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तीन अस्पतालों में लाखों का घोटाला
Faizabad
Updated Thu, 10 Jul 2014 05:31 AM IST
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फैजाबाद। अधिकारियों की आंखों में धूल झोंक कर तीन सीएचसी के अधीक्षकों ने लाखों के वारे-न्यारे कर दिए। बाबू व अधीक्षक की जुगलबंदी से फर्म व लाभार्थियों के खाते में रुपये भेजने के जगह धन निकाला गया है। अधीक्षक स्तर से हो रही धन की हेराफेरी एनआरएचएम की स्थानीय टीम ने पकड़ी है। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामला प्रकाश में आने के बाद मिशन निदेशक अमित घोष ने मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिख कर मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ एनआरएचएम डॉ. एके कनौजिया की अगुवाई में वित्त एवं लेखाधिकारी अपर्णा सिंह जांच कर रही हैं।
विश्व जनसंख्या दिवस व नियमित टीकाकरण के लिए प्रशिक्षण व अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों के संचालन में तीनों चिकित्सालयों में 16 लाख 32 हजार की धनराशि भेजी गई। इसको सीधे तौर पर अधिकारी खर्च नहीं कर सकते थे। जिस भी व्यक्ति को एनआरएचएम का धन दिया जाना है, उसे अन्य माध्यमों के बजाए सीधे खाते में धन का हस्तांतरण किया जाना था। शासन के दिशा निर्देश को दरकिनार कर पूरा बाजार के अधीक्षक डॉ. एके सिंह, खंडासा के अधीक्षक डॉ. आशाराम और मसौधा के अधीक्षक डॉ. जीसी पाठक ने औसतन साढ़े पांच लाख रुपये निकाल लिए। एनआरएचएम की टीम ने मामले का जायजा लिया तो उनके होश उड़ गए। इन अधीक्षकों ने शासन से भेजी गई गाइडलाइन को पूरी तरह से नजरंदाज किया और लाखों रुपये हजम कर गए। हालांकि सीएमओ कार्यालय में इन अधीक्षकों ने जो रिपोर्ट दी है उसके मुताबिक गलती से धन निकाल लिया था और जिन लाभार्थियों को मिलना था उन्हें कैश देने की बात कही है। चिकित्सकों की कार्य प्रणाली से क्षुब्ध मिशन निदेशक ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। मिशन निदेशक का पत्र आने के बाद सीएमओ ने जांच बैठा दी है।
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विश्व जनसंख्या दिवस व नियमित टीकाकरण के लिए प्रशिक्षण व अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों के संचालन में तीनों चिकित्सालयों में 16 लाख 32 हजार की धनराशि भेजी गई। इसको सीधे तौर पर अधिकारी खर्च नहीं कर सकते थे। जिस भी व्यक्ति को एनआरएचएम का धन दिया जाना है, उसे अन्य माध्यमों के बजाए सीधे खाते में धन का हस्तांतरण किया जाना था। शासन के दिशा निर्देश को दरकिनार कर पूरा बाजार के अधीक्षक डॉ. एके सिंह, खंडासा के अधीक्षक डॉ. आशाराम और मसौधा के अधीक्षक डॉ. जीसी पाठक ने औसतन साढ़े पांच लाख रुपये निकाल लिए। एनआरएचएम की टीम ने मामले का जायजा लिया तो उनके होश उड़ गए। इन अधीक्षकों ने शासन से भेजी गई गाइडलाइन को पूरी तरह से नजरंदाज किया और लाखों रुपये हजम कर गए। हालांकि सीएमओ कार्यालय में इन अधीक्षकों ने जो रिपोर्ट दी है उसके मुताबिक गलती से धन निकाल लिया था और जिन लाभार्थियों को मिलना था उन्हें कैश देने की बात कही है। चिकित्सकों की कार्य प्रणाली से क्षुब्ध मिशन निदेशक ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। मिशन निदेशक का पत्र आने के बाद सीएमओ ने जांच बैठा दी है।
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