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शिक्षामित्रों ने बीेएसए को दौड़ाया, दफ्तर में किया कब्जा
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:35 PM IST
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बेसिक शिक्षा अधिकारी ने एडी दफ्तर में घुसकर बचाई जान, कामकाज ठप
फैजाबाद। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का शिक्षक पद पर समायोजन रद्द किए जाने के खिलाफ शुक्रवार को आंदोलन और उग्र हो गया। शिक्षामित्रों ने सुबह बीएसए दफ्तर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया। इसी बीच जैसे ही बीएसए कक्ष से बाहर निकलीं, अचानक गुस्साए शिक्षामित्रों ने उन्हें दौड़ा लिया।
उन्होंने किसी तरह एडी दफ्तर में भागकर जान बचाई। उनके कक्ष में ताला जड़ दिया गया। इसके बाद खंड शिक्षाधिकारियों समेत विभिन्न पटलों पर तैनात कर्मियों को खदेड़ दिया गया। लोग कामकाज छोड़ भागने को मजबूर हुए। थोड़ी देर बाद किसी तरह शिक्षक नेताओं के समझाने-बुझाने व पुलिस आने पर शिक्षामित्र भाजपा कार्यालय कूच कर गए।
जिले के सैकड़ों शिक्षामित्र सुबह करीब 10 बजे बीएसए कार्यालय पहुंचे। उनके साथ कई संगठनों से जुड़े शिक्षक नेता भी समर्थन में आ गए। कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ। कुछ ही देर बाद प्रभारी बीएसए शुधा शांडिल्य भी दफ्तर पहुंचीं।
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दोपहर 12 बजे उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। शिक्षक नेताओं ने भी ज्ञापन आदि सौंपने के लिए बीएसए से समय की मांग की थी, जिस पर उन्होंने मुलाकात करके ज्ञापन लेने का आश्वासन दिया था।
खंड शिक्षा अधिकारी बीएसए कार्यालय पहुंचने लगे। तभी करीब 11 बजे बीएसए जैसे ही एडी से मुलाकात करने के लिए बीईओ पूराबाजार के साथ कार्यालय से बाहर निकलीं। धरने को संबोधित कर रहे किसी शिक्षामित्र ने बीएसए के भागने की ओर इशारा किया।
तभी अधिकांश धरना दे रहे आंदोलनकारी उठ गए और बीएसए को दौड़ा लिए। बीएसए बचाव में आईं तो शिक्षामित्र और उग्र हो गए। किसी तरह बीएसए, बीईओ पूराबाजार रवींद्र सिंह के साथ भागकर एडी ऑफिस में चली गईं और अंदर से दरवाजे की कुंडी लगा लीं।
बीएसए का आरोप है कुछ शिक्षामित्र हाथ में पत्थर लिए एडी कार्यालय के बाहर जमे रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। दफ्तर में तोड़फोड़ भी की। मौके से ही बीएसए ने सीओ सदर विक्रांत वीर को फोन किया और डीएम को मामले से अवगत कराया।
इसके बाद पहुंची पुलिस ने बीएसए को सुरक्षित बाहर निकाला। जबकि शिक्षामित्रों ने बीएसए कक्ष में ताला बंद कर दिया। कार्यालय में तैनात कर्मी भी शिक्षामित्रों के आक्रोश को देखते हुए भाग खड़े हुए। इस बीच सारा कामकाज ठप रहा।
कुछ देर बाद शिक्षक नेता विश्वनाथ सिंह व दुर्गेश मिश्रा एडी कार्यालय गए और बीएसए से बात की। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने की बात कही। इस घटना के बाद बीएसए की तबियत खराब हो गई और वे इलाज के लिए परिसर से निकल आईं।
जबकि प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यालय की ओर कूच कर गए। इसके पहले धरना-प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह ने कहा कि सरकार जब तक संसद से कानून बनाकर शिक्षामित्रों की समस्या का निदान नहीं करेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जिलाध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के लिए अध्यादेश लाए, अध्यापक के नीचे किसी कीमत पर समझौता नहीं होगा। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि शिक्षामित्रों को अध्यापक बनाये रखने के लिए हर लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।
