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पंचकोसी परिक्रमा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Thu, 10 Nov 2016 11:48 PM IST
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अयोध्या में पंचकोसी परिक्रमा करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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देवोत्थानी एकादशी तिथि लगते ही श्रद्धालुओं के पग रामनगरी में पंचकोसी परिधि के परिक्रमा मार्ग पर उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं का रेला आता गया और धर्मनगरी के चारों ओर मानव श्रृंखला बन गई। जय श्रीराम के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं के कदम बढ़ते रहे।
मुहूर्त से शुरू हुई परिक्रमा में 18 घंटे तक मानव श्रृंखला नहीं टूटी। लाखों की संख्या बूढ़े, जवान, बच्चे व महिलाओं ने नंगे पांव अयोध्या की पंचकोसी परिक्रमा की। रामनगरी की गलियों में जयकारे गूंजते रहे और मठ-मदिंरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
देवोत्थानी एकादशी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं ने रामनगरी में डेरा डालना शुरू कर दिया। एकादशी तिथि परिक्रमा का मुहूर्त सुबह पांच बजकर 41 मिनट के लगभग दो घंटे पूर्व ही श्रद्धालुओं ने मोक्षदायिनी सरयू में स्नान किया और उनके कदम परिक्रमा मार्ग पर निकल पडे़।
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श्रद्धालुओं का आना जारी रहा। सूर्य की लालिमा चढ़ते-चढ़ते परिक्रमा मार्ग पर कारवां बढ़ता गया और कुछ ही समय में धर्मनगरी के चारों ओर मानव श्रृंखला बन गई। राह की कठिनाईयों और चुभते कंकड़ों की परवाह किए बगैर राम-नाम की धुन गाते श्रद्धालु परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ते रहे।
महिलाओं ने बच्चों को पैदल तो कभी गोद में लेकर अपनी परिक्रमा पूरी की तो बुजुर्ग परिक्रमार्थियों ने परिक्रमा पथ पर जगह-जगह विराम लेते हुए परिक्रमा पथ को नापते रहे। परिक्रमा का यह दौर गुरुवार की भोर शुरू हुआ तो देर शाम छह बजे तक मानव श्रृंखला बदस्तूर कायम रही।
जिनकी परिक्रमा पूरी हुई उन्होंने पवित्र भूमि का एक बार फिर से नमन किया और दर्शन-पूजन के लिए मठ-मंदिरों की ओर बढ़ चले। दर्शन-पूजन के बाद ईख, शकरकंद, सिंघाड़ा व अन्य सामानों की खरीद की और वापस अपने घरों की ओर चल दिए।
परिक्रमा व दर्शन पूजन के बाद घर वापसी के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर जमी रही। रामनगरी के इस महत्वपूर्ण पर्व को लेकर पूरी अयोध्या राममय दिखी। सड़कों से गलियों तक श्रद्धालुओं का रेला था। प्रशासन व पुलिस ने मेले के मद्देनजर सुरक्षा के चौकस इंतजाम किए थे।
परिक्रमा मार्ग सहित महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की व्यवस्थाएं नाकाफी रही। कई स्थानों पर परिक्रमा के दौरान जाम की स्थिति बनी। अयोध्या में वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहा।
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मुहूर्त से शुरू हुई परिक्रमा में 18 घंटे तक मानव श्रृंखला नहीं टूटी। लाखों की संख्या बूढ़े, जवान, बच्चे व महिलाओं ने नंगे पांव अयोध्या की पंचकोसी परिक्रमा की। रामनगरी की गलियों में जयकारे गूंजते रहे और मठ-मदिंरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
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देवोत्थानी एकादशी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं ने रामनगरी में डेरा डालना शुरू कर दिया। एकादशी तिथि परिक्रमा का मुहूर्त सुबह पांच बजकर 41 मिनट के लगभग दो घंटे पूर्व ही श्रद्धालुओं ने मोक्षदायिनी सरयू में स्नान किया और उनके कदम परिक्रमा मार्ग पर निकल पडे़।
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श्रद्धालुओं का आना जारी रहा। सूर्य की लालिमा चढ़ते-चढ़ते परिक्रमा मार्ग पर कारवां बढ़ता गया और कुछ ही समय में धर्मनगरी के चारों ओर मानव श्रृंखला बन गई। राह की कठिनाईयों और चुभते कंकड़ों की परवाह किए बगैर राम-नाम की धुन गाते श्रद्धालु परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ते रहे।
महिलाओं ने बच्चों को पैदल तो कभी गोद में लेकर अपनी परिक्रमा पूरी की तो बुजुर्ग परिक्रमार्थियों ने परिक्रमा पथ पर जगह-जगह विराम लेते हुए परिक्रमा पथ को नापते रहे। परिक्रमा का यह दौर गुरुवार की भोर शुरू हुआ तो देर शाम छह बजे तक मानव श्रृंखला बदस्तूर कायम रही।
जिनकी परिक्रमा पूरी हुई उन्होंने पवित्र भूमि का एक बार फिर से नमन किया और दर्शन-पूजन के लिए मठ-मंदिरों की ओर बढ़ चले। दर्शन-पूजन के बाद ईख, शकरकंद, सिंघाड़ा व अन्य सामानों की खरीद की और वापस अपने घरों की ओर चल दिए।
परिक्रमा व दर्शन पूजन के बाद घर वापसी के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर जमी रही। रामनगरी के इस महत्वपूर्ण पर्व को लेकर पूरी अयोध्या राममय दिखी। सड़कों से गलियों तक श्रद्धालुओं का रेला था। प्रशासन व पुलिस ने मेले के मद्देनजर सुरक्षा के चौकस इंतजाम किए थे।
परिक्रमा मार्ग सहित महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की व्यवस्थाएं नाकाफी रही। कई स्थानों पर परिक्रमा के दौरान जाम की स्थिति बनी। अयोध्या में वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहा।