{"_id":"5d83bb1e8ebc3e93ce4fa615","slug":"patient-problem-faizabad-news-lko4824319138","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुष्मान में भी मरीजों के शोषण से बाज नहीं आते निजी अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुष्मान में भी मरीजों के शोषण से बाज नहीं आते निजी अस्पताल
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केस एक-
हैदरगंज के दीपक कुमार गुप्ता ने अमर उजाला के शिकायत नंबर पर फोन करके बताया किया कि वे योजना के तहत पात्र हैं। गोल्डन कार्ड भी जारी किया गया है। बताया कि पेशाब के रास्ते में मांस बढ़ गया है, जिससे लंबे समय से परेशान हैं। साकेतपुरी स्थित लाइफ लाइन अस्पताल में संपर्क किया। वहां से जांच आदि कराने को कहा गया। जांच कराने के बाद जब ऑपरेशन के लिए संपर्क किया तो तीस हजार रुपये की मांग की जा रही है।
केस दो -
अयोध्या की रहने वाली रजिया बेगम के कमर की नस दब गई थी। उन्हें न्यूरो सर्जन से इलाज की दरकार थी। उन्होंने राजेश्वरी हॉस्पिटल में संपर्क किया, जहां उनसे पैसे की मांग की गई। रजिया ने सीएमओ ऑफिस में शिकायत की तो उसका इलाज नि:शुल्क हो सका। आयुष्मान के शिकायत प्रभारी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि उसकी बीमारी पैकेज में शामिल होने को लेकर संदेह था, इसलिए चिकित्सक इलाज नहीं कर रहे थे। समस्या का समाधान करने के बाद इलाज कराया गया।
केस तीन -
सोहावल तहसील के कुंदुर्खा खुर्द निवासी टिनकू आयुष्मान योजना के तहत पात्र हैं। अयोध्या स्थित आंख के एक अस्पताल में ऑपरेशन कराया। इसके लिए टिनकू से 1100 रुपये इलाज के लिए व पांच सौ चश्मे के लिए गए। पीड़ित ने शपथपत्र व शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। जिस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जांच कर समस्या का निदान किया।
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अयोध्या। निजी अस्पतालों में जाने वाले आयुष्मान के मरीजों के साथ हो रही वसूली के ये कुछ मामले महज बानगी भर हैं। ऐसे कई रोगी हैं जो निजी अस्पतालों में खराब व्यवस्था के शिकार हुए हैं। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नि:शुल्क इलाज के बजाय धन उगाही हो रही हैं।
जिले के गरीब परिवार के लोगों की इलाज के अभाव में मौत न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना संचालित की है। योजना के तहत पात्र मिले 1,73,360 परिवारों का आयुुष्मान गोल्ड कार्ड जारी किया जा रहा है।
योजना के तहत इलाज के लिए पांच सरकारी अस्पताल के साथ 11 निजी अस्पताल चयनित हैं। निर्देश हैं कि यदि रोगी आयुष्मान सूची में है तो उसका रजिस्ट्रेशन लाभार्थी के रूप में किया जाए।
इसके लिए पैनल में शामिल किए गए अस्पतालों में आयुष्मान डेस्क बनाई गई है। सरकारी अस्पतालों में तो इन मरीजों का इलाज किया जा रहा है, लेकिन निजी अस्पतालों में इसका पालन नहीं हो रहा है।
ये अस्पताल बिल बनाने के चक्कर में मरीज को चेक न करके सामान्य मरीज की श्रेणी में उसका पंजीकरण कराते हैं और जांच आदि के नाम पर पैसा वसूल लेते हैं। आए दिन आईजीआरएस पर इसकी शिकायतें आम बात हैं। हालांकि शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करके मामले का निस्तारण भी कराया जाता है।
बीपीएल कार्डधारक पता करें सूची में हैं कि नहीं
आयुष्मान सूची में शामिल सभी लाभार्थियों के अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं। ऐसे बहुत से पात्र हैं, जिनका नाम सूची में शामिल होने के बावजूद उन्हें जानकारी नहीं है। बीपीएल कार्डधारक जिन्हें पता नहीं है कि वे सूची में शामिल हैं किन्हीं टोल फ्री नंबर 14555 पर फोन कर जानकारी पा सकते हैं। इसके अलावा राशनकार्ड का नंबर, राशनकार्ड में अंकित मोबाइल नंबर या मुखिया के नाम से किसी भी जनसेवा केंद्र पर मालूम किया जा सकता है। साथ ही mera.pmjay.gov.in पर लॉग इन करके भी पता किया जा सकता है। पात्रों से किसी प्रकार की धन उगाही करने के मामले में उक्त टोल फ्री नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।
