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बीएसए कार्यालय में घूस लेने का वायरल हुआ वीडियो
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:05 AM IST
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फैजाबाद। बीएसए कार्यालय में तैनात एक बाबू द्वारा टीसी बनवाने के लिए आए एक व्यक्ति से सरेआम घूस लेने का वीडियो वायरल हुआ है। सोमवार को मामला चर्चा में आने के बाद हलचल मच गई। बीएसए ने मामले की जांच कराते हुए संबंधित बाबू के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
बताया जाता है कि बीते जून में मसौधा ब्लॉक के एक विद्यालय में तैनात लिपिक विद्यालय के कुछ बच्चों की टीसी पर काउंटर साइन कराने के लिए आया था। यहां पटल प्रभारी से उसने इस पर काउंटर साइन कराने की बात की। पटल प्रभारी की ओर से टीसी काउंटर कराने में लगने वाले खर्च का हवाला दिया गया तो संबंधित स्कूल के लिपिक ने इसी परिसर में मौजूद एक अन्य व्यक्ति से उधार पैसे लेकर संबंधित लिपिक को दिए। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने घूस के इस मामले को अपने कैमरे में कैद करके वीडियो बना लिया और उसे वीडियो वायरल कर दिया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद से लेकर शिक्षा जगत में हलचल मच गई। पहचान करने वालों के मुताबिक बेसिक शिक्षा कार्यालय में तैनात लिपिक विकास कमल से यह मामला जुड़ा बताया गया है।
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लिपिक विकास कमल का कहना है कि घूस लेने का मामला बेबुनियाद है। हालांकि बेसिक शिक्षा कार्यालय ऐसे कार्यालय ऐसे कार्यों के लिए बदनाम है। इसकी चर्चाएं न केवल शिक्षा जगत में होती हैं, बल्कि आम आदमी भी बीएसए कार्यालय में ट्रंासफर-पोस्टिंग, निलबंन-बहाली जैसे खेल के पीछे इसी की चर्चा होती है।
हद तो तब हो गई जब चर्चा में यह आया कि एक सेवानिवृत्त शिक्षक की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी की पारिवारिक पेंशन की फाइल नजराना न मिलने पर वापस कर दी गई। मामला ऊपर पहुंचने पर संबंधित लिपिक ने उसे बुलाकर फटकार तक लगाई।
बीएसए अमिता सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। लेकिन यदि ऐसा है तो मामले की जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बताया जाता है कि बीते जून में मसौधा ब्लॉक के एक विद्यालय में तैनात लिपिक विद्यालय के कुछ बच्चों की टीसी पर काउंटर साइन कराने के लिए आया था। यहां पटल प्रभारी से उसने इस पर काउंटर साइन कराने की बात की। पटल प्रभारी की ओर से टीसी काउंटर कराने में लगने वाले खर्च का हवाला दिया गया तो संबंधित स्कूल के लिपिक ने इसी परिसर में मौजूद एक अन्य व्यक्ति से उधार पैसे लेकर संबंधित लिपिक को दिए। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने घूस के इस मामले को अपने कैमरे में कैद करके वीडियो बना लिया और उसे वीडियो वायरल कर दिया गया।
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वीडियो वायरल होने के बाद से लेकर शिक्षा जगत में हलचल मच गई। पहचान करने वालों के मुताबिक बेसिक शिक्षा कार्यालय में तैनात लिपिक विकास कमल से यह मामला जुड़ा बताया गया है।
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लिपिक विकास कमल का कहना है कि घूस लेने का मामला बेबुनियाद है। हालांकि बेसिक शिक्षा कार्यालय ऐसे कार्यालय ऐसे कार्यों के लिए बदनाम है। इसकी चर्चाएं न केवल शिक्षा जगत में होती हैं, बल्कि आम आदमी भी बीएसए कार्यालय में ट्रंासफर-पोस्टिंग, निलबंन-बहाली जैसे खेल के पीछे इसी की चर्चा होती है।
हद तो तब हो गई जब चर्चा में यह आया कि एक सेवानिवृत्त शिक्षक की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी की पारिवारिक पेंशन की फाइल नजराना न मिलने पर वापस कर दी गई। मामला ऊपर पहुंचने पर संबंधित लिपिक ने उसे बुलाकर फटकार तक लगाई।
बीएसए अमिता सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। लेकिन यदि ऐसा है तो मामले की जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।