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प्रसव के दौरान शिशु की मौत, लापरवाही का आरोप
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:04 PM IST
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प्रसव के दौरान शिशु की मौत, लापरवाही का आरोप
फैजाबाद। मवई ब्लॉक के उमापुर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही से शिशुओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी पिछले दिनों नौरोजपुर बघेड़ी के रामदास साहू के नवजात शिशु की मौत का मामला शांत नहीं हुआ था कि मंगलवार को प्रसव के दौरान एक नवजात शिशु की मौत हो गई। शिकायत के बाद लापरवाही व पैसे मांगने के आरोप में एएनएम को जांच के बाद चिकित्सा अधीक्षक ने एक दिन के वेतन पर रोक लगाते हुए उसे प्रसव विभाग से हटा दिया है।
मवई क्षेत्र के गनेशपुर निवासी मोतीलाल की पत्नी सविता को मंगलवार सुबह 4 बजे प्रसव पीड़ा हुई तो एंबुलेंस के जरिए आशा बहू के साथ क्षेत्र के उमापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। आरोप है कि यहां तैनात एएनएम किरन ने पीड़िता को देखने से पहले ही दो सौ रुपये की मांग की। मोतीलाल ने बताया कि एएनएम को दो सौ रुपये देने के बाद उनकी पत्नी का प्रसव कराने की प्रक्रिया आरंभ हुई। इस दौरान एएनएम ने एक इंजेक्शन लगाया व दवा खाने के लिए दी। आरोप है कि प्रसव के दौरान लापरवाही से शिशु की मौत हो गई। इसके बाद भी एएनएम का दिल नहीं पसीजा और वह प्रसूता के पति से और पैसों की मांग करती रहीं। मोतीलाल ने प्रसव के दौरान लापरवाही व एएनएम द्वारा पैसा मांगे जाने की शिकायत चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविकांत वर्मा से की। इस पर बुधवार को जांच करने पहुंचे चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि लापरवाही की आरोपी एएनएम किरण को प्रसव रूम से हटाते हुए उसके एक दिन वेतन पर रोक लगाई है। मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
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फैजाबाद। मवई ब्लॉक के उमापुर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही से शिशुओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी पिछले दिनों नौरोजपुर बघेड़ी के रामदास साहू के नवजात शिशु की मौत का मामला शांत नहीं हुआ था कि मंगलवार को प्रसव के दौरान एक नवजात शिशु की मौत हो गई। शिकायत के बाद लापरवाही व पैसे मांगने के आरोप में एएनएम को जांच के बाद चिकित्सा अधीक्षक ने एक दिन के वेतन पर रोक लगाते हुए उसे प्रसव विभाग से हटा दिया है।
मवई क्षेत्र के गनेशपुर निवासी मोतीलाल की पत्नी सविता को मंगलवार सुबह 4 बजे प्रसव पीड़ा हुई तो एंबुलेंस के जरिए आशा बहू के साथ क्षेत्र के उमापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। आरोप है कि यहां तैनात एएनएम किरन ने पीड़िता को देखने से पहले ही दो सौ रुपये की मांग की। मोतीलाल ने बताया कि एएनएम को दो सौ रुपये देने के बाद उनकी पत्नी का प्रसव कराने की प्रक्रिया आरंभ हुई। इस दौरान एएनएम ने एक इंजेक्शन लगाया व दवा खाने के लिए दी। आरोप है कि प्रसव के दौरान लापरवाही से शिशु की मौत हो गई। इसके बाद भी एएनएम का दिल नहीं पसीजा और वह प्रसूता के पति से और पैसों की मांग करती रहीं। मोतीलाल ने प्रसव के दौरान लापरवाही व एएनएम द्वारा पैसा मांगे जाने की शिकायत चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविकांत वर्मा से की। इस पर बुधवार को जांच करने पहुंचे चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि लापरवाही की आरोपी एएनएम किरण को प्रसव रूम से हटाते हुए उसके एक दिन वेतन पर रोक लगाई है। मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
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