धर्मपाल यादव ने कहा कि शिक्षामित्रों के समायोजन बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर संजय सिंह, अंजनी ओझा, रामजी द्विवेदी, अरबिंद दुबे, राजेश मिश्रा, अरुण सिंह, मंत्री अनिल पांडेय, अशोक वर्मा आदि मौजूद रहे।
भाजपा कार्यालय घेरा, लगाए मुर्दाबाद के नारे
फैजाबाद। बीएसए कार्यालय पर हंगामे के बाद भारी संख्या में शिक्षामित्र पैदल ही तहसील चौराहे से होते हुए भाजपा कार्यालय पहुंचे। वहां मोदी-योगी मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए घेराव कर दिया। हालांकि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पहले ही सतर्क थे।
बाद में भाजपा जिलाध्यक्ष ने शिक्षामित्रों की पीड़ा से खुद को संबद्ध करते हुए मामले को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष रखने का आश्वासन देकर समझाया। उग्र शिक्षामित्रों के भाजपा कार्यालय कूच करने की सूचना पर वहां पहले से ही सिटी मजिस्ट्रेट छोटेलाल मिश्र, सीओ सदर विक्रांत वीर, कोतवाल अयोध्या प्रमोद पांडेय आदि पुलिस बल के साथ मौजूद थे।
कार्यालय घेर कर शिक्षामित्र मुख्य मार्ग पर बैठ गए और भाषणबाजी शुरू कर दी। इस बीच भीड़ में से कुछ लोग योगी मुर्दाबाद, मोदी मुर्दाबाद के नारे भी लगाने लगे, हालांकि शिक्षक नेताओं के समझाने-बुझाने पर वे शांत हुए। फिर भाजपा कार्यालय पर मौजूद जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष बादल ने कहा कि शिक्षामित्रों का यह दुख भाजपा का दुख है। शनिवार को इसी मुद्दे को लेकर भाजपा शीर्ष नेताओं की बैठक भी है, शीघ्र ही कोई सुखद फैसला लिया जाएगा।
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फैजाबाद। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का शिक्षक पद पर समायोजन रद्द किए जाने के खिलाफ शुक्रवार को आंदोलन और उग्र हो गया। शिक्षामित्रों ने सुबह बीएसए दफ्तर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया। इसी बीच जैसे ही बीएसए कक्ष से बाहर निकलीं, अचानक गुस्साए शिक्षामित्रों ने उन्हें दौड़ा लिया।
उन्होंने किसी तरह एडी दफ्तर में भागकर जान बचाई। उनके कक्ष में ताला जड़ दिया गया। इसके बाद खंड शिक्षाधिकारियों समेत विभिन्न पटलों पर तैनात कर्मियों को खदेड़ दिया गया। लोग कामकाज छोड़ भागने को मजबूर हुए। थोड़ी देर बाद किसी तरह शिक्षक नेताओं के समझाने-बुझाने व पुलिस आने पर शिक्षामित्र भाजपा कार्यालय कूच कर गए।
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जिले के सैकड़ों शिक्षामित्र सुबह करीब 10 बजे बीएसए कार्यालय पहुंचे। उनके साथ कई संगठनों से जुड़े शिक्षक नेता भी समर्थन में आ गए। कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ। कुछ ही देर बाद प्रभारी बीएसए शुधा शांडिल्य भी दफ्तर पहुंचीं।
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दोपहर 12 बजे उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। शिक्षक नेताओं ने भी ज्ञापन आदि सौंपने के लिए बीएसए से समय की मांग की थी, जिस पर उन्होंने मुलाकात करके ज्ञापन लेने का आश्वासन दिया था।
खंड शिक्षा अधिकारी बीएसए कार्यालय पहुंचने लगे। तभी करीब 11 बजे बीएसए जैसे ही एडी से मुलाकात करने के लिए बीईओ पूराबाजार के साथ कार्यालय से बाहर निकलीं। धरने को संबोधित कर रहे किसी शिक्षामित्र ने बीएसए के भागने की ओर इशारा किया।
