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रामलला को अस्थाई मंदिर में विराजमान करने का अनुष्ठान शुरू, कल अयोध्या आ सकते हैं योगी

Tue, 24 Mar 2020 02:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, अयोध्या
माई सिटी रिपोर्टर, अयोध्या Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Tue, 24 Mar 2020 02:20 AM IST
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Ayodhya
63-अयोध्या-गर्भ ग़ृह में विराजमान रामलला के समक्ष अनुष्ठान में हिस्सा लेते यजमान व अनुष्ठान के दौ? - फोटो : FAIZABAD

कोरोना से बचाव के लिए रामनगरी में बाहरी भक्तों के प्रवेश और लॉक डाउन जैसे हालात के बीच सोमवार को श्रीराममंदिर निर्माण का पहला चरण प्रारंभ हो गया है। श्रीजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गर्भगृह में विराजमान रामलला को नए अस्थाई मंदिर में शिफ्ट करने की पूजा प्रख्यात वैदिक आचार्य डॉ. कृतिकांत शर्मा के नेतृत्व में दिल्ली, काशी, मथुरा व प्रयागराज के 15 आचार्यों के साथ सुबह अनुष्ठान शुरू कराया।

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गर्भगृह की पूजा में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र यजमान बने तो अस्थाई मंदिर की पूजा में ट्रस्टी राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन मिश्र। नवरात्र के पहले दिन 25 मार्च को रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट किया जाएगा। 
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दिल्ली से आए प्रसिद्ध वैदिक आचार्य  डॉ. कृतिकांत शर्मा के नेतृत्व में रामलला को नए घर में विराजमान करने के लिए 15 आचार्यों की टीम ने सुबह साढ़े सात बजे उदक शांति पूजा के साथ भूमि के शुद्धिकरण का अनुष्ठान शुरू किया। इसके पहले आचार्यों की टीम को रविवार रात नौ बजे श्रीराम जन्मभूमि परिसर ले जाया गया, जहां विराजमान रामलला और नए मंदिर का निर्माण स्थल दिखाया गया।
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ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि कोराना की महामारी रोकने के लिए अनुष्ठान को सीमित करते हुए सरकार के दिशा-निर्देश का अनुपालन भी सुनिश्चित कराया गया है। ज्यादा लोग एकत्रित न हों, इसके लिए अयोध्या के शीर्ष संतों की भागीदारी भी नहीं हो पाई। सोमवार को सूर्योदय से पहले पूजन सामग्री की व्यवस्था पहुंचाई गई, इसके बाद एक साथ दो जगह विराजमान रामलला व अस्थाई मंदिर अनुष्ठान शुरू हुआ। इसी के साथ रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का पहला चरण प्रारंभ हुआ है। गर्भगृह की पूजा के यजमान डॉ. अनिल मिश्र हैं, जबकि साक्षी के रूप में विधायक वेदप्रकाश गुप्त व डीएम अनुज कुमार झा रहे। उधर, अस्थाई राममंदिर स्थल पर पूजा-अर्चना के यजमान राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन मिश्र हैं। 

ऐसे शुरू हुई पूजा
सोमवार सुबह 7:30 बजे दिल्ली से आए मुख्य आचार्य कृतिकांत शर्मा के नेतृत्व में नदियों के पवित्र जल से भरे हुए कलश, पूजन सामग्री, फल-फूल, भगवान के वस्त्र, हवन सामग्री आदि के साथ पीले व सफेद वस्त्र धारण करके कुल 15 आचार्य रामलला परिसर में  दाखिल हुए। आचार्यों की टीम में विश्व हिंदू परिषद के संत संपर्क प्रमुख पंडित अशोक तिवारी और संयुक्त महामंत्री कोटेश्वर जी भी शामिल हैं, यह दोनों वैदिक पूजा पद्धति के दक्ष माने जाते हैं। साथ ही रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास भी मौजूद रहे।

टीम में शामिल अयोध्या के आचार्य इंद्र देव मिश्र ने बताया कि 10 आचार्यों की टीम रामलला के वर्तमान गर्भ गृह में पूजन अर्चन कर रही है । ये आचार्य रामलला से नए घर में चलने की प्रार्थना कर रहे हैं ,जबकि पांच आचार्यों की टीम अस्थाई राम मंदिर में भूमि शुद्धिकरण का अनुष्ठान कर रहे हैं । 25 मार्च की सुबह 4:30 बजे राम लला को विधि-विधान पूर्वक नए अस्थाई मंदिर में शिफ्ट कर दिया जाएगा। बताया कि रामलला को जिस रास्ते से पुराने घर से नए घर में ले जाना है उस रास्ते का भी शुद्धि करण कराया जाएगा।

