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अयोध्या : हाईटेक सुविधाएं देने को चार जोन में बंटेगा नगर निगम
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अयोध्या। नगरवासियों को जन सुविधाएं त्वरित और हाईटेक मिलें, इसके लिए नगर निगम को चार जोन में बांटा जाएगा। अयोध्या और फैजाबाद अलग-अलग जोन होंगे। साथ ही विस्तारित इलाके में शामिल 41 राजस्व गांव भी दो जोन में बांटे जाएंगे। यहां जनसुविधाओं की उपलब्धता से लेकर साफ-सफाई, प्रकाश, सड़क व पेयजल आदि के लिए जोन प्रभारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे एक खिड़की पर भीड़ से निजात तो मिलेगी ही साथ ही अपने जोन दफ्तर से हर शहरवासी ऑनलाइन आवेदन व शिकायत कर सकेगा। सभी पर नगर आयुक्त नजर रखेंगे।
अयोध्या नगर का सीमा विस्तार 5 जनवरी को पंचायती राज विभाग के डी-नोटिफिकेशन के बाद हो चुका है। इसमें नगर की सीमा में शहर से सटी 41 ग्राम सभाओं को शामिल किया गया है। नए जोन में सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण नगर निगम में नए जुड़े 41 राजस्व ग्राम हैं। यहां शहरी सुविधा देने के लिए शून्य से प्लान तैयार कराया जा रहा है। इसके लिए एक निजी कंपनी को सर्वे की जिम्मेदारी भी दी जानी है। नगर निगम प्रशासन ने नए शामिल क्षेत्र को दो जोन में बांट कर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें सफाई, प्रकाश, सड़क, पेयजल आदि के लिए नगर निगम के संबंधित विभागों को आदेश जारी हुआ है।
पहले से ही अयोध्या नगर पालिका और फैजाबाद नगर पालिका को जोड़कर बने अयोध्या नगर निगम में दोनों क्षेत्रों के लिए अलग-अलग दायित्व बांटे गए थे। अब इसे व्यवस्थित सांगठनिक ढांचे में बदला जा रहा है। भविष्य में 41 नए गांव वाले दोनों नए जोन के लिए कार्यालय खोले जाने व समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने जाने का प्लान है। दोनों जोन पर के लिए अधिकारियों व कर्मचारी को नियुक्त कर दिया है। इसमें सफाई कार्य के लिए दोनों जोन में प्लान बनाकर सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर हाईवे से सटे इलाकों में सफाई की व्यवस्था चौकस करने की बात कही गई है।
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इसके अलावा प्रकाश विभाग से नए शामिल क्षेत्रों हाई मास्ट लगाने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही पेयजल की व्यवस्था के निर्धारण के लिए 100 हैंडपंप लगाए जाने के भी निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के साथ पूरे नए शामिल क्षेत्र के लिए सर्वे किया जाना है। इसमें नए सड़क से लेकर सफाई व्यवस्था का प्लान बनाने की तैयारी है। नगर निगम प्रशासन जल्द ही सर्वे कंपनी नियुक्त कर पूरे इलाके का सर्वे करेगा। इसमें नए जुड़े क्षेत्र में जोन कार्यालय खोलने व एक छत के नीचे की समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने जाने की बात चल रही है। इसमें ऑनलाइन सुविधाओं पर नगर निगम प्रशासन का विशेष ध्यान है। इसमें टैक्स से लेकर समस्याओं तक के लिए पोर्टल व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
अयोध्या नगर निगम में जोन बनने व कार्यालय खुलने के बाद सबसे बड़ी आवश्यकता कर्मचारियों व अधिकारियों की तैनाती होगी। नगर निगम में अभी तक कुल आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सवा दो लाख के आसपास थी लेकिन नगर निगम के नए क्षेत्र का विस्तार हो जाने के बाद आबादी का ग्राफ साढ़े तीन लाख के आसपास पहुंच गया है। एक अनुमान के अनुसार नई जनगणना में नगर निगम की आबादी साढ़े चार लाख के आसपास हो जाएगी। इसके साथ ही शहर की पांच लाख फ्लोटिंग आबादी को जोड़ दिया जाए तो नगर निगम की कुल आबादी साढ़े नौ लाख के करीब हो जाती है। ऐसे में शहर में साफ-सफाई, पेयजल व अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की बड़ी फौज की आवश्यकता है। इसके लिए नगर निगम प्रशासन जल्द ही शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजेगा।
अयोध्या नगर निगम के क्षेत्र में शामिल नए क्षेत्र में मौजूदा समय में सफाई सबसे बड़ी समस्या है। नए क्षेत्रों से लगातार यह शिकायत आ रही है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद सफाई व्यवस्था की स्थिति बदतर हो गई है। दूसरी ओर नगर निगम प्रशासन की यह भी समस्या है कि नगर निगम में कुल 1104 सफाई कर्मचारी आउट सोर्स पर तैनात हैं। इनके ही सहयोग से सफाई व्यवस्था को पूरा किया जा रहा है।
नगर निगम प्रशासन आउट सोर्स पर नए कर्मचारी फिलहाल नियुक्त करने की स्थिति में नहीं है। इसका कारण है कि नगर निगम को जो धनराशि प्रति माह मिलती है उनमें पूर्ववत कर्मचारियों का पूरा वेतन नहीं पा रहा है। नगर निगम प्रशासन ने राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि को बढ़ाए जाने के लिए पत्र लिखा है। धनराशि के बढ़ जाने के बाद नए आउट सोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद ही समस्या से निदान मिलने की संभावना है।
