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लपटों ने बरपाया कहर, 66 घर जले
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Sat, 09 Apr 2016 11:34 PM IST
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आग बुझने के बाद बचे सामान एकत्र करता परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
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मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम मवई खुर्द के कल्पी शुक्ल के पुरवा में शनिवार दोपहर झाड़ियां साफ करने के लिए पत्तियां जलाने से आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने ऐसा विकराल रूप धारण किया की दो गांव आग की चपेट में आ गए। पांच दमकल व सैकड़ों ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत से देर शाम आग पर काबू पाया जा सका।
अग्निकांड में दोनों गांवों के 66 घर पूरी तरह से जल गए। जबकि आग की चपेट में आने से सात बकरियां जलकर मर गईं। अग्निकांड से दोनों गांवों में मातम पसरा है। सब कुछ तबाह होने से अग्नि पीड़ित परिवार बिलख रहे हैं। मवई खुर्द के कल्पी शुक्ल के पुरवा में शनिवार दोपहर महुआ के पेड़ के नीचे झाड़ी साफ करने के लिए कुछ लोगों ने सूखी पत्तियां जलाईं थीं।
ग्रामीणों का कहना है कि इसी की चिंगारी से सूखे बांस की कोठ में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। लपटें इतनी तेज थीं कि ग्रामीणों को अपना कोई भी सामान बचाने का मौका ही नहीं मिला। कल्पी शुक्ल के पुरवा में 34 घरी पूरी तरह जल गए।
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इसी गांव के राजकुमार उर्फ पिचाली की चार व राजेश कुमार की तीन बकरियां आग की चपेट में आने से जलकर मर गईं। देखते ही देखते आग का दायरा बढ़कर एक किलोमीटर तक फैल गया। पड़ोस के ग्राम डीह पूरेबीरबल के कालीदीन पुरवा को भी आग ने चपेट में ले लिया। अग्निकांड में इस गांव के 32 लोगों के घर पूरी तरह से जल गए।
दोपहर करीब ढाई बजे लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियाें के साथ अग्निशमन कर्मी जुटे रहे। सैकड़ों ग्रामीण भी आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करते रहे। देर शाम आग पर काबू पाया जा सका। भीषण अग्निकांड की खबर पाकर मिल्कीपुर एसडीएम संतोष कुमार सहित तहसील का प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया।
तहसील प्रशासन ने अग्नि पीड़ित परिवारों के लिए राशन की व्यवस्था कर दी है। सांसद लल्लू सिंह भी दोनों गांवों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों को सांत्वना देकर प्रशासनिक मदद दिलाने का भरोसा दिया। मौके पर पहुंचे बीकापुर विधायक आनंद सेन ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने को कहा। देर शाम तक प्रशासन की एक टीम पीड़ित परिवारों की सूची तैयार करने में जुटी रही।
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अग्निकांड में दोनों गांवों के 66 घर पूरी तरह से जल गए। जबकि आग की चपेट में आने से सात बकरियां जलकर मर गईं। अग्निकांड से दोनों गांवों में मातम पसरा है। सब कुछ तबाह होने से अग्नि पीड़ित परिवार बिलख रहे हैं। मवई खुर्द के कल्पी शुक्ल के पुरवा में शनिवार दोपहर महुआ के पेड़ के नीचे झाड़ी साफ करने के लिए कुछ लोगों ने सूखी पत्तियां जलाईं थीं।
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ग्रामीणों का कहना है कि इसी की चिंगारी से सूखे बांस की कोठ में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। लपटें इतनी तेज थीं कि ग्रामीणों को अपना कोई भी सामान बचाने का मौका ही नहीं मिला। कल्पी शुक्ल के पुरवा में 34 घरी पूरी तरह जल गए।
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इसी गांव के राजकुमार उर्फ पिचाली की चार व राजेश कुमार की तीन बकरियां आग की चपेट में आने से जलकर मर गईं। देखते ही देखते आग का दायरा बढ़कर एक किलोमीटर तक फैल गया। पड़ोस के ग्राम डीह पूरेबीरबल के कालीदीन पुरवा को भी आग ने चपेट में ले लिया। अग्निकांड में इस गांव के 32 लोगों के घर पूरी तरह से जल गए।
दोपहर करीब ढाई बजे लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियाें के साथ अग्निशमन कर्मी जुटे रहे। सैकड़ों ग्रामीण भी आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करते रहे। देर शाम आग पर काबू पाया जा सका। भीषण अग्निकांड की खबर पाकर मिल्कीपुर एसडीएम संतोष कुमार सहित तहसील का प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया।
तहसील प्रशासन ने अग्नि पीड़ित परिवारों के लिए राशन की व्यवस्था कर दी है। सांसद लल्लू सिंह भी दोनों गांवों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों को सांत्वना देकर प्रशासनिक मदद दिलाने का भरोसा दिया। मौके पर पहुंचे बीकापुर विधायक आनंद सेन ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने को कहा। देर शाम तक प्रशासन की एक टीम पीड़ित परिवारों की सूची तैयार करने में जुटी रही।