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मेडिकल व इंजीनियरिंग में प्रवेश रोक कर फंसा अवध विवि

Tue, 03 Jul 2018 11:32 PM IST
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:32 PM IST
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मेडिकल व इंजीनियरिंग में प्रवेश रोक कर फंसा अवध विवि
मेडिकल व इंजीनियरिंग में प्रवेश रोक फंसा अवध विवि
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फैजाबाद। अवध विवि में शिक्षकों का सत्यापन न कराने वाले कॉलेजों में विद्यार्थियों का प्रवेश रोके जाने का आदेश फिर तुगलकी साबित हुआ। प्रवेश प्रक्रिया रोके जाने के आदेश में शामिल निजी मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेजों की ओर से मंगलवार को आपत्तियों के बाद विवि प्रशासन की आंख खुली। विवि प्रशासन अपनी गलती मानते हुए अब संशोधित आदेश जारी करने में जुटा है। शाम तक तीन मेडिकल कॉलेजों को प्रवेश रोक की सूची से बाहर किया गया। कुलसचिव का कहना है कि अभी दो इंजीनियरिंग कॉलेज भी सूची से बाहर किए जा रहे हैं। लेकिन 127 कॉलेजों में सख्ती से प्रवेश पर रोक तब तक रहेगी, जब तक शिक्षकों का सत्यापन नहीं होता है।
अवध विश्वविद्यालय ने नवंबर 2017 में अपने सभी संबद्ध 623 महाविद्यालयों से शिक्षकों का डॉटा विवि की वेबसाइट पर ऑनलाइन किए जाने के साथ सत्यापन कराए जाने का आदेश जारी दिया था। इसमें 171 महाविद्यालयों ने पहले चरण में न तो शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन किया था न ही सत्यापन प्रक्रिया में भाग लिया था। जिन कालेजों ने डॉटा सार्वजनिक किया, उनकी जांच में 1528 शिक्षकों का आधार नंबर कई कॉलेजों में मैच हो रहे थे। विवि प्रशासन ने शिक्षकों से हलफनामा लेकर उनकी ओर से पढ़ाए जाने वाले कॉलेजों में उनके नाम छोड़ बाकी से काट दिए, मगर संबंधित कॉलेजों में शिक्षकों के नाम पर ली गई विषयों की मान्यता समेत तमाम अनियमितताओं पर प्रबंधन के आगे नतमस्तक हो गया।
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अब नया सत्र शुरू होने पर तमाम दबाव के बाद भी 131 महाविद्यालयों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को सभी महाविद्यालयों की लॉगिन आईडी को ब्लॉक कर दिया गया। विवि ने आदेश जारी किया कि इन कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं के प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गई है। यह आदेश मंगलवार को सार्वजनिक हुआ तो सूची में शामिल निजी मेडिकल कॉलेज व इंजीनियरिंग कॉलेजों में हड़कंप मच गया। यहां नीट व यूपीटीयू प्रवेश परीक्षा के बाद फीस व काउंसलिंग से प्रवेश होता है। संबंधित कॉलेज प्रशासन की ओर से विवि प्रशासन के पास सख्त आपत्तियां आनी शुरू हो गईं। इसमें कहा गया कि एमसीआई मेडिकल कॉलेज की गुणवत्ता व प्रवेश की अनुमति देता है। ऐसे में विवि प्रशासन को कोई अधिकार नहीं है। समस्त औपचारिकताएं एमसीआई में जमा होती हैं, इसी तरह इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थिति जांचने का अलग महकमा है।
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विवि की ओर से जिन 131 कॉलेजों में प्रवेश पर रोक लगाई गई है, उनमें शामिल मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज के नाम सूची से बाहर किए जा रहे हैं। इनका शैक्षिक व प्रशासकीय ढांचा जांचने का अलग विभाग होता है। ऐसे में विवि ने पहले चक्र में आपत्ति के बाद तीन कॉलेजों के नाम बाहर किए हैं, अभी दो और कॉलेज बाहर हो सकते हैं। लेकिन 127 कॉलेजों में सख्ती से प्रवेश पर रोक तब तक रहेगी, जब तक शिक्षकों का सत्यापन नहीं होता है।- डॉ. एसएन शुक्ला, प्रभारी कुलसचिव, अवध विवि

इन कॉलेजों को सूची से किया बाहर
- हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, सफेदाबाद बाराबंकी
- मेयो कॉलेज ऑफ नर्सिंग, गदिया बाराबंकी
- मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, गदिया बाराबंकी
- इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, अवध विवि कैंपस, फैजाबाद।
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