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प्रवीण तोगड़िया का काफिला रोका, समर्थकों के साथ पैदल पहुंचे अयोध्या
Updated Sun, 21 Oct 2018 11:34 PM IST
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तोगड़िया का काफिला रोका, पैदल पहुंचे अयोध्या
अयोध्या। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने तमाम बंदिशों के बावजूद रविवार रात अयोध्या पहुंच गए। उनके काफिले समेत राशन लदे ट्रक को रोके जाने से आक्रोशित तोगड़िया पैदल ही समर्थकों के साथ सरयू किनारे स्थित स्व. महंत परमहंस रामचंद्र दास के समाधि स्थल पहुंचे।
जहां धरना देने का एलान करते हुए कहा कि वे तब तक अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे, जब तक रामभक्तों का राशन लदा वाहन प्रशासन नहीं सौंपेगा। कहा, मैं अनशन नहीं कर रहा हूं, अपने साथियों के लिए भोजन की मांग को लेकर धरना दे रहा हूं।। उनके साथ हाल में अनशन करने वाले तपस्वी छावनी के महंत परमहंस ने भी भोजन की व्यवस्था अविलंब न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
उधर, जिलाधिकारी ने कहा कि किसी के अयोध्या में दर्शन-पूजन पर रोक नहीं है, लेकिन तोगड़िया के कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में सभा आदि पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने देर रात राशन आदि का ट्रक छोड़ दिया है। खाना खाने व बनाने पर किसी को कोई रोक नहीं है।
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राममंदिर निर्माण को लेकर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने रविवार को लखनऊ से अयोध्या कूच का एलान किया था। यहां उनके कार्यक्रम को जिला प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। लखनऊ में कार्यक्रम की अनुमति मिलने के बाद यहां दर्शन-पूजन करने की हरी झंडी दे दी गई।
तोगड़िया का काफिला जैसे ही करीब 8 बजे हाईवे से अयोध्या मोड़ की ओर मुड़ा, भारी संख्या में फोर्स के साथ मौजूद अधिकारियों ने वाहनों को रोक दिए। तोगड़िया जिद पर अड़े तो उन्हें समर्थकों के साथ पैदल जाने की इजाजत दी गई। तोगड़िया पैदल करीब दो किमी. चलकर सरयू किनारे स्थित दिगंबर अखाड़ा के महंत व रामजन्मभूमि आंदोलन के सलाका पुरुष रहे स्व. परमहंस रामचंद्र दास की समाधि स्थल पहुंचे।
एलान किया कि उनके कार्यकर्ताओं के लिए भिजवाए गए राशन से भरे ट्रकों को रोक दिया गया है। अब न उनके पास खाने को है, न कार्यकर्ताओं के पास खाने को कुछ है। जब तक खाने-पीने की व्यवस्था नहीं होगी, वे अन्न जल त्यागकर यहीं धरने पर बैठ रहे हैं। कहा मैं अनशन नहीं कर रहा हूं, अपने साथियों के लिए भोजन की मांग को लेकर धरना दे रहा हूं।
कहा यह राम दरबार है, सभी रामभक्तों को दर्शन करने का पूरा अधिकार है। रामभक्तों की सरकार की रवैया मुलायम सिंह यादव जैसी रामविरोधी सरकार का दिख रहा है। वहीं राममंदिर निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन करने वाले तपस्वी छावनी के महंत परमहंस ने भी तोगड़िया के समर्थन में मौके पर डेरा डाल दिया है। चेतावनी दी कि सारी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गई तो आत्मदाह कर लूंगा।
तोगड़िया समर्थकों के जमावड़े और प्रशासन के रुख से यहां का माहौल गरमाया हुआ है। नया घाट से लेकर हाइवे के नाकों पर फोर्स तैनात कर दी गई है। अयोेध्या की सीमाएं सील कर दी गई है। रेजिडेंट मजिस्ट्रेट अशोक कुमार ने कहा कि सुरक्षा के लिए बैरियर लगा कर सीमाएं सील की गई हैं। जिलाधिकारी डॉ. अनिल पाठक ने कहा कि तोगड़िया के अयोध्या के मंदिरों में दर्शन-पूजन करने पर कोई रोक नहीं है।
अन्य कोई कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा। एसपी सिटी अनिल सिंह सिसोदिया ने बताया कि अयोध्या आने से किसी को कोई रोक नहीं है। अयोध्या आकर कोई भी दर्शन-पूजन कर सकता है। लेकिन बिना अनुमति के सभा, धरना, प्रदर्शन आदि करने की कोई इजाजत नहीं दी जाएगी। कहा कि जिले में धारा-144 लागू है, शहर की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास ने प्रवीण तोगड़िया के अयोध्या कूच कार्यक्रम का विरोध किया है। महंत धर्मदास ने कहा कि तोगड़िया का कार्यक्रम निरर्थक है। प्रशासन ने रोक लगाकर ठीक ही किया है। अयोध्या की शांति भंग करने का प्रयास करने वालों पर रोक लगनी ही चाहिए।
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी तोगड़िया के कार्यक्रम का विरोध करते हुए कहा कि वे अयोध्या का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। हम न तो धरना प्रदर्शन करते हैं, न ही सभा व जुलूस निकालते हैं, हमें तो अदालत के निर्णय का इंतजार है।
