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अब सहालग पर लंबे समय के लिए ब्रेक, 23 से चार्तुमास
Updated Tue, 17 Jul 2018 11:04 PM IST
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अब चार महीने ठप रहेंगे मांगलिक कार्य
अयोध्या। सहालग पर लंबे समय के लिए ब्रेक लग गया है। अब सड़कों पर बैंड, बाजा बारात की धूम के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। आचार्य शिवेंद्र बताते हैं कि अगले सप्ताह 23 जुलाई को चार्तुमास लग रहा है। चार्तुमास में देवता शयन को चले जाते हैं। इस बीच मांगलिक कार्यों पर विराम की मान्यता है। चार महीने बाद पुन: देवगण 19 नवंबर को सोकर उठेंगे लेकिन उसके बाद सूर्य अस्त हो जाएंगे, एक बार फिर शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। इसके बाद दिसंबर में खरमास के चलते शुभ कार्य ठप रहेंगे। बताते हैं इस वर्ष 10, 15 व 16 दिसंबर को कामचलाऊ लग्न रहेगी। इस वर्ष सर्दियों में लग्न न के बराबर होने के कारण कारोबारी परेशान हैं। कैटर्स के व्यवसायी सरयू बताते हैं कि तीन लग्नों के लिए बुकिंग हो चुकी है। नवंबर-दिसंबर में मिलाजुला कर हर वर्ष औसतन 20 लग्नें तो मिल ही जाती थी। इस बार कारोबार मंदा रहेगा। वहीं कपड़ा व्यवसायी सुशील गुप्ता कहते हैं कि इस बार तो सीजन सूखा ही जाना है। सर्दियों में शादी-व्याह होने पर लोग जमकर खरीदारी करते हैं इस बार लग्न न होने से सीजन निराशाजनक होने वाला है।
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अयोध्या। सहालग पर लंबे समय के लिए ब्रेक लग गया है। अब सड़कों पर बैंड, बाजा बारात की धूम के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। आचार्य शिवेंद्र बताते हैं कि अगले सप्ताह 23 जुलाई को चार्तुमास लग रहा है। चार्तुमास में देवता शयन को चले जाते हैं। इस बीच मांगलिक कार्यों पर विराम की मान्यता है। चार महीने बाद पुन: देवगण 19 नवंबर को सोकर उठेंगे लेकिन उसके बाद सूर्य अस्त हो जाएंगे, एक बार फिर शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। इसके बाद दिसंबर में खरमास के चलते शुभ कार्य ठप रहेंगे। बताते हैं इस वर्ष 10, 15 व 16 दिसंबर को कामचलाऊ लग्न रहेगी। इस वर्ष सर्दियों में लग्न न के बराबर होने के कारण कारोबारी परेशान हैं। कैटर्स के व्यवसायी सरयू बताते हैं कि तीन लग्नों के लिए बुकिंग हो चुकी है। नवंबर-दिसंबर में मिलाजुला कर हर वर्ष औसतन 20 लग्नें तो मिल ही जाती थी। इस बार कारोबार मंदा रहेगा। वहीं कपड़ा व्यवसायी सुशील गुप्ता कहते हैं कि इस बार तो सीजन सूखा ही जाना है। सर्दियों में शादी-व्याह होने पर लोग जमकर खरीदारी करते हैं इस बार लग्न न होने से सीजन निराशाजनक होने वाला है।