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Ayodhya News: हर बार बिलारी माफी के रहने वाले ही बनते हैं अध्यक्ष
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बीकापुर (अयोध्या)। नगर पंचायत का गठन होने के बाद अभी तक सिर्फ बिलारी माफी का निवासी उम्मीदवार ही अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुआ है। क्या इस बार भी यही सिलसिला कायम रहेगा या बदलाव होगा, इसे लेकर लोगों में काफी चर्चा है।
वर्ष 1988 में बीकापुर नगर पंचायत का गठन होने के बाद अभी तक छह बार नगर पंचायत का चुनाव हो चुका है। तीन बार पुरुष और तीन बार महिला उम्मीदवारों को नगर पंचायत की सत्ता संभालने का मौका मिला है। हर बार चुनाव में बिलारी माफी का मैजिक चला है। बिलारी माफी के निवासी प्रत्याशी को ही चुनाव में अध्यक्ष पद पर हमेशा जीत मिलती रही है।
नगर पंचायत का गठन होने के बाद अभी तक पिछड़ी जाति के उम्मीदवारों को अध्यक्ष पद पर सफलता मिली है। सभी बिलारी माफी के ही निवासी हैं। नगर पंचायत के गठन के बाद पहले चुनाव में बिलारी माफी के ही निवासी मायाराम वर्मा पंचायत के पहले अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। उसके बाद अगले चुनाव में बिलारी माफी निवासी वेदप्रकाश निषाद अध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किए गए थे।
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वर्ष 2000 में तीसरी बार हुए चुनाव में वेद प्रकाश निषाद के परिवार की ही महिला उम्मीदवार रामावती निषाद अध्यक्ष चुनी गई थीं। वर्ष 2006 में हुए चुनाव में बिलारी माफी की ही निवासी शकुंतला यादव अध्यक्ष बनीं। वर्ष 2012 में हुए चुनाव में बिलारी माफी की जुलेखा खातून अध्यक्ष बनीं। 2017 के चुनाव में भी वही मैजिक चला और यहीं की पूर्व अध्यक्ष शकुंतला यादव के पति जुग्गी लाल यादव अध्यक्ष बने।
नगर पंचायत निवासी पप्पू गुप्ता रज्जन चौबे, राजेश मोदनवाल सहित अन्य कई लोगों ने कहा कि अभी तक अध्यक्ष पद पर चुनाव में जीतते रहे हैं। इस बार भी बिलारी माफी के कई दिग्गजों के परिवार की महिलाएं चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए अपना दावा पेश कर रही हैं। इसमें पूर्व अध्यक्ष शकुंतला यादव और पूर्व अध्यक्ष वेद प्रकाश निषाद की बहू भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। असली तस्वीर नामांकन के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
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वर्ष 1988 में बीकापुर नगर पंचायत का गठन होने के बाद अभी तक छह बार नगर पंचायत का चुनाव हो चुका है। तीन बार पुरुष और तीन बार महिला उम्मीदवारों को नगर पंचायत की सत्ता संभालने का मौका मिला है। हर बार चुनाव में बिलारी माफी का मैजिक चला है। बिलारी माफी के निवासी प्रत्याशी को ही चुनाव में अध्यक्ष पद पर हमेशा जीत मिलती रही है।
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नगर पंचायत का गठन होने के बाद अभी तक पिछड़ी जाति के उम्मीदवारों को अध्यक्ष पद पर सफलता मिली है। सभी बिलारी माफी के ही निवासी हैं। नगर पंचायत के गठन के बाद पहले चुनाव में बिलारी माफी के ही निवासी मायाराम वर्मा पंचायत के पहले अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। उसके बाद अगले चुनाव में बिलारी माफी निवासी वेदप्रकाश निषाद अध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किए गए थे।
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वर्ष 2000 में तीसरी बार हुए चुनाव में वेद प्रकाश निषाद के परिवार की ही महिला उम्मीदवार रामावती निषाद अध्यक्ष चुनी गई थीं। वर्ष 2006 में हुए चुनाव में बिलारी माफी की ही निवासी शकुंतला यादव अध्यक्ष बनीं। वर्ष 2012 में हुए चुनाव में बिलारी माफी की जुलेखा खातून अध्यक्ष बनीं। 2017 के चुनाव में भी वही मैजिक चला और यहीं की पूर्व अध्यक्ष शकुंतला यादव के पति जुग्गी लाल यादव अध्यक्ष बने।
नगर पंचायत निवासी पप्पू गुप्ता रज्जन चौबे, राजेश मोदनवाल सहित अन्य कई लोगों ने कहा कि अभी तक अध्यक्ष पद पर चुनाव में जीतते रहे हैं। इस बार भी बिलारी माफी के कई दिग्गजों के परिवार की महिलाएं चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए अपना दावा पेश कर रही हैं। इसमें पूर्व अध्यक्ष शकुंतला यादव और पूर्व अध्यक्ष वेद प्रकाश निषाद की बहू भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। असली तस्वीर नामांकन के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।