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अयोध्या। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने तमाम बंदिशों के बावजूद रविवार रात अयोध्या पहुंच गए। उनके काफिले समेत राशन लदे ट्रक को रोके जाने से आक्रोशित तोगड़िया पैदल ही समर्थकों के साथ सरयू किनारे स्थित स्व. महंत परमहंस रामचंद्र दास के समाधि स्थल पहुंचे।
जहां धरना देने का एलान करते हुए कहा कि वे तब तक अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे, जब तक रामभक्तों का राशन लदा वाहन प्रशासन नहीं सौंपेगा। कहा, मैं अनशन नहीं कर रहा हूं, अपने साथियों के लिए भोजन की मांग को लेकर धरना दे रहा हूं।। उनके साथ हाल में अनशन करने वाले तपस्वी छावनी के महंत परमहंस ने भी भोजन की व्यवस्था अविलंब न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
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उधर, जिलाधिकारी ने कहा कि किसी के अयोध्या में दर्शन-पूजन पर रोक नहीं है, लेकिन तोगड़िया के कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में सभा आदि पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने देर रात राशन आदि का ट्रक छोड़ दिया है। खाना खाने व बनाने पर किसी को कोई रोक नहीं है।
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राममंदिर निर्माण को लेकर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने रविवार को लखनऊ से अयोध्या कूच का एलान किया था। यहां उनके कार्यक्रम को जिला प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। लखनऊ में कार्यक्रम की अनुमति मिलने के बाद यहां दर्शन-पूजन करने की हरी झंडी दे दी गई।
तोगड़िया का काफिला जैसे ही करीब 8 बजे हाईवे से अयोध्या मोड़ की ओर मुड़ा, भारी संख्या में फोर्स के साथ मौजूद अधिकारियों ने वाहनों को रोक दिए। तोगड़िया जिद पर अड़े तो उन्हें समर्थकों के साथ पैदल जाने की इजाजत दी गई। तोगड़िया पैदल करीब दो किमी. चलकर सरयू किनारे स्थित दिगंबर अखाड़ा के महंत व रामजन्मभूमि आंदोलन के सलाका पुरुष रहे स्व. परमहंस रामचंद्र दास की समाधि स्थल पहुंचे।
एलान किया कि उनके कार्यकर्ताओं के लिए भिजवाए गए राशन से भरे ट्रकों को रोक दिया गया है। अब न उनके पास खाने को है, न कार्यकर्ताओं के पास खाने को कुछ है। जब तक खाने-पीने की व्यवस्था नहीं होगी, वे अन्न जल त्यागकर यहीं धरने पर बैठ रहे हैं। कहा मैं अनशन नहीं कर रहा हूं, अपने साथियों के लिए भोजन की मांग को लेकर धरना दे रहा हूं।
कहा यह राम दरबार है, सभी रामभक्तों को दर्शन करने का पूरा अधिकार है। रामभक्तों की सरकार की रवैया मुलायम सिंह यादव जैसी रामविरोधी सरकार का दिख रहा है। वहीं राममंदिर निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन करने वाले तपस्वी छावनी के महंत परमहंस ने भी तोगड़िया के समर्थन में मौके पर डेरा डाल दिया है। चेतावनी दी कि सारी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गई तो आत्मदाह कर लूंगा।
तोगड़िया समर्थकों के जमावड़े और प्रशासन के रुख से यहां का माहौल गरमाया हुआ है। नया घाट से लेकर हाइवे के नाकों पर फोर्स तैनात कर दी गई है। अयोेध्या की सीमाएं सील कर दी गई है। रेजिडेंट मजिस्ट्रेट अशोक कुमार ने कहा कि सुरक्षा के लिए बैरियर लगा कर सीमाएं सील की गई हैं। जिलाधिकारी डॉ. अनिल पाठक ने कहा कि तोगड़िया के अयोध्या के मंदिरों में दर्शन-पूजन करने पर कोई रोक नहीं है।
अन्य कोई कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा। एसपी सिटी अनिल सिंह सिसोदिया ने बताया कि अयोध्या आने से किसी को कोई रोक नहीं है। अयोध्या आकर कोई भी दर्शन-पूजन कर सकता है। लेकिन बिना अनुमति के सभा, धरना, प्रदर्शन आदि करने की कोई इजाजत नहीं दी जाएगी। कहा कि जिले में धारा-144 लागू है, शहर की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास ने प्रवीण तोगड़िया के अयोध्या कूच कार्यक्रम का विरोध किया है। महंत धर्मदास ने कहा कि तोगड़िया का कार्यक्रम निरर्थक है। प्रशासन ने रोक लगाकर ठीक ही किया है। अयोध्या की शांति भंग करने का प्रयास करने वालों पर रोक लगनी ही चाहिए।
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी तोगड़िया के कार्यक्रम का विरोध करते हुए कहा कि वे अयोध्या का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। हम न तो धरना प्रदर्शन करते हैं, न ही सभा व जुलूस निकालते हैं, हमें तो अदालत के निर्णय का इंतजार है।