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पैसेंजर ट्रेन के सामने आया इंजन, टला हादसा
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Dec 2015 11:44 PM IST
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वाराणसी से फैजाबाद होकर लखनऊ जा रही पैसेंजर ट्रेन रुदौली रेलवे स्टेशन के पास भीषण हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। मुख्य ट्रैक पर फैजाबाद की ओर जा रहा एक इंजन रुदौली स्टेशन पर रुकने के बजाए सिग्नल की अनदेखी कर धीमी गति से आगे बढ़ता चला गया।
तभी अचानक सामने से उसी ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन आ गई। भीषण घटना को भांप दोनों चालकों के होश उड़ गये। दोनों की सूझबूझ से ट्रेन करीब 20 कदम के फासले पर रुक गई।
दुर्घटना टलने पर सभी ने राहत की सांस ली। इंजन को आननफानन में बैक किया गया और पूर्वाह्न करीब 11:27 बजे पैसेंजर ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर दो पर लिया गया।
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लखनऊ से पावर इंजन सुबह 11:25 बजे के करीब फैजाबाद की ओर आ रहा था। स्टेशन का होम सिग्नल लाल था। चालक केके सिंह को इसे सिग्नल होम सिग्नल से पहले रोकना था, लेकिन इसे नजरंदाज कर इंजन आगे बढ़ा दिया।
कार्यवाहक स्टेशन अधीक्षक विनीत श्रीवास्तव ने बताया कि चालक ने इंजन को स्टेशन पर नहीं रोका। इंजन आउटर सिग्नल पार कर मुख्य लाइन पर बढ़ चला। उधर गौरियामऊ से छूटी अप 54333 वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर भी आ धमकी।
इसे चालक रामप्रसाद चौथा चला रहा था। होम सिग्नल दिखा तो ट्रेन रोकने के लिए गति धीमी कर दी। मुख्य ट्रैक पर सामने से इंजन आता दिखा तो उसके भी हाथ-पांव फूल गये।
विनीत ने बताया कि दोनों चालकों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए इंजनों को करीब 20 कदम पहले रोक लिया। इंजन को बैक कर स्टेशन लाया गया। उसके बाद पैसेंजर प्लेटफार्म नंबर दो पर ली गयी।
उन्होंने बताया कि टीआई आरके उपाध्याय ने स्टेशन पहुंचकर मामले की जानकारी ली है। सीएमओ डा. ऊषा किरन ने पावर के चालक केके सिंह का ब्लड सैंपल जांच के लिये लिया है।
उनका कहना था कि सिग्नल को ओवरशूट करने वाला पावर चालक केके सिंह प्रथमदृष्ट्या दोषी है। उच्च अधिकारियों की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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तभी अचानक सामने से उसी ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन आ गई। भीषण घटना को भांप दोनों चालकों के होश उड़ गये। दोनों की सूझबूझ से ट्रेन करीब 20 कदम के फासले पर रुक गई।
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दुर्घटना टलने पर सभी ने राहत की सांस ली। इंजन को आननफानन में बैक किया गया और पूर्वाह्न करीब 11:27 बजे पैसेंजर ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर दो पर लिया गया।
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लखनऊ से पावर इंजन सुबह 11:25 बजे के करीब फैजाबाद की ओर आ रहा था। स्टेशन का होम सिग्नल लाल था। चालक केके सिंह को इसे सिग्नल होम सिग्नल से पहले रोकना था, लेकिन इसे नजरंदाज कर इंजन आगे बढ़ा दिया।
कार्यवाहक स्टेशन अधीक्षक विनीत श्रीवास्तव ने बताया कि चालक ने इंजन को स्टेशन पर नहीं रोका। इंजन आउटर सिग्नल पार कर मुख्य लाइन पर बढ़ चला। उधर गौरियामऊ से छूटी अप 54333 वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर भी आ धमकी।
इसे चालक रामप्रसाद चौथा चला रहा था। होम सिग्नल दिखा तो ट्रेन रोकने के लिए गति धीमी कर दी। मुख्य ट्रैक पर सामने से इंजन आता दिखा तो उसके भी हाथ-पांव फूल गये।
विनीत ने बताया कि दोनों चालकों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए इंजनों को करीब 20 कदम पहले रोक लिया। इंजन को बैक कर स्टेशन लाया गया। उसके बाद पैसेंजर प्लेटफार्म नंबर दो पर ली गयी।
उन्होंने बताया कि टीआई आरके उपाध्याय ने स्टेशन पहुंचकर मामले की जानकारी ली है। सीएमओ डा. ऊषा किरन ने पावर के चालक केके सिंह का ब्लड सैंपल जांच के लिये लिया है।
उनका कहना था कि सिग्नल को ओवरशूट करने वाला पावर चालक केके सिंह प्रथमदृष्ट्या दोषी है। उच्च अधिकारियों की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है।