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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं : हाशिम
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Tue, 31 May 2016 12:13 AM IST
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हाशिम अंसारी से आशीर्वाद लेते महंत नरेंद्र गिरि।
- फोटो : अमर उजाला
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि सोमवार को पांजी टोला स्थित बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी के घर कुशलछेम पूछने पहुंचे। दोनों ने कुछ मिनट गोपनीय मंत्रणा की।
बाद में हाशिम ने कहा कि बाबरी मस्जिद मसले का हल सुप्रीम कोर्ट से होगा, अब सुलह-समझौते को कोई विकल्प नहीं है। सरकार पर डे टू डे सुनवाई कराने के लिए पहल करने का दबाव बनना चाहिए।
पत्रकारों से रूबरू नरेंद्र गिरि ने कहा कि मैं हाशिम का पुत्र होने के नाते आया हूं। दोनों में बातचीत हुई है। हमने हाशिम से कहा कि अपने जीते जी कुछ ऐसा कर जाएं कि उन्हें विश्व याद करे। हिंदू और मुस्लिम दोनों तरफ से धर्मगुरु बैठें तो सहमति बन सकती है।
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हाशिम चाहेंगे तो समाधान हो जाएगा। कहा कि सुप्रीम कोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई हो तभी जल्दी हल निकल सकता है। महंत नरेंद्र गिरि ने अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत ज्ञानदास पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हर आदमी की अपनी क्षमता होती है।
अब हमारी पहल से हो सकता है कि कोई हल निकल आए। कहा कि हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन करने के बाद रामलला को टेंट में देख बहुत दुख हुआ। नरेंद्र गिरि की पहल का बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अलावा कुछ भी मंजूर नही है।
हम चाहते हैं कि हमारे जीते जी फैसला आए। इसके लिए जो भी सक्षम हैं उन्हें सरकार पर दबाव बनाना चाहिए कि डे टू डे सुनवाई के लिए प्रयास करें।
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बाद में हाशिम ने कहा कि बाबरी मस्जिद मसले का हल सुप्रीम कोर्ट से होगा, अब सुलह-समझौते को कोई विकल्प नहीं है। सरकार पर डे टू डे सुनवाई कराने के लिए पहल करने का दबाव बनना चाहिए।
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पत्रकारों से रूबरू नरेंद्र गिरि ने कहा कि मैं हाशिम का पुत्र होने के नाते आया हूं। दोनों में बातचीत हुई है। हमने हाशिम से कहा कि अपने जीते जी कुछ ऐसा कर जाएं कि उन्हें विश्व याद करे। हिंदू और मुस्लिम दोनों तरफ से धर्मगुरु बैठें तो सहमति बन सकती है।
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हाशिम चाहेंगे तो समाधान हो जाएगा। कहा कि सुप्रीम कोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई हो तभी जल्दी हल निकल सकता है। महंत नरेंद्र गिरि ने अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत ज्ञानदास पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हर आदमी की अपनी क्षमता होती है।
अब हमारी पहल से हो सकता है कि कोई हल निकल आए। कहा कि हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन करने के बाद रामलला को टेंट में देख बहुत दुख हुआ। नरेंद्र गिरि की पहल का बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अलावा कुछ भी मंजूर नही है।
हम चाहते हैं कि हमारे जीते जी फैसला आए। इसके लिए जो भी सक्षम हैं उन्हें सरकार पर दबाव बनाना चाहिए कि डे टू डे सुनवाई के लिए प्रयास करें।