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बिजली कटौती से खफा किसानों ने घेरा सब स्टेशन
Updated Thu, 14 Sep 2017 01:19 AM IST
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शहर से लेकर देहात फिर चरमराई पावर सप्लाई, 24 घंटे से कोंछा फीडर पर आपूर्ति नहीं
फैजाबाद/हैरिंग्टनगंज। बिजली कटौती से खफा किसानों का आक्रोश अब सड़क पर आने लगा है। हैरिंग्टनगंज सब स्टेशन का बुधवार सुबह सैकड़ों किसानों ने घेराव कर नारेबाजी की। 24 घंटे से कोंछा फीडर पर बिजली की आपूर्ति नहीं हुई है। हाल यह है कि जिले के सभी तहसीलों में बिजली कटौती से किसान पस्त हैं।
18 घंटे आपूर्ति के शेड्यूल के सापेक्ष मात्र 5 से 8 घंटे बिजली मिल रही है, वह भी बार-बार ट्रिपिंग के साथ, ऐसे में धान की फसल की सिंचाई मुश्किल हो गई है। ऊपर से मानसून दगा दे रहा है और तेज धूप काल बन रही है। किसानों का कहना है कि बिजली आपूर्ति में लापरवाही से धान की फसल बचाना मुश्किल हो गया है।
योगी सरकार ने ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे व शहरी क्षेत्र में 22 घंटे बिजली आपूर्ति करने का निर्देश दिया था। यह व्यवस्था कुछ दिन तक तो प्रभावी रही लेकिन प्रभाव में आते-आते शिथिल पड़ गई। पिछले एक सप्ताह से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है।
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ग्रामीण इलाकों में तो और बद्तर स्थिति है। एक तो उमस भरी गर्मी सितम ढा रही है, तेज धूप और गर्मी से लोग बेहाल हैं। खेतों में सूख रही धान की फसल की सिंचाई कर पाने में किसान असमर्थ है। बुधवार को बदहाल बिजली आपूर्ति को लेकर हैंरिंग्टनगंज उपकेंद्र पर किसानों ने हंगामा किया।
किसानों ने उपकेंद्र का घेराव करते हुए कहा कि 24 घंटे से कोंछा फीडर पर बिजली की आपूर्ति नहीं हुई। जबकि आपूर्ति रजिस्टर में 10 घंटे बिजली आपूर्ति किया जाना दर्ज किया गया है। किसानों ने कहा कि प्रतिदिन 5-8 घंटे बिजली मिल रही है, जिसमें भी 10-10 मिनट पर ब्रेकडाउन हो रहा है। बिजली न मिलने से धान की फसलें सूखती जा रही हैं।
दो दिन में सामान्य होंगे हालात
मंगलवार को मांग के सापेक्ष जिले में कम बिजली आपूर्ति हुई जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में 6-7 घंटे की कटौती की गई। शासन को किसानों का समस्या से अवगत कराया गया है। बुधवार को कुछ सुधार हुआ है। जल्द ही रोस्टर के सापेक्ष आपूर्ति बहाल की जाएगी। दो दिन में हालात सामान्य हो सकते हैं।
- हर्ष मुंशी, महाप्रबंधक पावर कॉर्पोरेशन, फैजाबाद मंडल
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ग्रामीण इलाकों 5 से 8 घंटे ही मिल पा रही बिजली
ैजाबाद। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति की समस्या और भी विकराल है। बीकापुर क्षेत्र के सभी 5 फीडरों पर कई दिनों से मात्र 7-8 घंटे ही बिजली मिल रही है, ऊपर से लो वोल्टेज की समस्या बनी है। रोस्टर के अनुसार बिजली न मिलने से सिंचाई बाधित है।
जेई दिलीप कनौजिया ने बताया कि ऊपर से समस्या है, बिजली रहने पर आपूर्ति की जाती है। इसी तरह132 केबीए उपकेंद्र दर्शननगर के कुढ़ाकेशवपुर, सरेठी, कुशमाहा, धर्मपुर, समसुद्दीनपुर सहित दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति का कोई शेड्यूल निर्धारित नहीं है।
किसान बृजेश पांडेय, उमेशचंद्र पांडेय, सुनील गुप्ता ने बताया कि बिजली का उपयोग न दिन में हो पाता न रात में। फसल सूखने के कगार पर है, सिंचाई नहीं हो पा रही है, ऐसा ही रहा तो हम लोगों की गाढ़ी कमाई खत्म हो जाएगी। बाबाबाजार विद्युत वितरण केंद्र से जुड़े गांवों में धान की फसल सूखने की कगार पर है।
क्षेत्र में 2-4 घंटे ही बिजली मिल रही है, लोवोल्टेज से ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे। बिजली आने का कोई निर्धारित शेड्यूल नहीं है। किसान सरवन यादव, सतीश मिश्र, हनुमान ने बताया कि धान की फसल को अंतिम पानी की जरूरत है पर सिंचाई न होने से फसलें बेकार हो रही हैं।
उधर, चौरेबाजार क्षेत्र के गांवों में मंगारी उपकेंद्र से भी 6-7 घंटे ही बिजली मिल रही है। जिसकी वजह से सिंचाई बाधित है। छुट्टा जानवरों के प्रकोप से बची फसल पर अब बिजली कटौती कहर बनकर टूट रही है। बच्चों की पढ़ाई के लिए लालटेन का सहारा है। उमस भरी गर्मी में लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
मसौधा के मोतीनगर उपकेंद्र से रानीबाजार में इन दिनों 7-8 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उमस और गर्मी के बीच रात बीतना मुश्किल हो रहा है। लोग हाथ से पंखा झलते हुए रात गुजारने को मजबूर हैं। बिजली कटौती से सिंचाई आदि नहीं हो पा रही है, जिससे धान की फसल सूख रही है।
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फैजाबाद/हैरिंग्टनगंज। बिजली कटौती से खफा किसानों का आक्रोश अब सड़क पर आने लगा है। हैरिंग्टनगंज सब स्टेशन का बुधवार सुबह सैकड़ों किसानों ने घेराव कर नारेबाजी की। 24 घंटे से कोंछा फीडर पर बिजली की आपूर्ति नहीं हुई है। हाल यह है कि जिले के सभी तहसीलों में बिजली कटौती से किसान पस्त हैं।
18 घंटे आपूर्ति के शेड्यूल के सापेक्ष मात्र 5 से 8 घंटे बिजली मिल रही है, वह भी बार-बार ट्रिपिंग के साथ, ऐसे में धान की फसल की सिंचाई मुश्किल हो गई है। ऊपर से मानसून दगा दे रहा है और तेज धूप काल बन रही है। किसानों का कहना है कि बिजली आपूर्ति में लापरवाही से धान की फसल बचाना मुश्किल हो गया है।
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योगी सरकार ने ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे व शहरी क्षेत्र में 22 घंटे बिजली आपूर्ति करने का निर्देश दिया था। यह व्यवस्था कुछ दिन तक तो प्रभावी रही लेकिन प्रभाव में आते-आते शिथिल पड़ गई। पिछले एक सप्ताह से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है।
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ग्रामीण इलाकों में तो और बद्तर स्थिति है। एक तो उमस भरी गर्मी सितम ढा रही है, तेज धूप और गर्मी से लोग बेहाल हैं। खेतों में सूख रही धान की फसल की सिंचाई कर पाने में किसान असमर्थ है। बुधवार को बदहाल बिजली आपूर्ति को लेकर हैंरिंग्टनगंज उपकेंद्र पर किसानों ने हंगामा किया।
किसानों ने उपकेंद्र का घेराव करते हुए कहा कि 24 घंटे से कोंछा फीडर पर बिजली की आपूर्ति नहीं हुई। जबकि आपूर्ति रजिस्टर में 10 घंटे बिजली आपूर्ति किया जाना दर्ज किया गया है। किसानों ने कहा कि प्रतिदिन 5-8 घंटे बिजली मिल रही है, जिसमें भी 10-10 मिनट पर ब्रेकडाउन हो रहा है। बिजली न मिलने से धान की फसलें सूखती जा रही हैं।
दो दिन में सामान्य होंगे हालात
मंगलवार को मांग के सापेक्ष जिले में कम बिजली आपूर्ति हुई जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में 6-7 घंटे की कटौती की गई। शासन को किसानों का समस्या से अवगत कराया गया है। बुधवार को कुछ सुधार हुआ है। जल्द ही रोस्टर के सापेक्ष आपूर्ति बहाल की जाएगी। दो दिन में हालात सामान्य हो सकते हैं।
- हर्ष मुंशी, महाप्रबंधक पावर कॉर्पोरेशन, फैजाबाद मंडल
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ग्रामीण इलाकों 5 से 8 घंटे ही मिल पा रही बिजली
ैजाबाद। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति की समस्या और भी विकराल है। बीकापुर क्षेत्र के सभी 5 फीडरों पर कई दिनों से मात्र 7-8 घंटे ही बिजली मिल रही है, ऊपर से लो वोल्टेज की समस्या बनी है। रोस्टर के अनुसार बिजली न मिलने से सिंचाई बाधित है।
जेई दिलीप कनौजिया ने बताया कि ऊपर से समस्या है, बिजली रहने पर आपूर्ति की जाती है। इसी तरह132 केबीए उपकेंद्र दर्शननगर के कुढ़ाकेशवपुर, सरेठी, कुशमाहा, धर्मपुर, समसुद्दीनपुर सहित दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति का कोई शेड्यूल निर्धारित नहीं है।
किसान बृजेश पांडेय, उमेशचंद्र पांडेय, सुनील गुप्ता ने बताया कि बिजली का उपयोग न दिन में हो पाता न रात में। फसल सूखने के कगार पर है, सिंचाई नहीं हो पा रही है, ऐसा ही रहा तो हम लोगों की गाढ़ी कमाई खत्म हो जाएगी। बाबाबाजार विद्युत वितरण केंद्र से जुड़े गांवों में धान की फसल सूखने की कगार पर है।
क्षेत्र में 2-4 घंटे ही बिजली मिल रही है, लोवोल्टेज से ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे। बिजली आने का कोई निर्धारित शेड्यूल नहीं है। किसान सरवन यादव, सतीश मिश्र, हनुमान ने बताया कि धान की फसल को अंतिम पानी की जरूरत है पर सिंचाई न होने से फसलें बेकार हो रही हैं।
उधर, चौरेबाजार क्षेत्र के गांवों में मंगारी उपकेंद्र से भी 6-7 घंटे ही बिजली मिल रही है। जिसकी वजह से सिंचाई बाधित है। छुट्टा जानवरों के प्रकोप से बची फसल पर अब बिजली कटौती कहर बनकर टूट रही है। बच्चों की पढ़ाई के लिए लालटेन का सहारा है। उमस भरी गर्मी में लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
मसौधा के मोतीनगर उपकेंद्र से रानीबाजार में इन दिनों 7-8 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उमस और गर्मी के बीच रात बीतना मुश्किल हो रहा है। लोग हाथ से पंखा झलते हुए रात गुजारने को मजबूर हैं। बिजली कटौती से सिंचाई आदि नहीं हो पा रही है, जिससे धान की फसल सूख रही है।