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रामलला के बढ़े ठाठ: अब शयन झूले में करेंगे रात्रि विश्राम, बेड-कंबल और रजाई भी मिली
Tue, 21 Dec 2021 07:53 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 21 Dec 2021 07:53 PM IST
सार
एक श्रद्धालु ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दो शयन झूला सहित बेड, कंबल, रजाई आदि भेंट किया है। बताया कि एक श्रद्धालु द्वारा ट्रस्ट को भेंट किए गए शयन झूले में रामलला को रात्रि विश्राम कराया जा रहा है।
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अब शयन झूले में रामलला करेंगे रात्रि विश्राम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अस्थाई मंदिर में विराजित रामलला के ठाठ-बाट में दिन प्रतिदिन बढ़ोत्तरी हो रही है। रामजन्मभूमि के अस्थाई मंदिर में रामलला चूंकि बालरूप में विराजमान हैं इसलिए उनकी सेवा बालक के रूप में ही की जाती है। रामलला को ठंड से बचाने के लिए भी तरह-तरह के यत्न किए जा रहे हैं। उन्हें जहां गर्म कपड़े पहनाएं जाते हैं, वहीं ब्लोअर भी लगाया गया है।
इसी क्रम में अब रामलला शयन झूले में रात्रि विश्राम करेंगे। एक श्रद्धालु ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दो शयन झूला सहित बेड, कंबल, रजाई आदि भेंट किया है।
श्रीरामजन्मभूमि के प्रधान अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि भगवान राम सहित चारों भाईयों की सेवा बालक रूप में ही की जाती है। इसलिए उन्हें ठंड से बचाने के लिए कई यत्न किए गए हैं। बताया कि एक श्रद्धालु द्वारा ट्रस्ट को भेंट किए गए शयन झूले में रामलला को रात्रि विश्राम कराया जा रहा है।
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अभी तक रामलला को उनके स्थान पर ही सिंहासन हटाकर रात में गद्दा बिछाकर शयन कराया जाता था। अब उनके लिए शयन झूले रूपी बेड की व्यवस्था कर दी गई है।
एक शयन झूले रूपी बेड में भगवान राम व भरत तो दूसरे में लक्ष्मण व शत्रुहन को रात्रि विश्राम कराया जाता है। मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी भी लगाया जाता है। ट्रस्ट रामलला के लिए सभी प्रकार की व्यवस्थाओं करने को प्रतिबद्ध रहता है।
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इसी क्रम में अब रामलला शयन झूले में रात्रि विश्राम करेंगे। एक श्रद्धालु ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दो शयन झूला सहित बेड, कंबल, रजाई आदि भेंट किया है।
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श्रीरामजन्मभूमि के प्रधान अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि भगवान राम सहित चारों भाईयों की सेवा बालक रूप में ही की जाती है। इसलिए उन्हें ठंड से बचाने के लिए कई यत्न किए गए हैं। बताया कि एक श्रद्धालु द्वारा ट्रस्ट को भेंट किए गए शयन झूले में रामलला को रात्रि विश्राम कराया जा रहा है।
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अभी तक रामलला को उनके स्थान पर ही सिंहासन हटाकर रात में गद्दा बिछाकर शयन कराया जाता था। अब उनके लिए शयन झूले रूपी बेड की व्यवस्था कर दी गई है।
एक शयन झूले रूपी बेड में भगवान राम व भरत तो दूसरे में लक्ष्मण व शत्रुहन को रात्रि विश्राम कराया जाता है। मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी भी लगाया जाता है। ट्रस्ट रामलला के लिए सभी प्रकार की व्यवस्थाओं करने को प्रतिबद्ध रहता है।