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महिला अस्पताल की तीन डॉक्टरों से स्पष्टीकरण तलब, जवाब न देने पर होगी कार्रवाई
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अयोध्या। जिला महिला चिकित्सालय में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं के चिकित्सीय परीक्षण व इलाज में लापरवाही बरतने पर तीन महिला चिकित्सकों से अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने स्पष्टीकरण मांगा है। तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
28 जनवरी की सुबह विकासखंड पूराबाजार के धर्मपुर निवासी महिला सुधा तिवारी को गर्भावस्था के दौरान दस्त होने पर तीमारदार द्वारा भर्ती कराया गया। चिकित्सक डॉ. जोया वर्मा ने मरीज को देखकर भर्ती किया, लेकिन मरीज का ब्लड प्रेशर नहीं जांचा गया। दस्त से संबंधित इलाज करके सायंकाल उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। घर पहुंचते ही प्रसव पीड़ा होने पर रात्रि में मरीज फिर अस्पताल पहुंची तो उसे ऑपरेशन के लिए ओटी ले जाया गया। निश्चेतक डॉ. श्वेता सुमन व स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका जैन ने तीमारदारों को बताया कि मरीज का ब्लड प्रेशर अधिक है और तीमारदार के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मरीज को रात्रि करीब एक बजे रेफर कर दिया गया। मरीज रात्रि में ही एक निजी अस्पताल पहुंचा, जहां उसका सकुशल ऑपरेशन किया गया और जच्चा-बच्चा का स्वास्थ्य बेहतर था।
मामले में चिकित्सकों की लापरवाही सामने आने पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके शुक्ल ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा है। शनिवार को जारी पत्र में प्रमुख अधीक्षक ने कहा कि ब्लड प्रेशर न बढ़ने के बाद भी बहाना बना कर गर्भवती को ओटी से रेफर कर देना घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है। इसलिए जिला प्रशासन के निर्देश पर उन्होंने चिकित्सकों से स्पष्टीकरण आख्या तीन दिवस के भीतर देने का निर्देश दिया है। अन्यथा की स्थिति में अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को सूचना देने की चेतावनी दी है।
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28 जनवरी की सुबह विकासखंड पूराबाजार के धर्मपुर निवासी महिला सुधा तिवारी को गर्भावस्था के दौरान दस्त होने पर तीमारदार द्वारा भर्ती कराया गया। चिकित्सक डॉ. जोया वर्मा ने मरीज को देखकर भर्ती किया, लेकिन मरीज का ब्लड प्रेशर नहीं जांचा गया। दस्त से संबंधित इलाज करके सायंकाल उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। घर पहुंचते ही प्रसव पीड़ा होने पर रात्रि में मरीज फिर अस्पताल पहुंची तो उसे ऑपरेशन के लिए ओटी ले जाया गया। निश्चेतक डॉ. श्वेता सुमन व स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका जैन ने तीमारदारों को बताया कि मरीज का ब्लड प्रेशर अधिक है और तीमारदार के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मरीज को रात्रि करीब एक बजे रेफर कर दिया गया। मरीज रात्रि में ही एक निजी अस्पताल पहुंचा, जहां उसका सकुशल ऑपरेशन किया गया और जच्चा-बच्चा का स्वास्थ्य बेहतर था।
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मामले में चिकित्सकों की लापरवाही सामने आने पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके शुक्ल ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा है। शनिवार को जारी पत्र में प्रमुख अधीक्षक ने कहा कि ब्लड प्रेशर न बढ़ने के बाद भी बहाना बना कर गर्भवती को ओटी से रेफर कर देना घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है। इसलिए जिला प्रशासन के निर्देश पर उन्होंने चिकित्सकों से स्पष्टीकरण आख्या तीन दिवस के भीतर देने का निर्देश दिया है। अन्यथा की स्थिति में अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को सूचना देने की चेतावनी दी है।
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