अयोध्या और फैजाबाद अलग-अलग जोन होंगे। साथ ही अयोध्या नगर निगम में शामिल नए क्षेत्र को दो जोन में विभक्त किया गया है। इसमें फिलहाल मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। इसमें प्रकाश विभाग को हाईमास्ट, जलकल को 100 हैंडपंप लगाने व सफाई की व्यवस्था का प्लान बनाकर सफाई कराने के निर्देश दे दिए हैं। जल्द ही सर्वे कराकर पूरे नए क्षेत्र का सुनियोजित विकास कराया जाएगा।- विशाल सिंह, नगर आयुक्त अयोध्या नगर निगम
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अयोध्या नगर का सीमा विस्तार 5 जनवरी को पंचायती राज विभाग के डी-नोटिफिकेशन के बाद हो चुका है। इसमें नगर की सीमा में शहर से सटी 41 ग्राम सभाओं को शामिल किया गया है। नए जोन में सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण नगर निगम में नए जुड़े 41 राजस्व ग्राम हैं। यहां शहरी सुविधा देने के लिए शून्य से प्लान तैयार कराया जा रहा है। इसके लिए एक निजी कंपनी को सर्वे की जिम्मेदारी भी दी जानी है। नगर निगम प्रशासन ने नए शामिल क्षेत्र को दो जोन में बांट कर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें सफाई, प्रकाश, सड़क, पेयजल आदि के लिए नगर निगम के संबंधित विभागों को आदेश जारी हुआ है।
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पहले से ही अयोध्या नगर पालिका और फैजाबाद नगर पालिका को जोड़कर बने अयोध्या नगर निगम में दोनों क्षेत्रों के लिए अलग-अलग दायित्व बांटे गए थे। अब इसे व्यवस्थित सांगठनिक ढांचे में बदला जा रहा है। भविष्य में 41 नए गांव वाले दोनों नए जोन के लिए कार्यालय खोले जाने व समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने जाने का प्लान है। दोनों जोन पर के लिए अधिकारियों व कर्मचारी को नियुक्त कर दिया है। इसमें सफाई कार्य के लिए दोनों जोन में प्लान बनाकर सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर हाईवे से सटे इलाकों में सफाई की व्यवस्था चौकस करने की बात कही गई है।
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इसके अलावा प्रकाश विभाग से नए शामिल क्षेत्रों हाई मास्ट लगाने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही पेयजल की व्यवस्था के निर्धारण के लिए 100 हैंडपंप लगाए जाने के भी निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के साथ पूरे नए शामिल क्षेत्र के लिए सर्वे किया जाना है। इसमें नए सड़क से लेकर सफाई व्यवस्था का प्लान बनाने की तैयारी है। नगर निगम प्रशासन जल्द ही सर्वे कंपनी नियुक्त कर पूरे इलाके का सर्वे करेगा। इसमें नए जुड़े क्षेत्र में जोन कार्यालय खोलने व एक छत के नीचे की समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने जाने की बात चल रही है। इसमें ऑनलाइन सुविधाओं पर नगर निगम प्रशासन का विशेष ध्यान है। इसमें टैक्स से लेकर समस्याओं तक के लिए पोर्टल व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
अयोध्या नगर निगम में जोन बनने व कार्यालय खुलने के बाद सबसे बड़ी आवश्यकता कर्मचारियों व अधिकारियों की तैनाती होगी। नगर निगम में अभी तक कुल आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सवा दो लाख के आसपास थी लेकिन नगर निगम के नए क्षेत्र का विस्तार हो जाने के बाद आबादी का ग्राफ साढ़े तीन लाख के आसपास पहुंच गया है। एक अनुमान के अनुसार नई जनगणना में नगर निगम की आबादी साढ़े चार लाख के आसपास हो जाएगी। इसके साथ ही शहर की पांच लाख फ्लोटिंग आबादी को जोड़ दिया जाए तो नगर निगम की कुल आबादी साढ़े नौ लाख के करीब हो जाती है। ऐसे में शहर में साफ-सफाई, पेयजल व अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की बड़ी फौज की आवश्यकता है। इसके लिए नगर निगम प्रशासन जल्द ही शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजेगा।
अयोध्या नगर निगम के क्षेत्र में शामिल नए क्षेत्र में मौजूदा समय में सफाई सबसे बड़ी समस्या है। नए क्षेत्रों से लगातार यह शिकायत आ रही है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद सफाई व्यवस्था की स्थिति बदतर हो गई है। दूसरी ओर नगर निगम प्रशासन की यह भी समस्या है कि नगर निगम में कुल 1104 सफाई कर्मचारी आउट सोर्स पर तैनात हैं। इनके ही सहयोग से सफाई व्यवस्था को पूरा किया जा रहा है।
नगर निगम प्रशासन आउट सोर्स पर नए कर्मचारी फिलहाल नियुक्त करने की स्थिति में नहीं है। इसका कारण है कि नगर निगम को जो धनराशि प्रति माह मिलती है उनमें पूर्ववत कर्मचारियों का पूरा वेतन नहीं पा रहा है। नगर निगम प्रशासन ने राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि को बढ़ाए जाने के लिए पत्र लिखा है। धनराशि के बढ़ जाने के बाद नए आउट सोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद ही समस्या से निदान मिलने की संभावना है।
अयोध्या और फैजाबाद अलग-अलग जोन होंगे। साथ ही अयोध्या नगर निगम में शामिल नए क्षेत्र को दो जोन में विभक्त किया गया है। इसमें फिलहाल मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। इसमें प्रकाश विभाग को हाईमास्ट, जलकल को 100 हैंडपंप लगाने व सफाई की व्यवस्था का प्लान बनाकर सफाई कराने के निर्देश दे दिए हैं। जल्द ही सर्वे कराकर पूरे नए क्षेत्र का सुनियोजित विकास कराया जाएगा।- विशाल सिंह, नगर आयुक्त अयोध्या नगर निगम