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सावन पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई सरयू में डुबकी
अमर उजाला ब्यूरो/अयोध्या
Updated Thu, 18 Aug 2016 10:48 PM IST
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अयोध्या मे सरयू स्नान के बाद जलाभिषेक को जाते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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रामनगरी का प्रसिद्ध सावन झूला मेला के मुख्य पर्व सावन पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने सरयू में डुबकी लगाई। प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। मेले में स्नान घाट से मंदिरों की चौखट तक गुरुवार को दिनभर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।
रूट डायवर्जन से कहीं कोई धक्का-मुक्की नहीं हुई। श्रद्धालु आराम से दर्शन-पूजन करते रहे। इधर, सरयू तट पर श्रावणी महोत्सव भी वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मनाया गया।
मेले के अंतिम पर्व श्रावण पूर्णिमा पर नगरी में देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं का जमावड़ा था।
गुरुवार को भोर से ही स्नान घाटाें से लेकर नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनकभवन, क्षीरेश्वरनाथ, श्रीरामजन्मभूमि, कालेराम मंदिर, श्रीराम बल्लभाकुंज, लवकुश मंदिर आदि में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भोर से शुरू हुआ यह क्रम देर शाम तक चलता रहा।
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प्रमुख मंदिरों में दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं। भीड़ का आलम यह रहा कि सरयू के स्नान घाट पर भोर से भारी भीड़ जुटी रही, यह क्रम पूर्वाह्न 11 बजे तक चलता रहा। दूसरी ओर प्रमुख मंदिरों नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन व श्रीराम जन्मभूमि मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ पूर्णिमा पर्व पर मंगलवार की तुलना में काफी कम रही।
श्रद्धालुओं की भीड़ रोकने के लिए गिनती में ही बैरियर गिराए गए। स्नानघाटों पर भोर से ही वैदिक मंत्रोच्चार गूंजते रहे। सूर्योदय होते ही घाटों पर उत्सव जैसा माहौल दिखा। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मेला क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। पखवारे भर तक चले मेले के सकुशल निपट जाने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
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रूट डायवर्जन से कहीं कोई धक्का-मुक्की नहीं हुई। श्रद्धालु आराम से दर्शन-पूजन करते रहे। इधर, सरयू तट पर श्रावणी महोत्सव भी वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मनाया गया।
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मेले के अंतिम पर्व श्रावण पूर्णिमा पर नगरी में देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं का जमावड़ा था।
गुरुवार को भोर से ही स्नान घाटाें से लेकर नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनकभवन, क्षीरेश्वरनाथ, श्रीरामजन्मभूमि, कालेराम मंदिर, श्रीराम बल्लभाकुंज, लवकुश मंदिर आदि में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भोर से शुरू हुआ यह क्रम देर शाम तक चलता रहा।
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प्रमुख मंदिरों में दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं। भीड़ का आलम यह रहा कि सरयू के स्नान घाट पर भोर से भारी भीड़ जुटी रही, यह क्रम पूर्वाह्न 11 बजे तक चलता रहा। दूसरी ओर प्रमुख मंदिरों नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन व श्रीराम जन्मभूमि मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ पूर्णिमा पर्व पर मंगलवार की तुलना में काफी कम रही।
श्रद्धालुओं की भीड़ रोकने के लिए गिनती में ही बैरियर गिराए गए। स्नानघाटों पर भोर से ही वैदिक मंत्रोच्चार गूंजते रहे। सूर्योदय होते ही घाटों पर उत्सव जैसा माहौल दिखा। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मेला क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। पखवारे भर तक चले मेले के सकुशल निपट जाने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है।