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रेखा सूर्या होंगी विवि की अतिथि प्रोफेसर: कुलपति
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:16 PM IST
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रेखा सूर्या होंगी विवि की अतिथि प्रोफेसर: कुलपति
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में मल्लिका-ए-गजल बेगम अख्तर के नाम से खुलने वाली संगीत कला अकादमी में उनकी सबसे छोटी शिष्या रेखा सूर्या अतिथि प्रोफेसर होंगी। यह संगीत कला अकादमी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को गाने के बोल की धुन व साहित्य के बारे में जानकारी देंगी।
यह जानकारी अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित ने बुधवार को दी। उन्होंने बताया कि संगीत से जुड़ा एक अन्य कार्यक्रम संगम कला अकादमी की ओर से प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश भर की प्रतिभाओं का 10 जून का ग्रैंड फिनाले आयोजित किया जाएगा। कहा कि देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। प्रतिभाओं के लिए अप्लाई फार्मूला हटाकर खोज की जानी चाहिए।
संगीत अकादमी गुरू-शिष्य परंपरा से चलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छे छात्र को योग्य गुरु व अच्छे गुरु को योग्य छात्र की तलाश करना चाहिए। अयोध्या को निखारने के लिए अयोध्या के लोग ही काफी हैं। उन्होंने कहा कि यहां इतनी प्रतिभाएं हैं कि इनको खोजकर अगर हम स्थापित करने में कामयाब हुए तो सफल माना जाएगा।
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कार्यक्रम के दौरान मशहूर सूफी गजल गायिका रेखा सूर्या ने कहा कि बहुत कम विश्वविद्यालय कला व साहित्य को लेकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने संगीत के साथ साहित्य पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। साथ ही उप शास्त्रीय संगीत को आगे बढ़ाने की बात कही। इस दौरान अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर व दृश्य कला विभाग के समन्यवक डॉ. विनोद कुमार श्रीवास्तव, कोर्ट सदस्य ओम प्रकाश सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में मल्लिका-ए-गजल बेगम अख्तर के नाम से खुलने वाली संगीत कला अकादमी में उनकी सबसे छोटी शिष्या रेखा सूर्या अतिथि प्रोफेसर होंगी। यह संगीत कला अकादमी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को गाने के बोल की धुन व साहित्य के बारे में जानकारी देंगी।
यह जानकारी अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित ने बुधवार को दी। उन्होंने बताया कि संगीत से जुड़ा एक अन्य कार्यक्रम संगम कला अकादमी की ओर से प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश भर की प्रतिभाओं का 10 जून का ग्रैंड फिनाले आयोजित किया जाएगा। कहा कि देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। प्रतिभाओं के लिए अप्लाई फार्मूला हटाकर खोज की जानी चाहिए।
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संगीत अकादमी गुरू-शिष्य परंपरा से चलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छे छात्र को योग्य गुरु व अच्छे गुरु को योग्य छात्र की तलाश करना चाहिए। अयोध्या को निखारने के लिए अयोध्या के लोग ही काफी हैं। उन्होंने कहा कि यहां इतनी प्रतिभाएं हैं कि इनको खोजकर अगर हम स्थापित करने में कामयाब हुए तो सफल माना जाएगा।
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कार्यक्रम के दौरान मशहूर सूफी गजल गायिका रेखा सूर्या ने कहा कि बहुत कम विश्वविद्यालय कला व साहित्य को लेकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने संगीत के साथ साहित्य पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। साथ ही उप शास्त्रीय संगीत को आगे बढ़ाने की बात कही। इस दौरान अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर व दृश्य कला विभाग के समन्यवक डॉ. विनोद कुमार श्रीवास्तव, कोर्ट सदस्य ओम प्रकाश सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।