों के साथ तो दूसरे रथ पर महराजा दशरथ, गुरु वशिष्ठ व गुरु विश्वामित्र सवार रहे। राजा दशरथ की भूमिका में अयोध्या महंत कन्हैयादास रामायणी, गुरु वशिष्ठ की भूमिका में दिगंबर अनी के मंत्री महंत वैष्णवदास व गुरु विश्वामित्र की भूमिका में हरिद्वार के सिद्ध पीठ हनुमान मंदिर के महंत रामेश्वरदास शामिल रहे।
श्रीराम बरात का यहां होगा पड़ाव
बरात 21 नवंबर की रात आजमगढ़ में विश्राम करने के बाद आगे रवाना होगी। 22 को बिहार के बक्सर, 23 को पाटलिपुत्र, 24 को सीतामढ़ी, 25 को दरभंगा, 26 को बांसोपट्टी, 27 को मतिहानी नेपाल में विश्राम के बाद 28 को जनकपुर पहुंचेगी।