{"_id":"56dde5e24f1c1b05278b459f","slug":"painless-surgery-are-churning-scientist","type":"story","status":"publish","title_hn":"दर्द रहित शल्य चिकित्सा पर मंथन कर रहे वैज्ञानिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दर्द रहित शल्य चिकित्सा पर मंथन कर रहे वैज्ञानिक
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Tue, 08 Mar 2016 02:05 AM IST
विज्ञापन
आईवीआरआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं ऑल इंडिया नेटवर्क प्रोग्राम ऑन डायग्नोस्टिक इमेजिंग एंड मैनेजमेंट ऑफ सर्जिकल कंडीशंस इन एनीमल्स से प्रायोजित पांच दिनी प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। पशुओं में निश्चेतना नामक इस प्रशिक्षण में बिहार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पशु चिकित्सा अधिकारियों सहित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक डॉ. राजकुमार सिंह ने की। उन्होंने सलाह दी कि यहां की उपलब्धियां सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच प्रचारित करें। इससे पहले कम्पेडियम का लोकार्पण भी किया गया।
संयुक्त निदेशक (शोध) डॉ. बीपी मिश्रा ने कहा कि इस प्रशिक्षण का आयोजन फील्ड में कार्यरत पशु चिकित्सा अधिकारियों को इस विषय में शिक्षित करना है। कार्यक्रम की रूपरेखा शल्य चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमरपाल ने प्रस्तुत की। इस मौके पर डॉ. प्रकाश किंजवडेकर ने भी विचार रखे। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. अश्वथी गोपीनाथन रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक डॉ. राजकुमार सिंह ने की। उन्होंने सलाह दी कि यहां की उपलब्धियां सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच प्रचारित करें। इससे पहले कम्पेडियम का लोकार्पण भी किया गया।
विज्ञापन
संयुक्त निदेशक (शोध) डॉ. बीपी मिश्रा ने कहा कि इस प्रशिक्षण का आयोजन फील्ड में कार्यरत पशु चिकित्सा अधिकारियों को इस विषय में शिक्षित करना है। कार्यक्रम की रूपरेखा शल्य चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमरपाल ने प्रस्तुत की। इस मौके पर डॉ. प्रकाश किंजवडेकर ने भी विचार रखे। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. अश्वथी गोपीनाथन रहे।
विज्ञापन