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धर्मनगरी अयोध्या को प्रदूषणमुक्त बनाने का सपना अधर में
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अयोध्या। श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ धर्मनगरी अयोध्या को भव्य व नव्य बनाने के साथ अयोध्या को प्रदूषण मुक्त बनाने की भी तैयारी की गई है। जून 2021 में मंडलीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में अयोध्या-फैजाबाद शहरी क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सिर्फ सीएनजी वाहनों को चलाने की अनुमति दी गई थी। बैठक में तय किया गया था कि अब परिवहन विभाग द्वारा सिर्फ सीएनजी वाहनों को ही नया परमिट दिया जाएगा। साथ ही डीजल वाहनों को रोड से हटाया जाएगा। एक वर्ष बीतने के बाद भी इस फैसले को अमल में नहीं लाया गया है।
बैठक में यह भी तय किया गया था कि पूरे मंडल के शहरी क्षेत्रों में आम जनमानस सीएनजी वाहन का प्रयोग कर सकेंगे। विशेषकर अयोध्या शहर में इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए थे, इसके तहत नई पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को सीएनजी की सुविधा युक्त बनाया जाना था। लेकिन फैसले के करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी यह व्यवस्था अभी पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई है।
आज भी अयोध्या-फैजाबाद शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में चलने वाले करीब 90 फीसदी वाहन डीजलयुक्त ही हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले विक्रम व ऑटो वाहन हैं। इनका न तो कभी फिटनेस व प्रदूषण टेस्ट होता और न ही यह इनकी रूट परमिट चेक की जाती है। हजारों की संख्या में चलने वाले यह वाहन शहर में जाम बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। परिवहन विभाग द्वारा यह तथ्य प्रस्तुत किया जा रहा है कि नए डीजल वाहनों को परमिट नहीं दिया जा रहा है। साथ ही परमिट खत्म होते ही इन वाहनों को सड़क से हटा दिया जाएगा। लेकिन बीते एक वर्ष में कितने वाहन हटाए गए, इसका कोई आंकड़ा उनके पास नहीं उपलब्ध है।
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एआरटीओ प्रशासन अयोध्या आरपी सिंह ने बताया कि अयोध्या को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में नए डीजल वाहनों को परमिट नहीं दी जा रही है, साथ ही पुराने वाहनों का परमिट समाप्त होने पर उन्हें सड़क से हटाया जा रहा है। सड़क पर अभी वही डीजल वाहन चल रहे हैं, जिन्हें सात साल की परमिट दी गई थी व अभी उनकी परमिट शेष है। शहर में अभियान चलाकर परमिट खत्म हो चुके डीजलों वाहनों को हटाया जाएगा।
डीजलयुक्त वाहन हटाने के दिए गए थे निर्देश
जून 2021 में मंडल परिवहन प्राधिकरण की बैठक में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सीएनजी की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया था। साथ ही पेट्रोल की जगह पर सीएनजी किट लगाने की भी अनुमति दी गई थी। साथ ही नया परमिट सीएनजी वाहनों को ही देने व जिन वाहनों का परमिट समाप्त हो रहा है, उन्हें रोड से हटाने के भी निर्देश दिए गए थे। साथ ही जिन वाहनों की परमिट की अवधि समाप्त हो गई है उसको किसी भी हाल में नवीनीकरण न किया जाएगा। उससे संबंधित परमिट को निरस्त किया जाएगा।
नगर निगम क्षेत्र में मात्र दो सीएनजी पंप
अयोध्या को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सीएनजी पंप को बढ़ावा देने की भी बात कही गई थी। इसके लिए पेट्रोल वाहनों में सीएनजी लगवाने की भी अनुमति दी जा रही है। वहीं नगर निगम क्षेत्र में महज दो ही सीएनजी पंप स्थापित हो पाए हैं। यह दोनों पंप अयोध्या नगर क्षेत्र में हैं, इनमें से एक उदया चौराहे प व दूसरा टेढ़ी बाजार स्थित पेट्रोल पंप लगा हुआ है। हाल यह है कि इन दोनों पंप पर सप्ताह में दो या तीन दिन ही सीएनजी उपलब्ध रहती है।
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बैठक में यह भी तय किया गया था कि पूरे मंडल के शहरी क्षेत्रों में आम जनमानस सीएनजी वाहन का प्रयोग कर सकेंगे। विशेषकर अयोध्या शहर में इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए थे, इसके तहत नई पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को सीएनजी की सुविधा युक्त बनाया जाना था। लेकिन फैसले के करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी यह व्यवस्था अभी पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई है।
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आज भी अयोध्या-फैजाबाद शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में चलने वाले करीब 90 फीसदी वाहन डीजलयुक्त ही हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले विक्रम व ऑटो वाहन हैं। इनका न तो कभी फिटनेस व प्रदूषण टेस्ट होता और न ही यह इनकी रूट परमिट चेक की जाती है। हजारों की संख्या में चलने वाले यह वाहन शहर में जाम बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। परिवहन विभाग द्वारा यह तथ्य प्रस्तुत किया जा रहा है कि नए डीजल वाहनों को परमिट नहीं दिया जा रहा है। साथ ही परमिट खत्म होते ही इन वाहनों को सड़क से हटा दिया जाएगा। लेकिन बीते एक वर्ष में कितने वाहन हटाए गए, इसका कोई आंकड़ा उनके पास नहीं उपलब्ध है।
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एआरटीओ प्रशासन अयोध्या आरपी सिंह ने बताया कि अयोध्या को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में नए डीजल वाहनों को परमिट नहीं दी जा रही है, साथ ही पुराने वाहनों का परमिट समाप्त होने पर उन्हें सड़क से हटाया जा रहा है। सड़क पर अभी वही डीजल वाहन चल रहे हैं, जिन्हें सात साल की परमिट दी गई थी व अभी उनकी परमिट शेष है। शहर में अभियान चलाकर परमिट खत्म हो चुके डीजलों वाहनों को हटाया जाएगा।
डीजलयुक्त वाहन हटाने के दिए गए थे निर्देश
जून 2021 में मंडल परिवहन प्राधिकरण की बैठक में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सीएनजी की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया था। साथ ही पेट्रोल की जगह पर सीएनजी किट लगाने की भी अनुमति दी गई थी। साथ ही नया परमिट सीएनजी वाहनों को ही देने व जिन वाहनों का परमिट समाप्त हो रहा है, उन्हें रोड से हटाने के भी निर्देश दिए गए थे। साथ ही जिन वाहनों की परमिट की अवधि समाप्त हो गई है उसको किसी भी हाल में नवीनीकरण न किया जाएगा। उससे संबंधित परमिट को निरस्त किया जाएगा।
नगर निगम क्षेत्र में मात्र दो सीएनजी पंप
अयोध्या को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सीएनजी पंप को बढ़ावा देने की भी बात कही गई थी। इसके लिए पेट्रोल वाहनों में सीएनजी लगवाने की भी अनुमति दी जा रही है। वहीं नगर निगम क्षेत्र में महज दो ही सीएनजी पंप स्थापित हो पाए हैं। यह दोनों पंप अयोध्या नगर क्षेत्र में हैं, इनमें से एक उदया चौराहे प व दूसरा टेढ़ी बाजार स्थित पेट्रोल पंप लगा हुआ है। हाल यह है कि इन दोनों पंप पर सप्ताह में दो या तीन दिन ही सीएनजी उपलब्ध रहती है।