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श्रम विभाग की टीम ने पांच बाल श्रमिकों को अवमुक्त कराया
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अयोध्या। विशेष बालश्रम चिन्हांकन अभियान के तहत श्रम विभाग की टीम ने चार प्रतिष्ठानों में कार्यरत पांच बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। इसमें से दो खतरनाक और तीन गैर खतरनाक श्रेणी में कार्य करते हुए पाए गए।
सहायक श्रमायुक्त आनंद कुमार सिंह के नेतृत्व में श्रम प्रवर्तन अधिकारी पल्लवी सिंह, रोहित प्रताप, शिशिर कुमार श्रीवास्तव व विनय कटियार वरिष्ठ सहायक सहित पुलिस टीम ने प्रतिष्ठान मेसर्स कृष्णा गेस्ट हाउस, शृंगार हाट अयोध्या, मेसर्स राधे भोजनालय तुलसी उद्यान, मेसर्स चित्रा भोजनालय, मेसर्स दिल्ली स्वीट हाउस अवध विश्वविद्यालय में पांच बच्चों को काम करते पाया गया।
उन्हें टीम ने अवमुक्त कराया। बाल श्रमिकों का आयु परीक्षण कराकर बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया गया है। जहां से उन्हें, उनके अभिभावकों के संरक्षण में दिया जाएगा। उपश्रमायुक्त अनुराग मिश्र ने बताया कि बच्चों से काम करना अपराध है। इसमें सजा का भी प्रावधान है। कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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सहायक श्रमायुक्त आनंद कुमार सिंह के नेतृत्व में श्रम प्रवर्तन अधिकारी पल्लवी सिंह, रोहित प्रताप, शिशिर कुमार श्रीवास्तव व विनय कटियार वरिष्ठ सहायक सहित पुलिस टीम ने प्रतिष्ठान मेसर्स कृष्णा गेस्ट हाउस, शृंगार हाट अयोध्या, मेसर्स राधे भोजनालय तुलसी उद्यान, मेसर्स चित्रा भोजनालय, मेसर्स दिल्ली स्वीट हाउस अवध विश्वविद्यालय में पांच बच्चों को काम करते पाया गया।
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उन्हें टीम ने अवमुक्त कराया। बाल श्रमिकों का आयु परीक्षण कराकर बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया गया है। जहां से उन्हें, उनके अभिभावकों के संरक्षण में दिया जाएगा। उपश्रमायुक्त अनुराग मिश्र ने बताया कि बच्चों से काम करना अपराध है। इसमें सजा का भी प्रावधान है। कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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