{"_id":"5c59d76bbdec224b6e13a001","slug":"71549391723-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जगतगुरु स्वरूपानंद के अयोध्या में शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारी तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जगतगुरु स्वरूपानंद के अयोध्या में शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारी तेज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वामी स्वरूपानंद के अयोध्या में शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारी तेज
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के लिए जगतगुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा 21 फरवरी को अयोध्या में किए जाने वाले शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर तैयारी तेज हो गई है।
जगद्गुरु स्वरूपानंद के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शिष्यों के साथ मंगलवार को अयोध्या पहुंचे और संत धर्म आचार्यों से कार्यक्रम की तैयारी को लेकर चर्चा की।
अयोध्या पहुंचने पर जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण द्वारा अविमुक्तेश्वरानंद का स्वागत सम्मान किया गया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह तय हुआ था कि गैर विवादित 67 एकड़ जमीन जिस के हक में फैसला आएगा उसको सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
2010 में हाई कोर्ट ने निर्णय दिया लेकिन बंटवारा कर दिया जो किसी ने नहीं मांगा था। इस निर्णय के विरोध में हिंदू पक्ष ने अपील भी की लेकिन 8 साल बीत गए। मामला कोर्ट की चौखट में ही अटका हुआ है।
अब राम मंदिर निर्माण में और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी । उन्होंने कहा कि जगतगुरु स्वामी स्वरूपानंद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में राम भक्त 21 फरवरी को राम मंदिर निर्माण के लिए होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचेंगे।
जब तक राम मंदिर निर्माण नहीं हो जाता तब तक शिलान्यास का कार्यक्रम जारी रहेगा। कहा कि विहिप के विरोध करने से कुछ नही होगा। हम शास्त्र सम्मत काम करते हैं। जो राजनीति के कारण राम भक्त हैं वह शिलान्यास कार्यक्रम में नहीं आएंगे और जो सच्चे राम भक्त हैं वह आएंगे।
विज्ञापन
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के लिए जगतगुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा 21 फरवरी को अयोध्या में किए जाने वाले शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर तैयारी तेज हो गई है।
जगद्गुरु स्वरूपानंद के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शिष्यों के साथ मंगलवार को अयोध्या पहुंचे और संत धर्म आचार्यों से कार्यक्रम की तैयारी को लेकर चर्चा की।
विज्ञापन
अयोध्या पहुंचने पर जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण द्वारा अविमुक्तेश्वरानंद का स्वागत सम्मान किया गया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह तय हुआ था कि गैर विवादित 67 एकड़ जमीन जिस के हक में फैसला आएगा उसको सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
2010 में हाई कोर्ट ने निर्णय दिया लेकिन बंटवारा कर दिया जो किसी ने नहीं मांगा था। इस निर्णय के विरोध में हिंदू पक्ष ने अपील भी की लेकिन 8 साल बीत गए। मामला कोर्ट की चौखट में ही अटका हुआ है।
अब राम मंदिर निर्माण में और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी । उन्होंने कहा कि जगतगुरु स्वामी स्वरूपानंद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में राम भक्त 21 फरवरी को राम मंदिर निर्माण के लिए होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचेंगे।
जब तक राम मंदिर निर्माण नहीं हो जाता तब तक शिलान्यास का कार्यक्रम जारी रहेगा। कहा कि विहिप के विरोध करने से कुछ नही होगा। हम शास्त्र सम्मत काम करते हैं। जो राजनीति के कारण राम भक्त हैं वह शिलान्यास कार्यक्रम में नहीं आएंगे और जो सच्चे राम भक्त हैं वह आएंगे।