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सरयू में उफान जारी, लील रही कैथी गांव
Updated Fri, 11 Aug 2017 11:48 PM IST
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नदी के मुहाने पर लटके हैं कई घर, तटवर्ती इलाकों में तेज हुई कटान से हड़कंप
फैजाबाद। सरयू उफान पर हैं। इस सीजन में नदी के जलस्तर में अब तक का सर्वाधिक इजाफा लाल निशान से 42 सेंमी ऊपर है। नदी की बाढ़ के कहर से सबसे अधिक जिले का कैथी माझा गांव प्रभावित है। जहां तेज कटान की चपेट में आने से महज दस फीसदी घर और बचे हैं।
इनमें कई तो नदी के मुहाने पर लटके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकतर लोगों की यहां पुस्तैनी जमीन व घर नदी की धारा लीलती जा रही है, इससे सबकुछ छोड़ परिवार बचाने के लिए पड़ोसी जिले गोंडा व बाराबंकी में शरण ले रहे हैं।
सरयू यहां रुदौली तहसील में पूरा कैथी माझा गांव लील रही है। इस गांव में 71 घर थे जिसमें से अब कुल नौ घर बचे हैं। बाकी घरों को नदी ने अपनी धारा में समाहित कर लिया है। जिले का यह सर्वाधिक प्रभावित गांव है।
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यहां के ग्रामीणों ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप मढ़ा है। पीड़ित खुशीराम, अशोक पांडेय का कहना है कि 60 से अधिक लोगों के घर नदी में समाहित हो चुका है और प्रशासन व जनप्रतिनिधि की ओर से कोई हाल-सुध लेने नहीं आया।
बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए एक भी नाव की व्यवस्था नहीं है। जरूरी सामान व खाने-पीने की चीजें बाहर निकालने में मुश्किलें हो रही हैं। राहत वितरण के नाम पर भी खेल किया जा रहा है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए शरणालय एवं सुविधाएं मुहैया कराने वाली बाढ़ चौकियों के दावे तो सिर्फ कागजों में है। वहीं एडीएम वित्त एवं राजस्व एमसी दूबे का कहना है कि बाढ़ क्षेत्रों की रिपोर्ट मांगी जा रही है, पीड़ितों की हरसंभव मदद करने के निर्देश राजस्व कर्मियों को दिए गए हैं।
कछारीय गांवों में बढ़ी मुश्किलें
उफनाई सरयू की तेज कटान और विकरालता से कछारीय गांवों की मुश्किलें बढ़ी हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से अब तक उम्मीद बांधे लोगों को घर-बार छोड़ना पड़ रहा है। रौनाही बंधे के निकट अब्बू पुरवा, महंगू का पुरवा, मुजेहना गांवों के लोगों ने बाढ़ के चलते अब बंधे पर शरण ले ली है।
वहीं बिल्वहरि बंधे के निकट राय पहलवारा और सराय नासिर के ग्रामीण लक्ष्मी देवी व संतोष लाल का कहना है कि पूरा गांव बाढ़ से घिरा है और लोगों ने बंधे पर ठिकाना बना लिया है।
सरयू बजा रही खतरे की घंटी
केन्द्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के अनुसार, पहाड़ों पर हुई भारी बारिश और बैराजों से छोड़े तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी से सरयू का जलस्तर लाल निशान से 42 सेंमी ऊपर है।
शुक्रवार को शारदा बैराज से 1,49878 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से 1,20424 क्यूसेक व बनबसा बैराज से 1,24430 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सरयू का जलस्तर सुबह से 93.150 मीटर पर स्थिर है।
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फैजाबाद। सरयू उफान पर हैं। इस सीजन में नदी के जलस्तर में अब तक का सर्वाधिक इजाफा लाल निशान से 42 सेंमी ऊपर है। नदी की बाढ़ के कहर से सबसे अधिक जिले का कैथी माझा गांव प्रभावित है। जहां तेज कटान की चपेट में आने से महज दस फीसदी घर और बचे हैं।
इनमें कई तो नदी के मुहाने पर लटके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकतर लोगों की यहां पुस्तैनी जमीन व घर नदी की धारा लीलती जा रही है, इससे सबकुछ छोड़ परिवार बचाने के लिए पड़ोसी जिले गोंडा व बाराबंकी में शरण ले रहे हैं।
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सरयू यहां रुदौली तहसील में पूरा कैथी माझा गांव लील रही है। इस गांव में 71 घर थे जिसमें से अब कुल नौ घर बचे हैं। बाकी घरों को नदी ने अपनी धारा में समाहित कर लिया है। जिले का यह सर्वाधिक प्रभावित गांव है।
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यहां के ग्रामीणों ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप मढ़ा है। पीड़ित खुशीराम, अशोक पांडेय का कहना है कि 60 से अधिक लोगों के घर नदी में समाहित हो चुका है और प्रशासन व जनप्रतिनिधि की ओर से कोई हाल-सुध लेने नहीं आया।
बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए एक भी नाव की व्यवस्था नहीं है। जरूरी सामान व खाने-पीने की चीजें बाहर निकालने में मुश्किलें हो रही हैं। राहत वितरण के नाम पर भी खेल किया जा रहा है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए शरणालय एवं सुविधाएं मुहैया कराने वाली बाढ़ चौकियों के दावे तो सिर्फ कागजों में है। वहीं एडीएम वित्त एवं राजस्व एमसी दूबे का कहना है कि बाढ़ क्षेत्रों की रिपोर्ट मांगी जा रही है, पीड़ितों की हरसंभव मदद करने के निर्देश राजस्व कर्मियों को दिए गए हैं।
कछारीय गांवों में बढ़ी मुश्किलें
उफनाई सरयू की तेज कटान और विकरालता से कछारीय गांवों की मुश्किलें बढ़ी हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से अब तक उम्मीद बांधे लोगों को घर-बार छोड़ना पड़ रहा है। रौनाही बंधे के निकट अब्बू पुरवा, महंगू का पुरवा, मुजेहना गांवों के लोगों ने बाढ़ के चलते अब बंधे पर शरण ले ली है।
वहीं बिल्वहरि बंधे के निकट राय पहलवारा और सराय नासिर के ग्रामीण लक्ष्मी देवी व संतोष लाल का कहना है कि पूरा गांव बाढ़ से घिरा है और लोगों ने बंधे पर ठिकाना बना लिया है।
सरयू बजा रही खतरे की घंटी
केन्द्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के अनुसार, पहाड़ों पर हुई भारी बारिश और बैराजों से छोड़े तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी से सरयू का जलस्तर लाल निशान से 42 सेंमी ऊपर है।
शुक्रवार को शारदा बैराज से 1,49878 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से 1,20424 क्यूसेक व बनबसा बैराज से 1,24430 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सरयू का जलस्तर सुबह से 93.150 मीटर पर स्थिर है।