तभी अधिकांश धरना दे रहे आंदोलनकारी उठ गए और बीएसए को दौड़ा लिए। बीएसए बचाव में आईं तो शिक्षामित्र और उग्र हो गए। किसी तरह बीएसए, बीईओ पूराबाजार रवींद्र सिंह के साथ भागकर एडी ऑफिस में चली गईं और अंदर से दरवाजे की कुंडी लगा लीं।
बीएसए का आरोप है कुछ शिक्षामित्र हाथ में पत्थर लिए एडी कार्यालय के बाहर जमे रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। दफ्तर में तोड़फोड़ भी की। मौके से ही बीएसए ने सीओ सदर विक्रांत वीर को फोन किया और डीएम को मामले से अवगत कराया।
इसके बाद पहुंची पुलिस ने बीएसए को सुरक्षित बाहर निकाला। जबकि शिक्षामित्रों ने बीएसए कक्ष में ताला बंद कर दिया। कार्यालय में तैनात कर्मी भी शिक्षामित्रों के आक्रोश को देखते हुए भाग खड़े हुए। इस बीच सारा कामकाज ठप रहा।
कुछ देर बाद शिक्षक नेता विश्वनाथ सिंह व दुर्गेश मिश्रा एडी कार्यालय गए और बीएसए से बात की। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने की बात कही। इस घटना के बाद बीएसए की तबियत खराब हो गई और वे इलाज के लिए परिसर से निकल आईं।
जबकि प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यालय की ओर कूच कर गए। इसके पहले धरना-प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह ने कहा कि सरकार जब तक संसद से कानून बनाकर शिक्षामित्रों की समस्या का निदान नहीं करेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जिलाध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के लिए अध्यादेश लाए, अध्यापक के नीचे किसी कीमत पर समझौता नहीं होगा। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि शिक्षामित्रों को अध्यापक बनाये रखने के लिए हर लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।
धर्मपाल यादव ने कहा कि शिक्षामित्रों के समायोजन बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर संजय सिंह, अंजनी ओझा, रामजी द्विवेदी, अरबिंद दुबे, राजेश मिश्रा, अरुण सिंह, मंत्री अनिल पांडेय, अशोक वर्मा आदि मौजूद रहे।
भाजपा कार्यालय घेरा, लगाए मुर्दाबाद के नारे
फैजाबाद। बीएसए कार्यालय पर हंगामे के बाद भारी संख्या में शिक्षामित्र पैदल ही तहसील चौराहे से होते हुए भाजपा कार्यालय पहुंचे। वहां मोदी-योगी मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए घेराव कर दिया। हालांकि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पहले ही सतर्क थे।
बाद में भाजपा जिलाध्यक्ष ने शिक्षामित्रों की पीड़ा से खुद को संबद्ध करते हुए मामले को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष रखने का आश्वासन देकर समझाया। उग्र शिक्षामित्रों के भाजपा कार्यालय कूच करने की सूचना पर वहां पहले से ही सिटी मजिस्ट्रेट छोटेलाल मिश्र, सीओ सदर विक्रांत वीर, कोतवाल अयोध्या प्रमोद पांडेय आदि पुलिस बल के साथ मौजूद थे।
कार्यालय घेर कर शिक्षामित्र मुख्य मार्ग पर बैठ गए और भाषणबाजी शुरू कर दी। इस बीच भीड़ में से कुछ लोग योगी मुर्दाबाद, मोदी मुर्दाबाद के नारे भी लगाने लगे, हालांकि शिक्षक नेताओं के समझाने-बुझाने पर वे शांत हुए। फिर भाजपा कार्यालय पर मौजूद जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष बादल ने कहा कि शिक्षामित्रों का यह दुख भाजपा का दुख है। शनिवार को इसी मुद्दे को लेकर भाजपा शीर्ष नेताओं की बैठक भी है, शीघ्र ही कोई सुखद फैसला लिया जाएगा।