{"_id":"5b561c144f1c1b46748b6a9b","slug":"11532369940-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या में लगेगा समरसता का कुंभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या में लगेगा समरसता का कुंभ
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
फैजाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार धर्म नगरियों को पर्यटन के मानक पर खड़ा करने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में माघ में इलाहाबाद में लगने वाले महाकुंभ से पूर्व प्रदेश की चार प्रमुख धर्मनगरी में पंचकुंभ का मेला आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसकी जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंपी गई है। साथ ही अयोध्या में लगने वाले समरसता कुंभ का फुलफ्रूफ खाका खींचने का जिम्मा अवध विश्वविद्यालय को सौंपा गया है।
मौजूदा समय अवध विश्वविद्यालय प्रशासन कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर रहा है। मेले के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आधुनिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार हो रही है। यह रिपोर्ट जल्द ही विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शासन को भेजी जाएगी।
प्रदेश सरकार ने धर्मनगरियों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना का खाका खींचा है। इसमें इलाहाबाद के मुख्य कुंभ मेले से पहले प्रदेश की चार धर्म नगरियों में कुंभ जैसे मेले का आयोजन करने की योजना है। इसके लिए अलग-अलग धर्मनगरियों में विभिन्न नामों से कुंभ जैसा मेला आयोजित किया जाएगा।
विज्ञापन
यह अयोध्या में समरसता कुंभ, बनारस में सम-समावेशी कुंभ, वृंदावन में मातृशक्ति कुंभ व लखनऊ में युवा कुंभ के नाम से आयोजित होगा। इसमें विभिन्न प्रकर के धार्मिक, सांस्कृतिक व आधुनिकता को परिभाषित करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे कार्यक्रम का मकसद पर्यटकों को लुभाना व धार्मिक नगरियों की भव्यता व पौणाकिता को आमजन को रू-ब-रू कराना है।
अयोध्या में आयोजित होने वाला समरसता कुंभ के लिए प्रदेश सरकार ने डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर के रूप में पूरे कार्यक्रम का प्रोजेक्ट बनाने का जिम्मा सौंपा है। इसमें विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तैयारियों से जुटा है। विश्वविद्यालय की ओर से कई बड़े धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।
इसका प्रपोजल व बजट का आकलन संबंधी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। उम्मीद है कि समरसता कुंभ कम से कम 15 दिनों का होगा। इस दौरान श्रद्धालु इलाहाबाद में लगने वाले महाकुंभ से पूर्व अयोध्या में दर्शन-पूजन कर पुण्य कमाएंगे।
अविवि को योग्यता पर मिला नॉलेज पार्टनर बनने का मौका
वैसे अवध विश्वविद्यालय को समरसता कुंभ में नॉलेज पार्टनर बनने का मौका मिलना बड़ी उपलब्धि है। यह पहली बार हुआ है कि प्रदेश सरकार की ओर से पहली बार किसी में आयोजन में अवध विश्वविद्यालय की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इ
ससे पहले भी अवध विश्वविद्यालय दीपोत्सव व हैरिटेज वाक जैसे कई बड़े कार्यक्रम आयोजित कर चुका है, लेकिन इन कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय प्रशासन की सहभागिता सरकारी पैमाने पर कहीं नहीं थी। विश्वविद्यालय अपने अयोध्या प्रेम के कारण की विभिन्न कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेता था। इ
सका परिणाम यह होता था कि कभी-कभी स्थानीय प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की आंख भी देखनी पड़ती थी। परंतु इस बार प्रशासन ने साफ तौर पर विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर के रूप में स्वीकृत किया है। इससे विवि के प्रोफेसरों व कर्मचारियों में उत्साह है।
इलाहाबाद में लगने वाले महाकुंभ मेले से पूर्व प्रदेश सरकार ने पंचकुंभ लगाने की ठानी है। अयोध्या में समरसता कुंभ लगाने का प्रस्ताव है। इसमें विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर के रूप में स्वीकृति मिली है। इसका प्रपोजल बनाकर शासन को भेजा जा रहा है। विश्वविद्यालय की पूरी टीम समरसता कुंभ को भव्यता प्रदान करेगी।
- प्रोफेसर मनोज दीक्षित, कुलपति, अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद
विज्ञापन
मौजूदा समय अवध विश्वविद्यालय प्रशासन कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर रहा है। मेले के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आधुनिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार हो रही है। यह रिपोर्ट जल्द ही विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने धर्मनगरियों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना का खाका खींचा है। इसमें इलाहाबाद के मुख्य कुंभ मेले से पहले प्रदेश की चार धर्म नगरियों में कुंभ जैसे मेले का आयोजन करने की योजना है। इसके लिए अलग-अलग धर्मनगरियों में विभिन्न नामों से कुंभ जैसा मेला आयोजित किया जाएगा।
विज्ञापन
यह अयोध्या में समरसता कुंभ, बनारस में सम-समावेशी कुंभ, वृंदावन में मातृशक्ति कुंभ व लखनऊ में युवा कुंभ के नाम से आयोजित होगा। इसमें विभिन्न प्रकर के धार्मिक, सांस्कृतिक व आधुनिकता को परिभाषित करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे कार्यक्रम का मकसद पर्यटकों को लुभाना व धार्मिक नगरियों की भव्यता व पौणाकिता को आमजन को रू-ब-रू कराना है।
अयोध्या में आयोजित होने वाला समरसता कुंभ के लिए प्रदेश सरकार ने डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर के रूप में पूरे कार्यक्रम का प्रोजेक्ट बनाने का जिम्मा सौंपा है। इसमें विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तैयारियों से जुटा है। विश्वविद्यालय की ओर से कई बड़े धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।
इसका प्रपोजल व बजट का आकलन संबंधी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। उम्मीद है कि समरसता कुंभ कम से कम 15 दिनों का होगा। इस दौरान श्रद्धालु इलाहाबाद में लगने वाले महाकुंभ से पूर्व अयोध्या में दर्शन-पूजन कर पुण्य कमाएंगे।
अविवि को योग्यता पर मिला नॉलेज पार्टनर बनने का मौका
वैसे अवध विश्वविद्यालय को समरसता कुंभ में नॉलेज पार्टनर बनने का मौका मिलना बड़ी उपलब्धि है। यह पहली बार हुआ है कि प्रदेश सरकार की ओर से पहली बार किसी में आयोजन में अवध विश्वविद्यालय की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इ
ससे पहले भी अवध विश्वविद्यालय दीपोत्सव व हैरिटेज वाक जैसे कई बड़े कार्यक्रम आयोजित कर चुका है, लेकिन इन कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय प्रशासन की सहभागिता सरकारी पैमाने पर कहीं नहीं थी। विश्वविद्यालय अपने अयोध्या प्रेम के कारण की विभिन्न कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेता था। इ
सका परिणाम यह होता था कि कभी-कभी स्थानीय प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की आंख भी देखनी पड़ती थी। परंतु इस बार प्रशासन ने साफ तौर पर विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर के रूप में स्वीकृत किया है। इससे विवि के प्रोफेसरों व कर्मचारियों में उत्साह है।
इलाहाबाद में लगने वाले महाकुंभ मेले से पूर्व प्रदेश सरकार ने पंचकुंभ लगाने की ठानी है। अयोध्या में समरसता कुंभ लगाने का प्रस्ताव है। इसमें विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर के रूप में स्वीकृति मिली है। इसका प्रपोजल बनाकर शासन को भेजा जा रहा है। विश्वविद्यालय की पूरी टीम समरसता कुंभ को भव्यता प्रदान करेगी।
- प्रोफेसर मनोज दीक्षित, कुलपति, अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद