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95 करोड़ की लागत से 39 परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास व लोकार्पण
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मिल्कीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 95 करोड़ रुपये की लागत से 39 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।
इसमें प्रमुख रूप से विश्वविद्यालय परिसर स्थित पशुपालन महाविद्यालय के पशुधन प्रक्षेत्र भवन, कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती, बाराबंकी, अयोध्या, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, बहराइच का सुदृढ़ीकरण, देसी नस्ल के पशुओं हेतु अति हीम कृत वीर्य परियोजना, पशु चिकित्सा क्लीनिकल कांप्लेक्स का सुदृढ़ीकरण, पशु आहार विश्लेषण एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला की स्थापना, परियोजना विंध्य कृषि जलवायु क्षेत्र कृषि विज्ञान केंद्र सोनभद्र के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परियोजना और उत्तर पूर्वी मैदानी कृषि जलवायु क्षेत्र कृषि विज्ञान केंद्र गोरखपुर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परियोजना शामिल है।
इसके अलावा उत्तर पूर्वी मैदानी कृषि जलवायु क्षेत्र कृषि विज्ञान केंद्र बलरामपुर की सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परियोजना, पूर्वी मैदानी कृषि जलवायु क्षेत्र कृषि विज्ञान केंद्र मऊ के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परियोजना, गोवंशी पशुओं में भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक से उत्तम जनन द्रव्य का उत्पादन परियोजना, बीज उत्पादन क्षेत्र की सुदृढ़ीकरण परियोजना, बकरी पालन, बैकयार्ड कुक्कुट पालन द्वारा थारू जनजाति उत्थान परियोजना, कृषि तकनीकी पार्क की स्थापना की विधि कृत फसल प्रणाली के अंतर्गत टपक सिंचाई एवं फर्टिगेशन का प्रदर्शन परियोजना और जिंक तत्व वाली धान की प्रजातियों की पहचान कर चावल खाने वाली गरीब जनसंख्या में पोषक तत्वों की कमी दूर करने की परियोजना शामिल है।
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इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के कृषकों हेतु जैविक उर्वरक एवं कीटनाशकों के प्रशिक्षण की परियोजना, पशु परजीवी रोगों की आधुनिक तकनीक से जांच हेतु प्रयोगशाला की सुदृढ़ीकरण परियोजना, औद्यानिक फसलों के नर्सरी उत्पादन हेतु पाली कार्बोनेट ग्रीन हाउस एवं नेट हाउस की नवीनीकरण परियोजना, क्षेत्र अवशिष्ट के समुचित प्रबंधन एवं नेट हाउस का नवीनीकरण परियोजना, क्षेत्र अवशिष्ट के समुचित प्रबंधन हेतु मशीनीकरण इकाई स्थापना परियोजना एवं दक्षता प्रयोगशाला द्वारा कृषक महिलाओं में स्वास्थ्य जोखिम कम करने हेतु जोखिम विश्लेषण परियोजना शामिल हैं।
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इसमें प्रमुख रूप से विश्वविद्यालय परिसर स्थित पशुपालन महाविद्यालय के पशुधन प्रक्षेत्र भवन, कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती, बाराबंकी, अयोध्या, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, बहराइच का सुदृढ़ीकरण, देसी नस्ल के पशुओं हेतु अति हीम कृत वीर्य परियोजना, पशु चिकित्सा क्लीनिकल कांप्लेक्स का सुदृढ़ीकरण, पशु आहार विश्लेषण एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला की स्थापना, परियोजना विंध्य कृषि जलवायु क्षेत्र कृषि विज्ञान केंद्र सोनभद्र के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परियोजना और उत्तर पूर्वी मैदानी कृषि जलवायु क्षेत्र कृषि विज्ञान केंद्र गोरखपुर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परियोजना शामिल है।
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इसके अलावा उत्तर पूर्वी मैदानी कृषि जलवायु क्षेत्र कृषि विज्ञान केंद्र बलरामपुर की सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परियोजना, पूर्वी मैदानी कृषि जलवायु क्षेत्र कृषि विज्ञान केंद्र मऊ के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परियोजना, गोवंशी पशुओं में भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक से उत्तम जनन द्रव्य का उत्पादन परियोजना, बीज उत्पादन क्षेत्र की सुदृढ़ीकरण परियोजना, बकरी पालन, बैकयार्ड कुक्कुट पालन द्वारा थारू जनजाति उत्थान परियोजना, कृषि तकनीकी पार्क की स्थापना की विधि कृत फसल प्रणाली के अंतर्गत टपक सिंचाई एवं फर्टिगेशन का प्रदर्शन परियोजना और जिंक तत्व वाली धान की प्रजातियों की पहचान कर चावल खाने वाली गरीब जनसंख्या में पोषक तत्वों की कमी दूर करने की परियोजना शामिल है।
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इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के कृषकों हेतु जैविक उर्वरक एवं कीटनाशकों के प्रशिक्षण की परियोजना, पशु परजीवी रोगों की आधुनिक तकनीक से जांच हेतु प्रयोगशाला की सुदृढ़ीकरण परियोजना, औद्यानिक फसलों के नर्सरी उत्पादन हेतु पाली कार्बोनेट ग्रीन हाउस एवं नेट हाउस की नवीनीकरण परियोजना, क्षेत्र अवशिष्ट के समुचित प्रबंधन एवं नेट हाउस का नवीनीकरण परियोजना, क्षेत्र अवशिष्ट के समुचित प्रबंधन हेतु मशीनीकरण इकाई स्थापना परियोजना एवं दक्षता प्रयोगशाला द्वारा कृषक महिलाओं में स्वास्थ्य जोखिम कम करने हेतु जोखिम विश्लेषण परियोजना शामिल हैं।