अशरफ ने लूटी थी बेटी की आबरू: पिता की पीड़ा, 'उसने प्रेमजाल में फंसाकर अश्लील वीडियो बनाया, फिर कहा बदलो धर्म'
पिता ने बताया कि घटना से एक माह पहले उनके बड़े भाई ने चौक से बजाजा रोड पर उनकी बेटी को एक लड़के घूमते देखा था। जब छात्रा से पूछा तो उसने बताया था कि वह लड़का उसके साथ शिक्षक है। वह हिंदू बिरादरी का है और वह उससे शादी करना चाहती है।
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अयोध्या कोतवाली नगर अंतर्गत बीती 23 जनवरी को एमएससी की छात्रा ने जो आत्महत्या की थी। उसके पीछे बहुत ही दुख और छल से भरी कहानी है। एक मुस्लिम युवक ने उसे हिंदू बनकर प्रेमजाल में फंसाया। उसकी अश्लील वीडियो बना ली और फिर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने लगा।
असलियत से वाकिफ होने पर छात्रा यह सदमा और ब्लैकमेलिंग बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसने खुद ही जान दे दी। जब छात्रा के पिता को यह हकीकत पता चली तो उन्होंने आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
23 जनवरी को कोतवाली नगर क्षेत्र के साहबगंज की इस छात्रा शिक्षिका ने आत्महत्या कर ली थी। वह एक निजी स्कूल में अध्यापन भी करती थी। इस मामले में मृतका के पिता का कहना है कि घटना के दिन मौके पर पहुंची साहबगंज चौकी के दरोगा के समक्ष ही मृतका के मोबाइल पर एक फोन आया, दरोगा ने फोन रिसीव किया तो कॉल कट गई।
पिता का कहना है कि वह उस समय अवसाद में थे। लेकिन बाद में जब उन्होंने बेटी के मोबाइल फोन को चेक किया तो उसमें उनकी लड़की व एक लड़के की कई फोटो मिली तथा दोनों में दिन में कई बार बात होती थी।
पिता ने बताया कि घटना से एक माह पहले उनके बड़े भाई ने चौक से बजाजा रोड पर उनकी बेटी को एक लड़के घूमते देखा था। जब छात्रा से पूछा तो उसने बताया था कि वह लड़का उसके साथ शिक्षक है। वह हिंदू बिरादरी का है और वह उससे शादी करना चाहती है।
जब उन्होंने छानबीन की तो पता चला कि युवक का नाम आयाज अहमद उर्फ अशरफ निवासी पुरानी सब्जी मंडी है। बेटी यह सब जानकार सदमे में आ गई। उसने युवक से बात करना बंद किया तो युवक ने उसे अश्लील वीडियो दिखाकर धर्म परिवर्तन करने पर शादी की धमकी दी। पिता का कहना है कि इसी वजह से उनकी बेटी अवसाद में थी और 23 जनवरी को घर में फांसी लगा ली।
पुलिस पर उठे सवाल, अखिर क्या हुई जांच
मामले में पुलिस घटनास्थल पर गई थी व शव का पोस्टमार्टम भी कराया था। घरवालों का कहना है कि पुलिस ने लड़की का मोबाइल चेक भी किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मृतका के मोबाइल से जो सबूत पिता को मिले व पुलिस को क्यों नहीं मिले।
इस संदर्भ में सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस की जांच के बाद तथ्य सामने आने पर पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। मामले में हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। आरोपी के तलाश में छापेमारी की जा रही है।