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...जब कोरोना संक्रमित व्यक्ति नजर आने पर दौड़े डॉक्टर

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2020 05:34 PM IST
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mock drill
मॉक ड्रिल करते विभाग के लोग - फोटो : AMAR UJALA
बदायूं। उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का कोरोना वार्ड शुक्रवार को एक ऐसे नजारे का साक्षी बन गया कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति जब भी अस्पताल पहुंचे, उसे किस तरह ट्रीट करते हुए भर्ती किया जाए। मॉकड्रिल की पूरी प्रक्रिया के दौरान अस्पताल में पहले से ही डॉक्टरों से लेकर स्वास्थ्य कर्मियों की टीम सजग नजर आई। जैसे ही एंबुलेंस अस्पताल कैंपस में पहुंची, स्वास्थ्य कर्मी उसकी ओर दौड़ पड़े। मरीज को भर्ती करने से लेकर इलाज की प्रक्रिया से भी स्वास्थ्य कर्मी रूबरू हुए। कोरोना संक्रमित व्यक्ति के इलाज की प्रक्रिया से जुड़ी मॉकड्रिल दोपहर में शुरू हुई।
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डॉ. शिवमोहन कमल और चिकित्साधीक्षक सुयश दीक्षित की अगुवाई में मॉकड्रिल का पहला सीन एंबुलेंस से मरीज का उतारकर सुरक्षित वार्ड तक पहुंचाने का रहा। डॉक्टरों समेत स्वास्थ्य कर्मियों की 50 सदस्यीय टीम के हरेक सदस्य को उसकी जिम्मेदारी के हिसाब से रूबरू कराया गया। पीपीई किट पहने स्वास्थ्य कर्मी ने मरीज को वार्ड में भर्ती करने के बाद उसका ब्लड सैंपल लेते वक्त सावधानियों को भी समझा।
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चिकित्साधीक्षक ने बताया कि मॉकड्रिल का मकसद स्वास्थ्य कर्मियों की टीम में शामिल प्रत्येक सदस्य को हकीकत के बारे में बताना था। टीम के सदस्यों को दो दिन पहले ही जिला अस्पताल में ट्रेनिंग दी गई थी। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुकुमार अग्रवाल ने भी मॉकड्रिल देखी। बता दें कि जिले में कोरोना संक्रमित लोग सामने आने पर उन्हें भर्ती करने के लिए उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 बेड के चार वार्ड बनाए गए हैं। इसमें डॉक्टरों समेत स्वास्थ्य कर्मियों को आठ-आठ घंटे की ड्यूटी करनी है।
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कोरोना संक्रमित की हालत बिगड़ी तो होगा मेडिकल कॉलेज रेफर उझानी : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोरोना संक्रमित व्यक्ति ही भर्ती होगा। कोरोना वार्ड के अस्तित्व में आने के बाद आइसोलेशन वार्ड पहले ही बंद हो चुका है। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि मरीज भर्ती किए जाने के बाद उसे पूरा इलाज मिलेगा लेकिन अगर उसकी हालत बिगड़ती है तो मरीज को रेफर कर राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में कोरोना के गंभीर रोगियों के इलाज की सुविधा रहेगी।
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