जयपुर से बनकर आए चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे रामलला 
-श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को ट्रस्टी राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन मिश्र ने अपने परिवार की ओर से चांदी का भव्य सिंहासन भेंट किया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि इसी सिंहासन पर रामलला चारों भाईयों के साथ नवरात्र के प्रथम दिवस 25 मार्च को भोर में विराजमान होंगे। कहा कि यह सिंहासन जयपुर में बना है, इसे जमीन पर बैठकर कारीगरों ने श्रद्धापूर्वक बनाया है। इसका वजन 9.5 किग्रा है। यह 25 इंच लंबा, 15 इंच चौड़ा, और 30 इंच ऊंचा है। इसके शीर्ष पर सूर्यवंश के प्रतीक भगवान सूर्य की मुखाकृति बनी है। राजा की ओर से सिंहासन के साथ चौकी और क्षत्र भी भेंट किया गया है, इसके लिए ट्रस्ट उनके परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना करता है। 

बुलेटप्रूफ करने का काम शुरू कराने कल आ सकते हैं योगी 
रामलला को विराजमान करने के लिए श्रीरामजन्म भूमि से ढाई सौ मीटर पूरब बनाए गए अस्थाई मंदिर के सबसे भीतरी सुरक्षा घेरे को फाइबर और ग्लास के बुलेट प्रूफ मंदिर से सजाने का काम सोमवार सुबह शुरू हो गया है। पूरा मंदिर तैयार करके गृह मंत्रालय की टीम मंगलवार दोपहर तक सुपुर्द कर पाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को भोर में रामलला को नए अस्थाई मंदिर के गर्भगृह में स्थापित करने के लिए आ सकते हैं। इसे वेहद गोपनीय रखा जा रहा है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सूत्रों के मुताबिक वे सड़कर मार्ग से मंगलवार की आधी रात के बाद लखनऊ से रवाना हो सकते हैं, सीधे करीब चार बजे भोर में रामलला परिसर में दाखिल होंगे, जहां एक घंटे की पूजा व स्थापना के बाद सीधे लखनऊ वापस लौट जाएंगे। 

रामलला की पूजा का होगा प्रसारण
-रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट करने के लिए पूजा-अर्चना व पालकी यात्रा का दूरदर्शन से रिकॉर्डिंग कराकर प्रसारण भी होगा। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। सूत्रों के अनुसार कोरोना संकट के चलते भक्तों को अयोध्या आने से रोक दिया गया है, इसलिए आराध्य की नवरात्र के पहले दिन नए गर्भगृह में शिफ्टिंग के अनुष्ठान को लाइव दिखाना आवश्यक है। बताते हैं कि जिला प्रशासन व ट्रस्ट के अनुरोध पर शासन व केंद्रीय गृहमंत्रालय ने इसकी स्वीकृति दे दी है। भोर में तीन बजे से शुरू होने वाली पूजा की पांच बजे तक रिकार्डिंग दूरदर्शन करेगा। मुख्यमंत्री के जाने के बाद इसे एक साथ सभी चैनलों व अखबारों के वेब एडिशन को भी देने की तैयारी है। मीडिया का प्रवेश भीड़ से बचने के लिए नहीं होगा। कार्यक्रम के फोटो भी उपलब्ध कराए जाएंगे। 


अयोध्या के प्रमुख संत, ट्रस्टी भी होंगे शामिल
- रामलला को नए मंदिर में ले जाने का कार्यक्रम बेहद भव्य व दिव्य होगा। इसमें बाजे-गाजे के साथ रामलला समेत चारों भाई व हनुमानजी के विग्रह के अलग-अलग पालकी स्वरूप बड़े आकार के पात्र में ले जाने की रणनीति बनाई गई है। इस कार्यक्रम में अयोध्या से शीर्ष संत-महंतों को भी शामिल करने की सूची बन रही है। बताते हैं कि हर हाल में 50 से कम लोगों को  आमंत्रित किया जाना है ताकि कोराना के कारण निश्चित दूरी से ही लोग कार्यक्रम का हिस्सा बनें।

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