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नगर पालिकाओं में ठेकेदारों ने खपाए डेढ़ करोड़

Fri, 25 Nov 2016 10:25 PM IST
फैजाबाद
फैजाबाद Updated Fri, 25 Nov 2016 10:25 PM IST
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Contractors absorbed in Municipalities half million rupees
rupees
नोटबंदी के बाद जनता को समस्या न हो इसे देखते हुए नगर निकायों में हजार व पांच सौ के नोट से टैक्स चुकाने की छूट का यहां सबसे अधिक फायदा ठेकेदारों ने उठाया है। फैजाबाद, अयोध्या और रुदौली नगरपालिकाओं में टैक्सी स्टैंड का बकाया करीब डेढ़ करोड़ जमा हुआ है, यह रकम हजार व पांच सौ के नोटों में है। आयकर विभाग ने मामले में ऐसे डिपॉजिट को संदिग्ध मानते हुए जांच व पूछताछ की बात कही है। 
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नोटबंदी के बाद से लोगों की सहूलियत के लिए पेट्रोल पंप, दवा दुकान, रेलवे व रोडवेज के टिकट समेत टैक्स चुकाने के लिए नगर निकायों को भी हजार व पांच सौ के नोट लेने की आरबीआई ने इजाजत दी थी। इसका बेजा फायदा नगर निकायों में ठेकेदारों ने खूब उठाया।
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फैजाबाद नगरपालिका में जहां माहभर में जलकर व गृहकर की औसत जमा राशि लाख का आंकड़ा बमुश्किल छूती थी, लोग मार्च माह में बकाया चुकाने में रुचि लेते थे, वहीं नोटबंदी के बाद 11 नवंबर से 24 नवंबर तक करीब 1.40 लाख रुपये जमा हुए हैं।
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इसमें शुरू के तीन दिन टैक्सी स्टैंड के ठेकेदारों ने हजार व पांच सौ की नकदी ऐसी झोंकी कि 11 नवंबर को 66 लाख 85 हजार रुपये, 12 नवंबर को 30 लाख 45 हजार और 15 नवंबर को 26 लाख 58 हजार जमा करा दिए। गृहकर और जलकर की बमुश्किल डेढ़ से दो लाख की रकम ही जमा हुई है।

इओ व नगर निकायों के नोडल अधिकारी रविशंकर शुक्ला का कहना है कि मोटी रकम टैक्सी ठेकेदारों ने जमा की है, गृहकर व जलकर में काफी कम रकम आई है, इसकी वजह अधिकतर लोगों का मार्च में हिसाब चुकता है। वैसे टैक्सी स्टैंड व बिल्डिंग ठेकेदारों की जमा का औसत पहले प्रतिदिन 50 हजार का रहता था, मगर नोटबंदी से हजार व पांच सौ के नोट में पुराना बकाया चुकता हुआ है। 

उधर अयोध्या नगर पालिका में नोटबंदी के बाद से 24 नवंबर तक कुल 16 लाख 61 हजार 128 रुपये जमा हुए हैं। इसमें शुरू में 10 लाख पार्किंग टैक्स का ठेकेदार ने एक मुश्त जमा किया है।

इओ पूजा त्रिपाठी का कहना है कि अप्रैल से 8 नवंबर तक 4 लाख रुपये जमा हुए थे, जो नोटबंदी के बाद मिली छूट के दौरान 11 से 24 नवंबर तक 16 लाख लाख 61 हजार 128 रुपये जमा हुए हैं। इससें पार्किंग ठेका का धन ही 90 फीसदी है।

उधर रुदौली की एसडीएम व प्रभारी ईओ वंदिता श्रीवास्तव का कहना है कि कुल 2.25 लाख रुपये जमा हुए हैं। इसमें 1.45 हजार टैक्सी स्टैंड का एक मुश्त है। आयकर विभाग के उच्चाधिकारियों का कहना है कि नगरपालिका में टैक्सी स्टैंड ठेकेदारों की ओर से जमा रकम को संज्ञान में लिया गया है।


कहीं न कहीं हजार व पांच सौ के नोट संदिग्ध हैं। इसकी जांच व पूछताछ होगी। नगर निकाय ही नहीं, कई ऐसे संस्थान जिन्हें हजार व पांच सौ के नोट लेने की छूट दी गई थी, वहां पर भी नजर रखी जा रही है।
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