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हैदरगंज के दीपक कुमार गुप्ता ने अमर उजाला के शिकायत नंबर पर फोन करके बताया किया कि वे योजना के तहत पात्र हैं। गोल्डन कार्ड भी जारी किया गया है। बताया कि पेशाब के रास्ते में मांस बढ़ गया है, जिससे लंबे समय से परेशान हैं। साकेतपुरी स्थित लाइफ लाइन अस्पताल में संपर्क किया। वहां से जांच आदि कराने को कहा गया। जांच कराने के बाद जब ऑपरेशन के लिए संपर्क किया तो तीस हजार रुपये की मांग की जा रही है।
केस दो -
अयोध्या की रहने वाली रजिया बेगम के कमर की नस दब गई थी। उन्हें न्यूरो सर्जन से इलाज की दरकार थी। उन्होंने राजेश्वरी हॉस्पिटल में संपर्क किया, जहां उनसे पैसे की मांग की गई। रजिया ने सीएमओ ऑफिस में शिकायत की तो उसका इलाज नि:शुल्क हो सका। आयुष्मान के शिकायत प्रभारी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि उसकी बीमारी पैकेज में शामिल होने को लेकर संदेह था, इसलिए चिकित्सक इलाज नहीं कर रहे थे। समस्या का समाधान करने के बाद इलाज कराया गया।
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केस तीन -
सोहावल तहसील के कुंदुर्खा खुर्द निवासी टिनकू आयुष्मान योजना के तहत पात्र हैं। अयोध्या स्थित आंख के एक अस्पताल में ऑपरेशन कराया। इसके लिए टिनकू से 1100 रुपये इलाज के लिए व पांच सौ चश्मे के लिए गए। पीड़ित ने शपथपत्र व शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। जिस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जांच कर समस्या का निदान किया।
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अयोध्या। निजी अस्पतालों में जाने वाले आयुष्मान के मरीजों के साथ हो रही वसूली के ये कुछ मामले महज बानगी भर हैं। ऐसे कई रोगी हैं जो निजी अस्पतालों में खराब व्यवस्था के शिकार हुए हैं। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नि:शुल्क इलाज के बजाय धन उगाही हो रही हैं।
जिले के गरीब परिवार के लोगों की इलाज के अभाव में मौत न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना संचालित की है। योजना के तहत पात्र मिले 1,73,360 परिवारों का आयुुष्मान गोल्ड कार्ड जारी किया जा रहा है।
योजना के तहत इलाज के लिए पांच सरकारी अस्पताल के साथ 11 निजी अस्पताल चयनित हैं। निर्देश हैं कि यदि रोगी आयुष्मान सूची में है तो उसका रजिस्ट्रेशन लाभार्थी के रूप में किया जाए।
इसके लिए पैनल में शामिल किए गए अस्पतालों में आयुष्मान डेस्क बनाई गई है। सरकारी अस्पतालों में तो इन मरीजों का इलाज किया जा रहा है, लेकिन निजी अस्पतालों में इसका पालन नहीं हो रहा है।
ये अस्पताल बिल बनाने के चक्कर में मरीज को चेक न करके सामान्य मरीज की श्रेणी में उसका पंजीकरण कराते हैं और जांच आदि के नाम पर पैसा वसूल लेते हैं। आए दिन आईजीआरएस पर इसकी शिकायतें आम बात हैं। हालांकि शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करके मामले का निस्तारण भी कराया जाता है।
बीपीएल कार्डधारक पता करें सूची में हैं कि नहीं
आयुष्मान सूची में शामिल सभी लाभार्थियों के अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं। ऐसे बहुत से पात्र हैं, जिनका नाम सूची में शामिल होने के बावजूद उन्हें जानकारी नहीं है। बीपीएल कार्डधारक जिन्हें पता नहीं है कि वे सूची में शामिल हैं किन्हीं टोल फ्री नंबर 14555 पर फोन कर जानकारी पा सकते हैं। इसके अलावा राशनकार्ड का नंबर, राशनकार्ड में अंकित मोबाइल नंबर या मुखिया के नाम से किसी भी जनसेवा केंद्र पर मालूम किया जा सकता है। साथ ही mera.pmjay.gov.in पर लॉग इन करके भी पता किया जा सकता है। पात्रों से किसी प्रकार की धन उगाही करने के मामले में उक्त टोल फ्री नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।